Monthly Archives: June 2019

electroencephalography  (EEG) in hindi , ct scanning (CT स्कैनिंग) , MRI (एम आर आई)

electroencephalography  (EEG) in hindi : चिकित्सा के क्षेत्र में मस्तिष्क से निष्कासित विभिन्न विद्युत तरंगे या विद्युत सक्रियता को मापने हेतु उपयोग किया जाने वाला उपकरण electro encephalo graphy (EEG) कहलाता है। सन 1875 में sutton नाम वैज्ञानिक ने उद्भाषित मस्तिष्क की विद्युत सक्रियता की खोज की। सन 1929 में Hans Barger नाम वैज्ञानिक ने… Continue reading »

erythrocyte sedimentation rate (ESR) रक्ताणु अवसादन दर , ECG (electro cardio gram) electrocardiography

रक्ताणु अवसादन दर erythrocyte sedimentation rate (ESR) : चिकित्सा के क्षेत्र में रक्त में पाए जाने वाले रक्ताणु या रक्त कोशिकाओं के अवसादन की दर को ज्ञात करने की क्रिया रक्ताणु अवसादन दर के नाम से जानी जाती है। इस दर को ज्ञात करने हेतु सामान्यत: दो विधियों का उपयोग किया जाता है जो निम्न है… Continue reading »

जैव चिकित्सा तकनीके (bio medical technologies in hindi) , रक्त की जाँच , हीमोग्लोबिन की जाँच

(bio medical technologies in hindi) जैव चिकित्सा तकनीके : प्रश्न : जैव चिकित्सा तकनीक किसे कहते है ? उत्तर : ऐसी तकनीक या तकनीकों का समूह जिनकी सहायता से शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों का पता लगाया जा सके , जैव चिकित्सा तकनीक के नाम से जानी जाती है। सामान्यत: एक… Continue reading »

लाख किट संवर्धन (lac culture in hindi) , लाख कीट की प्रमुख विशेषताएँ  , लाख के प्रकार , सरोपण अथवा प्रतिरोपण

लाख किट संवर्धन (lac culture in hindi) : लाख के उत्पादन हेतु लाख के कीटों को पालने की क्रिया लाख संवर्धन के नाम से जानी जाती है। सम्पूर्ण विश्व का लगभग 80% लाख भारत के द्वारा उत्पादित किया जाता है तथा भारत के द्वारा उत्पादित किये जाने वाले लाख का लगभग 90% निर्यात किया जाता… Continue reading »

पिंजरा प्रणाली के द्वारा मुर्गी पालन (poultry cage system) , कुक्कुड आहार , मुर्गी पालन के रोग , मुर्गी प्रजातियाँ 

(poultry cage system in hindi) पिंजरा प्रणाली के द्वारा मुर्गी पालन : सामान्यतया व्यवसायिक स्तर पर मुर्गी पालन हेतु पिंजरा तथा deep litter system का उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में मुर्गी पालन हेतु पिन्जरा प्रणाली का अधिक उपयोग किया जा रहा है क्योंकि इसके उपयोग से निम्न लाभ होते है – उपरोक्त प्रणाली… Continue reading »

कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन (poultry farming in hindi) , अंडो का स्फुटन तथा ऊष्मायन (incubation and hatching)

(poultry farming in hindi) कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन : अन्डो तथा मांस के उत्पादन हेतु विभिन्न प्रकार के पक्षियों को पालने की क्रिया कुक्कुट पालन या मुर्गी पालन कहलाता है। मुर्गी पालन के अंतर्गत माँस के उत्पादन हेतु पाली जाने वाली मुर्गियों की प्रजातियां Broilers कहलाती है।  वही मुर्गियों की ऐसी प्रजातियाँ जिन्हें अंडो के उत्पादन… Continue reading »

मत्स्य पालन (fisi culture in hindi) , मत्स्य की प्रजातियाँ , स्फुटन , मछलियों को पकड़ने की विधियाँ 

(fisi culture in hindi) मत्स्य पालन : व्यावसायिक रूप से मछली को पालना मत्स्य पालन कहलाता है। मछलियों के अतिरिक्त कुछ अन्य जलीय जीव जैसे Proum lobester तथा मोलस्क को पालना या संवर्धित करना जल कृषि कहलाता है। मछली को एक सम्पूर्ण आहार के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि इसे प्रोटीन का एक… Continue reading »

मधुमक्खी पालन , beekeeping in hindi , रानी मक्खी , नर मक्खी / ड्रोन मक्खी , श्रमिक मधुमक्खी

(beekeeping in hindi) मधुमक्खी पालन : शहद तथा मोम की प्राप्ति हेतु मधुमक्खियो का व्यावसायिक पालन मधुमक्खी पालन कहलाता है।  इसे Apiculture या मोनापालन के नाम से भी जाना जाता है। मधुमक्खी पालन के अन्तर्गत पाली जाने वाली मधुमक्खी आर्थो पोड़ा वर्ग के Inseuta वर्ग की सदस्य है। मधुमक्खी के द्वारा बहुरूपिता दर्शायी जाती है… Continue reading »

रेशम कीट की परिभाषा , रेशमकीट पालन क्या है , जीवन चक्र , रेशम कीट के लार्वा का नाम , silkworm in hindi

प्राणियों का घरेलुकरण : रेशमपालन (seri culture) : रेशम की प्राप्ति हेतु रेशम के कीट को पालने की क्रिया रेशम पालन या रेशम कीट पालन कहलाता है। रेशम के धागे की खोज सर्वप्रथम 2697 BC में K.wang Ti के द्वारा प्रदेश की महारानी Lotzu के लिए की। भारत में इसकी खोज leproy के द्वारा सन 1905… Continue reading »

फसल चक्र , crop rotation , फसल चक्र के प्रमुख उदाहरण , जैव पीडकनाशी तथा कीटनाशी , Bacillus Thuringiensis

crop rotation (फसल चक्र) : एक खेत में प्रतिवर्ष बदल बदलकर फसल बौने का प्रक्रम फसल चक्र या क्रॉप रोटेशन कहलाता है। सामान्यत: निम्न कारणों से फसल चक्र अत्यधिक आवश्यक है – (A) एक खेत में लगातार एक प्रकार की फसल उत्पन्न करने से किसी एक विशिष्ट पोषक तत्व की या खनिज की कमी हो… Continue reading »