सहसंयोजक बंध , धात्विक बंध Covalent bond & Metallic bond in hindi

सहसंयोजक बंध : दो atom द्वारा दो electrons की साझेदारी से एक बंध बनता है जिसे हम Covalent bond (सहसंयोजक बंध) कहते है।

यह बंध weak होता है।

– यह बंध केवल Antiparallel spin से बनता है।

– covalent bond द्वारा बने क्रिस्टल को covalent crystal कहते है।

उदाहरण – हीरा

अभिलाक्षणिक गुण :

(a) भौतिक अवस्था : ये क्रिस्टल normal ताप पर liquid गैस state में होते परन्तु 4th ग्रुप के क्रिस्टल solid state में होते है।
(b) बंधन उर्जा : यह एक weak bond होता है जिसको तोड़ने के लिए कम energy की आवश्यकता होती है व ये क्रिस्टल soft होता है व B.P. व M.P भी कम होती है।
जिन क्रिस्टलो में सहसंयोजक बंध प्रबल होता है उनके लिए B.P. व M.P high होते है।
उदाहरण : हीरा , ग्रेफाइट आदि।
(c) spin : covalent बंध बनाने में electron की spin anti parallel होती है लेकिन ये highly दिशात्मक (directional) होते है।
(d) Magnetic properties (चुम्बकीय गुण) : ये क्रिस्टल प्रतिचुम्बकीय होते है अर्थात ये क्रिस्टल कुचालक होते है। (इनकी चालकता बहुत कम होती है। )
(e) Optical properties : ये क्रिस्टल high wavelength वाले प्रकाश के लिए transparent (पारदर्शी) व low wavelength वाले प्रकाश के लिए अपारदर्शी (opaque) होते है।

Metallic bond (धात्विक बंध) :

धात्विक बंध क्रिस्टल में atoms के covalent electrons नाभिक से ढीले बंधे होते है ये free electron lattice में स्थित धनायन से attract होकर interaction कर weak बंध बनाते है।  जिन्हें हम धात्विक बंध कहते है।

अभिलाक्षणिक गुण :

crystal में atoms के covalent electron bond पाए जाते है।
1. binding energy : धात्विक क्रिस्टल की B.E covalent crystal से कम व molecule crystal से अधिक होती है।
– केवल टंगस्टन एक ऐसी धातु है जिसकी B.E covalent crystal से अधिक होती है।
2. conductivity (चालकता) : free electrons अधिक होने के कारण electron atomic conductivity व thermal conductivity बहुत अधिक होती है।
ताप बढ़ाने पर चालकता कम हो जाती है।
3. धात्विक गुण : weak bond होने के कारण ये क्रिस्टल elastic , ductility (तन्यता) , malleability (आघात वर्धनीयता ) होते है।
4. M.P. व B.P. : इनके M.P. व B.P भी high होते है।
5. optical property : ये क्रिस्टल प्रकाश किरणों के लिए पारदर्शी होते है।
6. crystal structure : ये क्रिस्टल FCC , BCC , HCP संरचना में होते है।
उदाहरण : सभी धातु

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