Category Archives: chemistry

इस्पात (steel) के प्रकार व उपयोगिता , Zn (जिंक) धातु के उपयोग , Cu (कॉपर) , Al (एल्युमिनियम) ,Fe के उपयोग 

(steel types and uses in hindi) इस्पात (steel) के प्रकार व उपयोगिता : इस्पात के प्रकार व उनकी उपयोगिता निम्न प्रकार है – स्टेनलेस स्टील – 73% Fe + 08% Ni + 18% Cr + 1% C है। इस्पात के उपयोग : ऑटोमोबाइल के पुर्जे , साइकिल , घडी , ब्लेड निर्माण के लिए। निकेल स्टील –… Continue reading »

शुद्ध एलुमिना (Al2O3) से Al (एल्युमिनियम) धातु का निष्कर्षण या हॉल हैरोल्ट प्रक्रम , ब्राडन विलयन से Cl2का निष्कर्षण

(hall heroult process in hindi) शुद्ध एलुमिना (Al2O3) से Al (एल्युमिनियम) धातु का निष्कर्षण या हॉल हैरोल्ट प्रक्रम : शुद्ध एलुमिना के अपचयन से Al धातु का निष्कर्षण करते है लेकिन इसका अपचयन कठिनाई से होता है। इसके दो कारण है – शुद्ध एलुमिना का गलनांक (2323K) बहुत अधिक होता है।  शुद्ध एलुमिना विद्युत का कुचालक… Continue reading »

Cu के अयस्क से Cu (कॉपर) धातु का निष्कर्षण , स्वत: अपचयन या बेसेमरीकरण (bessemerisation in hindi)

Cu के अयस्क से Cu धातु का निष्कर्षण :- मुख्य अयस्क – कॉपर पाइराइटीज (CuFeS2) Cu धातु का निष्कर्षण निम्न पदों में संपन्न होता है – 1. अयस्क का चूर्णीकरण :- जौ क्रेशर एवं स्टेम्प मील की सहायता से। 2. चूर्णित अयस्क का सान्द्रण :- झाग प्लवन विधि। 3. सान्द्रित अयस्क धातु ऑक्साइड में परिवर्तन… Continue reading »

Fe के अयस्क से Fe धातु का निष्कर्षण , वात्या भट्टी (blast furnace in hindi) , कच्चा लोहा , ढलवा ,पिटवा लोहा

Fe के अयस्क से Fe धातु का निष्कर्षण :- मुख्य अयस्क = हेमेटाइड (Fe2O3) इसका धातुकर्म निम्न पदों में संपन्न होता है – 1. अयस्क का चुर्णिकरण : जौ क्रेशर की सहायता से। 2. चूर्णित अयस्क का सान्द्रण : चुम्बकीय पृथक्करण विधि। 3. सांद्रित अयस्क का धातु ऑक्साइड में परिवर्तन : लोहे के सांद्रित अयस्क… Continue reading »

धातुकर्म का ऊष्मागतिक सिद्धान्त , एलिंघम आरेख , एलिघम आरेख के गुण व निष्कर्ष , एलिंघम आरेख की कमियां 

धातुकर्म का ऊष्मागतिक सिद्धान्त : धातुकर्मीय परिवर्तनों को समझने के लिए मानक गिन्ज ऊर्जा परिवर्तन (△G) एक महत्वपूर्ण पद है। △G को निम्न दो ऊष्मागतिक समीकरणों के आधार पर समझ सकते है। △G = -RT logK इस समीकरण के आधार पर साम्य स्थिरांक (K) का मान धनात्मक होने पर △G का मान ऋणात्मक होगा , इस स्थिति में धातुकर्मीय… Continue reading »

अपचयित धातु का शुद्धिकरण , द्रवीकरण / द्रव गलन परिष्करण (Liquation) , स्तंभ क्रोमैटोग्राफी Chromatography in Hindi

अपचयित धातु का शुद्धिकरण : धातु ऑक्साइडो के अपचयन से प्राप्त धातु पूर्णत: शुद्ध नहीं होती है अत: इसे कच्ची धातु (crude metal) कहते है। इसमें निम्न अशुद्धियाँ हो सकती है – अनअपचयित धातु ऑक्साइड की अशुद्धि धातुमल व गालक अनचायी धातुएँ अधातुएँ जैसे C , S , P , Si , As आदि। इन… Continue reading »

निक्षालन विधि / रासायनिक विधि : बेयर विधि , हॉल , सरपेक विधि , भर्जन (Roosting) , निस्तापन (calcination)

निक्षालन विधि / रासायनिक विधि : यह विधि Al , Ag व Au धातु अयस्को के सांद्रण में प्रयुक्त होती है। इस विधि में अशुद्ध धातु अयस्क को किसी उपयुक्त विलायक में घोलकर रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा धातु का सांद्रित अयस्क प्राप्त किया जाता है। जैसे : (a) बॉक्साइट से एलुमिना का निक्षालन : बॉक्साइट (Al2O3.2H2O)… Continue reading »

तत्वों का निष्कर्षण का सिद्धांत एवं प्रक्रम , धातु का निष्कर्षण / धातुकर्म (metallurgy in hindi)

तत्वों का निष्कर्षण का सिद्धांत एवं प्रक्रम : खनिज (Minerals) : ऐसे धातु एवं उनके यौगिक जो रेत , कंकड़-पत्थर एवं अन्य अशुद्धियो के साथ प्राकृतिक रूप में पाए जाते है तथा जिन्हें खनन प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है , खनिज कहलाते है। अयस्क (Ores) : ऐसे खनिज जिनसे धातु का निष्कर्षण कम खर्च… Continue reading »

स्वर्ण संख्या (Gold number) , कोलाइडो के उपयोग , डेल्टा निर्माण में , चर्मशोधन में , रक्तस्त्राव को रोकने

स्वर्ण संख्या (Gold number) : द्रव स्नेही कोलाइड (रक्षी कोलाइड) की मिलीग्राम में वह मात्रा जो 10 ml सोने के कोलाइडी विलयन का 10% NaCl के 1 ml से होने वाले स्कंदन को रोक दे , स्वर्ण संख्या कहलाती है। कुछ रक्षी कोलाइडो की स्वर्ण संख्या निम्न प्रकार है – 1. जिलेटिन – 0.005-0.31 2…. Continue reading »

स्कंदन की विधियाँ , हार्डी शुल्ज नियम (hardy schulze law in hindi) , रक्षी कोलाइड , इमल्सन या पायस 

उदाहरण 1 : Fe(OH)3 सॉल का निर्माण : FeCl3 के जल अपघटन से  Fe(OH)3 सॉल का निर्माण होता है इसमें Fe(OH)3 सॉल के कणों पर Fe3+ आयनों के अधिशोषण के कारण Fe(OH)3 का  धनात्मक कोलाइड बनेगा। FeCl3 + 3HOH → Fe(OH)3 + 3HCl Fe(OH)3 + Fe3+ → Fe(OH)3 Fe3+ उदाहरण 2 : Al(OH)3 सॉल का निर्माण : AlCl3 के जल अपघटन से  Al(OH)3 सॉल का निर्माण होता है इसमें Al(OH)3 सॉल के कणों पर Al3+ आयनों के अधिशोषण के… Continue reading »