Monthly Archives: June 2019

चतुष्फलकीय रिक्ति , अष्टफलकीय रिक्ति , चतुष्फलकीय रिक्तियाँ , अष्ट फलकीय रिक्तियां Tetrahedral voids in hindi

1. एक परत पर दूसरी परत रखना : इस संकुलन में द्विविमीय षट्कोणीय निबिड़तम संकुलित प्रथम परत पर दूसरी परत को इस प्रकार से रखते है कि दूसरी परत के गोले प्रथम परत के अवनमनों में समा जाए , इस प्रकार इसमें दो तरह की रिक्तियों का निर्माण होता है – (i) चतुष्फलकीय रिक्ति (Tetrahedral… Continue reading »

घनीय एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या ज्ञात करना , अवयवी कणों के मान , निबिड़ संकुलन (close packing)

अवयवी कणों के मान : 1. केन्द्र पर : घनीय एकक कोष्ठिका के केंद्र पर उपस्थित कण किसी अन्य एकक कोष्ठिका द्वारा सहभाजित नहीं होता , अत: एक एकक कोष्ठिका के केन्द्र पर उपस्थित कण का मान एक होगा। 2. फलक पर : घनीय एकक कोष्ठिका के फलक पर उपस्थित कण दो एकक कोष्ठिकाओ द्वारा… Continue reading »

द्विसमलम्बाक्ष , विषमलम्बाक्ष , घनीय क्रिस्टल तंत्र , षट्कोणीय , एकनताक्ष , त्रिसमनताक्ष (त्रिकोणी) , त्रिनताक्ष

क्रिस्टल जालक (crystal lattice in hindi) : क्रिस्टलीय ठोस में अवयवी कणों के त्रिविमिय विन्यास में नियमित रूप से व्यवस्थित होने से जिस संरचना का निर्माण होता है उसे क्रिस्टल जालक कहते है। क्रिस्टल जालक में अवयवी कण अणु , परमाणु , या आयन हो सकते है। क्रिस्टल जालक में अवयवी कणों को छोटे छोटे… Continue reading »

आण्विक ठोस , आयनिक ठोस , धात्विक , सहसंयोजक / नेटवर्क ठोस , हाइड्रोजन बंध आण्विक ठोस , ध्रुवीय , अध्रुवीय

ठोस अवस्था : सामान्यत: पदार्थ की तीन अवस्थाएं होती है – 1 ठोस अवस्था 2. द्रव अवस्था 3. गैस अवस्था ठोस अवस्था : पदार्थ की वह अवस्था जिसमे अवयवी कण प्रबल अंतराआण्विक आकर्षण बलों द्वारा निकटतम संतुलित अवस्था में रहते है , ठोस अवस्था कहलाती है। ठोस के गुण ठोस का आकार , आयतन व… Continue reading »

किण्वन (fermentation in hindi) , किण्वन क्या है , परिभाषा , प्रकार , किण्वन क्रिया तथा श्वसन क्रिया में अंतर

ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित प्य्रुविक अम्ल का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में विघटन : glycolysis से निर्मित होने वाले pyruvic acid का ऑक्सीजन (O2) की अनुपस्थिति में सर्वप्रथम किण्वन की क्रिया के द्वारा एसीटैल्डिहाइड का निर्माण होता है। किण्वन की इस क्रिया को Decarboxylation के नाम से भी जाना जाता है।  एसीटैल्डिहाइड के निर्मित होने के साथ… Continue reading »

electron transport chain  (ETC) in hindi , इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट सिस्टम या चैन , Kreb cycle का महत्व 

Kreb cycle का चित्रित निरूपण : माइटोकॉण्ड्रिया के आधारी भाग में kreb चक्र के पूर्ण होने पर एक पायरूविक अम्ल के उपयोग किये जाने पर 3 अणु कार्बन डाइ ऑक्साइड के निर्मित होते है तथा एक ग्लूकोज के अणु के ग्लाइकोलाइसिस से 2 अणु प्य्रुविक अम्ल निर्मित होते है अत: एक ग्लूकोज के अणु के… Continue reading »

ग्लाइकोलाइसिस : ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित Pyruvic acid का भविष्य , Kreb cycle / Tricarboxylic acid (TCA) चक्र / सिट्रिक अम्ल (CA) चक्र 

कोशिका द्रव्य में संपन्न होने वाले ग्लाइकोलाइसिस (glycolysis) का सार : ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया के फलस्वरूप 6 कार्बन वाले एक ग्लूकोज के अणु से 3 कार्बन वाले दो Pyruvic acid के अणु का निर्माण होता है। glycolysis (ग्लाइकोलाइसिस) की क्रिया के अंतर्गत फास्फोरिलीकरण की क्रिया के द्वारा UATP का निर्माण होता है परन्तु निर्मित चार… Continue reading »

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि , aerobic respiration process in hindi , Glycolysis / EMP pathway

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि : पादपों में संपन्न होने वाले श्वसन की ऐसी विधि जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में हो ऑक्सी श्वसन कहलाती है। इस प्रकार का श्वसन क्रियाधार के रूप में मुख्यतः कार्बोहाइड्रेट का उपयोग करता है , परन्तु इसकी अनुपस्थिति में प्रोटीन तथा वसा का भी उपयोग किया जाता है। इस क्रिया के दौरान… Continue reading »

श्वसन (respiration in hindi) , ऑक्सी / वायु श्वसन , अनऑक्सी श्वसन / अवायु श्वसन , अन्तर , respiration takes place in

श्वसन (respiration) : पादपों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया संपन्न होने पर कार्बोहाइड्रेट नामक जटिल कार्बनिक पदार्थो का निर्माण होता है। निर्मित जटिल कार्बनिक पदार्थो को ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति में सरल पदार्थो में विघटित करने की क्रिया श्वसन कहलाती है तथा श्वसन की क्रिया के फलस्वरूप ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। सजीवों में… Continue reading »

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) , प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक , सिद्धांत

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) : सामान्यत: पादपों के प्रकाश संश्लेषी भागो में प्रकाश की उपस्थिति में सामान्य श्वसन के अतिरिक्त संपन्न होने वाला ऐसा श्वसन जिसमे ऑक्सीजन के द्वारा कार्बनिक यौगिक का ऑक्सीकरण किया जाए परन्तु ऊर्जा का उत्पादन नहीं हो तथा कार्बन डाइ ऑक्साइड भी विमुक्त हो , प्रकाश श्वसन कहलाता है। या… Continue reading »