Monthly Archives: April 2018

मैटेसोमैटिज्म और कायान्तरण के योगज प्रक्रम and Metamorphic minerals in hindi

मैटेसोमैटिज्म और कायान्तरण के योगज प्रक्रम : वि.एम. गोल्डश्मिर के अनुसार मैटेसोमैटिज्म परिवर्तन का ऐसा प्रक्रम है जिसमे मूल खनिजो एवं लाए गए पदार्थ की रासायनिक प्रतिक्रिया से नए पदार्थ की समृद्धि होती है। इस परिभाषा के अनुसार मैटेसोमैटिज्म का क्षेत्र ऐसे शैल परिवर्तनों तथा प्रतिस्थापनो तक ही सिमित है जो बाह्य उद्भव के विलयनो… Continue reading »

कायान्तरण के प्रकार Types of metamorphism in hindi

Types of metamorphism in hindi (कायान्तरण के प्रकार) : कायांतरण के मुख्य प्रकार निम्न है 1. अपदलनी कायान्तरण (cataclastic metamorphism) : कम तापक्रम एवं कम गहराई पर प्रतिबल द्वारा शैलो के संदलन तथा कणीभवन से अपदलनी कायान्तरण होता है।  इस कायान्तरण द्वारा केवल उन तलों को छोड़कर जिन पर बहुत अधिक मात्रा में संचलन हुआ… Continue reading »

कायान्तरित शैल metamorphism rocks in hindi

metamorphism rocks in hindi कायान्तरित शैल : ताप , दाब और रासायनिक वातावरण में परिवर्तनो से पूर्व निर्मित शैलो के खनिजो के भौतिक एवं रासायनिक संतुलन बदल जाते है।  खनिज नवीन स्थितियों के अनुकूल पुन: क्रिस्टलित या संतुलित होने का प्रयास करते है।  अधिक गहराई पर ताप , दाब और रासायनिक वातावरण में प्रमुख परिवर्तनों… Continue reading »

Salt dome in hindi (लवण गुम्बद)

(लवण गुम्बद) Salt dome in hindi : यह बड़े महत्व की रचना है।  इसके क्रोड में लवण होता है तथा अगल बगल में अवसादी शैल।  अधिकांश में यह लवण का गुम्बद घुस जाता है। यह अनेक स्थानों में पाया जाता है तथा टेक्सास , लुसियाना , कोलोरेडो इत्यादि। आकार तथा रूप : ये लवण गुम्बद कई… Continue reading »

Folds in hindi (वलन) , Elements of fold , Types of fold (वलन के प्रकार) 

(वलन) Folds in hindi : शैल संस्तरों में उत्पन्न मोड़ को वलन कहते है।  संचालनो के कारण शैल संस्तरो में उत्थान पतन होता रहता है।  जब यह उत्थान पतन अधिक होता है तो संस्तर मुड़ जाते है या उनमें मोड़ के समान रचना बन जाती है जिसे वलन कहा जाता है।  शैल संस्तरों में कलांतर… Continue reading »

पुरान्त: शायी , विदलन Outcrop , outlier and Inlier in hindi in geology

Outcrop , outlier and Inlier in hindi in geology : Outcrop : An “outcrop” is the area where the bed rock is exposed on the ground surface . outlier (पुरान्त: शायी ) चारों ओर से प्राचीन शिलाओं से घिरे हुए नए शैल समूह को पुरान्त:शायी कहा जाता है।  इनका निर्माण प्राय: अपरदन जनित पर्वतो के शीर्षो पर… Continue reading »

joints in hindi संधि in geology , वर्गीकरण , types

संधि (joints in hindi) in geology : जब किसी चट्टान पर किसी के द्वारा बलाधिकृत (तनाव बल) अथवा दाबीय फाॅर्स लगाया जाता है तो उसमे नियमित अथवा अनियमित दरारें बन जाती है।  ये दरारें उनके विकास से सम्बन्ध नहीं रखती है इन्हे “joint या संधि ” कहते है।  इनकी सतह सपार होती है। संधियाँ लगभग… Continue reading »

भ्रंश (faults in hindi ) , fault terminology , वर्गीकरण  

(faults in hindi ) भ्रंश : भ्रंश वे रचनाएँ है जिनके तल पर संस्तर के दो विभिन्न भाग एक दूसरे से दूर हट जाते है ऐसा सतह पर होने वाली क्रियाओं के कारण होता है। fault terminology Fault plane : वह तल जो किसी फ्रेक्चर के along गति करने पर बना है , भ्रंश तल कहलाता… Continue reading »

विषम विन्यास unconformity in hindi 

(unconformity in hindi ) विषम विन्यास : विषम विन्यास अपरदन की सतह है जो दो संस्तरों को विभाजित करती है।  विषम विन्यास  विकास कई स्तरों में होता है।  पहले पुराने शैल संस्तर निक्षेपित होते है फिर उत्थान होता है और फिर अपरदन होता है। इस प्रकार पुन: अवसादन शुरू होता है। विषम विन्यास का विकास विषम… Continue reading »