Monthly Archives: April 2018

मिलर सूचकांक की परिभाषा क्या है miller indices in hindi

(miller indices in hindi) मिलर सूचकांक की परिभाषा क्या है : क्रिस्टल में क्रिस्टल तलों व अभिविन्यासो को व्यक्त करने के लिए एक process का इस्तेमाल किया जाता है जिसे हम miller indices (मिलर सूचकांक) कहते हैं। – माना क्रिस्टल की अक्ष a , b , c है , ये cell primitive या non primitive दोनों… Continue reading »

क्रिस्टलीय ठोस , अभाज्य कोष्ठिका , इकाई सेल crystal solid in hindi

( crystal solid in hindi ) क्रिस्टल संरचना : solids को पहचानने के लिए निम्न property का होना चाहिए – 1. hardness 2. Rigidity 3. Incompressibility ठोस दो प्रकार के होते है। 1. अक्रिस्टलीय ठोस 2. क्रिस्टलीय ठोस 1. अक्रिस्टलीय ठोस वे ठोस जिनकी संरचना निश्चित नहीं होती है अर्थात इनकी ज्यामिति periodic नहीं होती।  इस… Continue reading »

हाइड्रोजन बंध , वांडरवाल बंध hydrogen bond and wonderwall bond in hindi

(wonderwall bond in hindi ) वांडरवाल बंध : वान्डर वाल बल द्वारा atoms में उत्पन्न द्विध्रुव बल द्वारा बने bond को molecular बंध या वान्डरवाल बल कहते है। या वान्डरवाल बल के द्वारा polar अणु व ध्रुवित अणुओ द्वारा ध्रुवित अणुओ के मध्य लगने वाले बल के कारण बंध बनता है इसे हम वान्डर वाल बल कहते है।  (आण्विक… Continue reading »

सहसंयोजक बंध , धात्विक बंध Covalent bond & Metallic bond in hindi

सहसंयोजक बंध : दो atom द्वारा दो electrons की साझेदारी से एक बंध बनता है जिसे हम Covalent bond (सहसंयोजक बंध) कहते है। यह बंध weak होता है। – यह बंध केवल Antiparallel spin से बनता है। – covalent bond द्वारा बने क्रिस्टल को covalent crystal कहते है। उदाहरण – हीरा अभिलाक्षणिक गुण : (a)… Continue reading »

आयनिक बंध ionic bond definition in hindi

ionic bond definition in hindi (आयनिक बंध ) : Crystal binding : जब दो free atoms को पास पास लाया जाता है तो Interaction के कारण दोनों आपस में bond बनाकर एक द्रव्य का निर्माण करते है।  इसे हम सह्संजक उर्जा या binding energy कहते है। -अर्थात दो atoms को जोड़ने या अलग करने के… Continue reading »

आकाश का नीला रंग दिखाई देना blue appearance of sky in hindi

blue appearance of sky in hindi आकाश का नीला रंग दिखाई देना : हम प्रकाश का प्रकीर्णन पढ़ चुके है जिसके अनुसार वायुमण्डल में उपस्थित कण प्रकाश को अवशोषित करके उस प्रकाश को सभी दिशाओं में विसरित कर देते है।  विसरण की यह घटना कणों के आकार तथा प्रकाश के रंग की तरंगदैध्र्य पर निर्भर करती हैं। जब… Continue reading »

प्रकाश का प्रकीर्णन , कारण , रैले का नियम scattering of light & rayleigh’s law of scattering

scattering of light in hindi प्रकाश का प्रकीर्णन : हमारे चारों तरफ वायुमंडल में विभिन्न प्रकार के कण तथा गैसें उपस्थित होती है , जब कोई प्रकाश (उदाहरण सूर्य का प्रकाश ) वायुमण्डल में उपस्थित इन कणों पर आपतित होता है या गिरता है तो यह प्रकाश इन कणों द्वारा विभिन्न दिशाओं में परावर्तित (विसरित) कर… Continue reading »

प्रकाश का विक्षेपण dispersion of light in hindi

dispersion of light in hindi प्रकाश का विक्षेपण : श्वेत प्रकाश का अपने अवयवी रंगो के क्रम में वियोजित होने की घटना को प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहते है। श्वेत प्रकाश के अवयवी रंग VIBGYOR है यहाँ V = Violet =  बैंगनी I = Indigo = नील B = Blue = नीला G = Green = हरा Y = Yellow = पीला O = Orange = नारंगी R… Continue reading »

प्रिज्म तथा प्रिज्म द्वारा अपवर्तन , परिभाषा क्या है , सूत्र (Prism in hindi )

(Prism in hindi ) प्रिज्म तथा प्रिज्म द्वारा अपवर्तन , परिभाषा क्या है , सूत्र : वह आकृति जो दो समांगी माध्यम से अपवर्तक सतहों से किसी कोण पर झुके हो प्रिज्म कहलाती है। यहाँ पृष्ठ AB तथा AC को अपवर्तक पृष्ठ कहते है। पृष्ठ BC को आधार कहते है। ∠A को प्रिज्म कोण या अपवर्तक कोण… Continue reading »

लेंस से प्रतिबिम्ब निर्माण , नियम , उत्तल या अभिसारी लेंस , अवतल या अपसारी लेंस से प्रतिबिम्ब निर्माण

 (Image formation by lens in hindi) लेंस से प्रतिबिम्ब निर्माण : जब लेंसों के सामने रखी वस्तु अलग अलग स्थान पर स्थित है तो उनका प्रतिबिम्ब भी अलग अलग स्थान पर बनता है। लेंस उत्तल है या अवतल प्रतिबिम्ब निर्माण इस बात पर भी निर्भर करता है। अतः उत्तल या अवतल लेंस के सामने बिम्ब… Continue reading »