Monthly Archives: June 2019

पिंजरा प्रणाली के द्वारा मुर्गी पालन (poultry cage system) , कुक्कुड आहार , मुर्गी पालन के रोग , मुर्गी प्रजातियाँ 

(poultry cage system in hindi) पिंजरा प्रणाली के द्वारा मुर्गी पालन : सामान्यतया व्यवसायिक स्तर पर मुर्गी पालन हेतु पिंजरा तथा deep litter system का उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में मुर्गी पालन हेतु पिन्जरा प्रणाली का अधिक उपयोग किया जा रहा है क्योंकि इसके उपयोग से निम्न लाभ होते है – उपरोक्त प्रणाली… Continue reading »

कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन (poultry farming in hindi) , अंडो का स्फुटन तथा ऊष्मायन (incubation and hatching)

(poultry farming in hindi) कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन : अन्डो तथा मांस के उत्पादन हेतु विभिन्न प्रकार के पक्षियों को पालने की क्रिया कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन कहलाता है। मुर्गी पालन के अंतर्गत माँस के उत्पादन हेतु पाली जाने वाली मुर्गियों की प्रजातियां Broilers कहलाती है।  वही मुर्गियों की ऐसी प्रजातियाँ जिन्हें अंडो के उत्पादन… Continue reading »

मत्स्य पालन (fisi culture in hindi) , मत्स्य की प्रजातियाँ , स्फुटन , मछलियों को पकड़ने की विधियाँ 

(fisi culture in hindi) मत्स्य पालन : व्यावसायिक रूप से मछली को पालना मत्स्य पालन कहलाता है। मछलियों के अतिरिक्त कुछ अन्य जलीय जीव जैसे Proum lobester तथा मोलस्क को पालना या संवर्धित करना जल कृषि कहलाता है। मछली को एक सम्पूर्ण आहार के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि इसे प्रोटीन का एक… Continue reading »

मधुमक्खी पालन , beekeeping in hindi , रानी मक्खी , नर मक्खी / ड्रोन मक्खी , श्रमिक मधुमक्खी

(beekeeping in hindi) मधुमक्खी पालन : शहद तथा मोम की प्राप्ति हेतु मधुमक्खियो का व्यावसायिक पालन मधुमक्खी पालन कहलाता है।  इसे Apiculture या मोनापालन के नाम से भी जाना जाता है। मधुमक्खी पालन के अन्तर्गत पाली जाने वाली मधुमक्खी आर्थो पोड़ा वर्ग के Inseuta वर्ग की सदस्य है। मधुमक्खी के द्वारा बहुरूपिता दर्शायी जाती है… Continue reading »

रेशम कीट की परिभाषा , रेशमकीट पालन क्या है , जीवन चक्र , रेशम कीट के लार्वा का नाम , silkworm in hindi

प्राणियों का घरेलुकरण : रेशमपालन (seri culture) : रेशम की प्राप्ति हेतु रेशम के कीट को पालने की क्रिया रेशम पालन या रेशम कीट पालन कहलाता है। रेशम के धागे की खोज सर्वप्रथम 2697 BC में K.wang Ti के द्वारा प्रदेश की महारानी Lotzu के लिए की। भारत में इसकी खोज leproy के द्वारा सन 1905… Continue reading »

फसल चक्र , crop rotation , फसल चक्र के प्रमुख उदाहरण , जैव पीडकनाशी तथा कीटनाशी , Bacillus Thuringiensis

crop rotation (फसल चक्र) : एक खेत में प्रतिवर्ष बदल बदलकर फसल बौने का प्रक्रम फसल चक्र या क्रॉप रोटेशन कहलाता है। सामान्यत: निम्न कारणों से फसल चक्र अत्यधिक आवश्यक है – (A) एक खेत में लगातार एक प्रकार की फसल उत्पन्न करने से किसी एक विशिष्ट पोषक तत्व की या खनिज की कमी हो… Continue reading »

कार्बनिक खाद्य , मिश्रित कृषि (Mixed farming) , mixed cropping in hindi

कार्बनिक खाद्य : भारत में कार्बनिक अपशिष्ट पदार्थ अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध होते है , यह पदार्थ सामान्यत: घरेलु अपशिष्ट , शहरी अपशिष्ट , वाहित मल , पशुओं का मल मूत्र , हड्डियों का चुरा आदि कार्बनिक अपशिष्ट कहलाते है। उपरोक्त कार्बनिक अपशिष्ट को सूक्ष्म जीवों की सहायता से जैविक अपघटन करवाया जा सकता है… Continue reading »

प्रतीक : विद्युत परिपथ आरेख में प्रयुक्त विभिन्न प्रतीक , device symbols used in electric circuit in hindi

विधुत परिपथ  विधुत परिपथ जो की अलग अलग विधुत अवयव तथा संयोजी तारों से मिलकर बनता है। आरेख जो की विधुत धारा के पूर्ण प्रवाह को को दर्शाता है को विधुत परिपथ या विधुत परिपथ आरेख कहते हैं। विधुत परिपथ जो की अलग अलग अवयव जैसे की एक सेल अथवा एक बैटरी, एक प्लग कुंजी… Continue reading »

ओम का नियम , ohm’s law in hindi , ओम के नियम का विभिन्न व्यंजक , ओम के नियम की व्याख्या

(ohm’s law in hindi) ओम का नियम  1827 में जार्ज साईमन ओम जो कि एक भौतिक विज्ञानी तथा गणितज्ञ थे, ने किसी तार में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा (I) तथा उसके सिरों के बीच विभवांतर (V) के बीच परस्पर संबंध का पता लगाया। इस संबंध को ही ओम का नियम कहते है। ओम के… Continue reading »

प्रतिरोधक, सुचालक तथा अवरोधक , प्रतिरोध या प्रतिरोधकता का कारण , कुचालक तथा अवरोधक 

एक समान मोटाई वाले किसी भी चालक का प्रतिरोध उसकी लम्बाई (l) के समानुपाती होता है तथा उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (A) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। R∝l ——(1) तथा R∝1/A ——(2) समीकरण (1) तथा (2) से R∝l/A R = ρl/A —-(3) जहाँ ρ एक स्थिरांक है जिसे चालक के पदार्थ की विधुत प्रतिरोधकता कहते… Continue reading »