Category Archives: chemistry

तेल और वसा की परिभाषा क्या है , उदाहरण , रासायनिक गुण , शुद्धता का निर्धारण का मान

यहाँ हम पढ़ेंगे वसा , तेल , अपमार्जक और संश्लेषित बहुलक क्या है , इनकी परिभाषा क्या है , इनके उदाहरण , संरचना चित्र इत्यादि (oil and fat in hindi) तेल व वसा : ग्लिसरोल एवं लम्बी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के एस्टर तेल व वसा कहलाते है। एस्टर निर्माण के समय ग्लिसरोल के तीनो… Continue reading »

ज्वीटर आयन , एम्फोलाइट क्या है , परिभाषा , सूत्र , समविभव बिन्दु isoelectric point in chemistry

zwitterion ion in hindi ज्वीटर आयन / एम्फोलाइट :  एमीनो अम्ल लवण के समान व्यवहार करते है , क्योंकि इनमे अम्लीय एवं क्षारीय दोनों समूह उपस्थित होते है। जलीय विलयन में -COOH समूह H+ त्यागकर एवं NH2 समूह H+ ग्रहण करके द्विध्रुवीय आयन का निर्माण करते है , जिसे ज्विटर आयन उदासीन स्पीशीज होता है परन्तु इसमें धनावेश व ऋणावेश दोनों… Continue reading »

अमीनो अम्ल क्या है , परिभाषा , प्रकार , amino acids in hindi , स्ट्रेकर संश्लेषण , गेब्रिल थैलिमाइड

(amino acids in hindi) अमीनो अम्ल : वे कार्बनिक यौगिक जिनके अणु में एमीनो (-NH2) एवं कर्बोक्सिलिक (-COOH) दोनों समूह उपस्थित होते है , अमीनो अम्ल कहलाते है। प्रोटीन के जल अपघटन से α अमीनो अम्लों का मिश्रण प्राप्त होता है , अत: α एमिनो अम्ल प्रोटीन की मूल संरचनात्मक इकाई होती है। अमीनो अम्ल के प्रकार (वर्गीकरण) (types of amino acids) 1. -NH2 व -COOH समूह… Continue reading »

carbohydrate in hindi , कार्बोहाइड्रेट या सैकेराइड क्या है , उदाहरण , नामकरण , प्रकार

कार्बोहाइड्रेट या सैकेराइड (carbohydrate in hindi ) : वे प्रकाशिक सक्रिय पोली हाइड्रोक्सी एल्डिहाइड एवं कीटोन अथवा वे पदार्थ जिनके जल अपघटन से पॉली हाइड्रोक्सी एल्डिहाइड व किटोन प्राप्त होते है।  कार्बोहाइड्रेट कहलाते हैं। ये कार्बन के हाइड्रेट होते है इन्हें सैकेराइड भी कहा जाता हैं। सामान्य सूत्र = Cx(H2O)y नोट : 1. कुछ यौगिक जैसे फार्मेल्डिहाइड ,… Continue reading »

इण्डोल / बेन्जो पिरॉल / बेंजेजॉल क्या है , क्विनोलिन / बेंजेजीन रासायनिक गुण , अभिक्रिया /संश्लेषण

(indole and quinoline in hindi) इण्डोल / बेन्जो पिरॉल / बेंजेजॉल : बनाने की विधियाँ : 1 फिसर इण्डोल संश्लेषण : यह इण्डोल संश्लेषण की महत्वपूर्ण विधि है , इसमें ZnCl2 , BF3 , H2SO4 आदि उत्प्रेरक की उपस्थिति एल्डिहाइड या कीटोन की अभिक्रिया फेनिल हाइड्रेजीन के साथ करायी जाती है तो इण्डोल व्युत्पन्न प्राप्त होता है… Continue reading »

पिरिडीन क्या है , परिभाषा , संरचना , ऐरोमैटिकता , रासायनिक गुण , नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया 

(pyridine in hindi ) पिरिडीन : अणुसूत्र = C5H5N  IUPAC नाम  : एजीन पिरिडीन की संरचना निम्न है –  बनाने की विधियाँ – 1. एसिटिलीन द्वारा : एसीटिलीन व HCN मिश्रण को Fe की लाल तप्त नलिका से प्रवाहित करने पर पिरिडीन बनता है।  2. टेट्रा हाइड्रो फर्फयुरल एल्कोहल : इसको उच्च ताप पर अमोनिया के साथ गर्म करने पर पिरिडीन बनता… Continue reading »

थायोफीन , बनाने की विधियाँ , थायोफिन की संरचना एवं एरोमैटिकता , गुण , बर्च अपचयन , डील्स एल्डर

(thiophene in hindi) थायोफीन : IUPAC नाम = थायोल थायोफिन बनाने की विधियाँ : 1. एसिटिलीन व हाइड्रोजन सल्फाइड की अभिक्रिया से। 2. पॉल नॉर संश्लेषण। 3. हिन्सबर्ग अभिक्रिया द्वारा। 4. फ्यूरेन द्वारा। 5. 1,3 ब्यूटाडाईइन द्वारा : 1,3 ब्यूटाडाईइन को सल्फर के साथ गर्म करने पर थायोफिन बनती है। 6. ब्यूटेन द्वारा : n-ब्यूटेन… Continue reading »

फ्यूरेन (furan in hindi ) , फ्युरेन की संरचना एवं एरोमैटिकता , अणुकक्षक संरचना , अभिक्रिया ,उदाहरण 

 (furan in hindi ) फ्यूरेन : IUPAC name = ऑक्सोल बनाने की विधियाँ : 1. म्यूसिक अम्ल : म्युसिक अम्ल के शुष्क आसवन से फ्यूराइक अम्ल बनता है जिसे Cu चूर्ण के साथ गर्म करने पर फ्युरेन बनता है। 2. एल्डोपेन्टोज द्वारा 3. पॉल नॉर संश्लेषण 4. फीस्ट बैनरी संश्लेषण : α क्लोरो कीटोन की अभिक्रिया β कीटो एस्टर के… Continue reading »

पिरोल के रासायनिक गुण , पिरॉल की एरोमेटिक इलेक्ट्रॉन स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया के उदाहरण 

pyrrole chemical properties in hindi पिरोल के रासायनिक गुण : 1. क्षारीय गुण : पिरोल एक दुर्बल क्षार की भांति व्यवहार करता है , इसका क्षारीय गुण N पर स्थित loan pair के कारण होता है। N का loan pair चक्रीय अनुनाद में भाग लेता है , इस कारण यह प्रोटोनोनिकरण के लिए आसानी से उपलब्ध… Continue reading »

विषम चक्रीय यौगिक ,पिरोल क्या है , परिभाषा , संरचना , एरोमैटिकता , पिरॉल की अणुकक्षक संरचना  

heterocyclic compound in hindi विषम चक्रीय यौगिक : वे स्थायी चक्रीय यौगिक जिनकी वलय में कम से कम 1 विषम परमाणु N , O ,S उपस्थित हो एवं यौगिक ऐरोमैटिक हो , विषम चक्रीय यौगिक कहलाते हैं। उदाहरण : पिरॉल , फ्यूरेन , थायोफीन , पिरिडीन। 1. पिरोल (pyrrole) : IUPAC = एजोल बनाने की… Continue reading »