Category Archives: geography

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ग्रेट लैक्स के विकास की अवस्थाएँ क्या हैं , ग्रेट लेक्स किन समूह का नाम है , महान झील प्रदेश की पांच झीलों के नाम

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महान झील प्रदेश की पांच झीलों के नाम ग्रेट लैक्स के विकास की अवस्थाएँ क्या हैं , ग्रेट लेक्स किन समूह का नाम है ? ग्रेट लैक्स के विकास की अवस्थाएँ – विभिन्न साक्ष्यों तथा अध्ययनों के आधार पर ग्रेट लेक्स के विकास में 7 अवस्थाओं का प्रतिपादन किया गया है: प्रथम अवस्था – सर्वाधिक हिम-प्रसार के समय हिमचादर का विस्तार, मिसीसीपी तथा सेण्ट लारन्स के मध्य जलविभाजक के दक्षिण तक हो गया था। हिमचादर के अप्रभागों से निकले हुए जल का निकास मिसीसीपी प्रवाह क्रम से होकर मध्यवर्ती निम्न […]

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क्वाटरनरी किसे कहते हैं , QUATERNARY IN HINDI | उत्तर-हिमकाल में जलवायु क्या है , Climate in the Post Glacial Period

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Climate in the Post Glacial Period in hindi क्वाटरनरी किसे कहते हैं , QUATERNARY IN HINDI | उत्तर-हिमकाल में जलवायु क्या है ? क्वाटरनरी भू-आकारिकी (QUATERNARY GEOMORPHOLOGY) आज से लगभग 1 मिलियन (10 लाख) वर्ष पूर्व सेनोजोइक काल में क्वाटरनरी श्युग का प्रारम्भ हुआ तथा आज तक इसका आस्तित्व विद्यमान है। इस युग के अन्तर्गत सामान्यतः प्लीस्टोसीन एवं होलोसीन (उत्तर-हिमानी काल) को सम्मिलित किया जाता है। प्लीस्टोसीन काल में जलवायु में अत्यधिक परिवर्तन हुआ था। इस प्लीस्टोसीन जलवायु परिवर्तन के विषय में विभिन्न आधारों, जैसे रूपराग विश्लेषण, कार्बन डेटिंग, आइसोटोप […]

ANTHROPOGENIC GEOMORPHOLOGY in hindi मानवजनिक भूआकारिकी क्या है , अपवाह बेसिन को प्रभावित करने वाले घटक

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अपवाह बेसिन को प्रभावित करने वाले घटक ANTHROPOGENIC GEOMORPHOLOGY in hindi मानवजनिक भूआकारिकी क्या है किसे कहते हैं , परिभाषा अर्थ बताइए ? मानवजनिक भू-आकारिकी (ANTHROPOGENIC GEOMORPHOLOGY) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में मानवजनिक भूआकारिकी का महत्व बढ़ गया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में तीव्र गति से प्रगति करने के कारण मानव का महत्व बढ़ा है। वर्तमान समय में मनुष्य प्राकृतिक भ्वाकृतिक प्रक्रमों की तुलना में धरातलीय सतह से कई गुना तेज गति से परिवर्तन करने में समर्थ हो गया है। श्मानवजनिक भूआकारिकीश् की अवधारणा प्राकृतिक भूआकृतिक प्रक्रमों उदाहरणतः जलीय […]

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भारतीय थार मरुस्थल की स्थलाकृति क्या है , भारतीय मरुस्थल के निर्माण का मुख्य कारण लिखिए , को समझाइए

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भारतीय मरुस्थल के निर्माण का मुख्य कारण लिखिए , को समझाइए भारतीय थार मरुस्थल की स्थलाकृति क्या है ? भूआकृति थार मरुस्थल में स्थलरूपों के जनन का भूआकृतिक इतिहास क्वाटरनरी युग से सम्बन्धित समय जलवायु में कई बार आर्द्र एवं शुष्क दशाओं में उतार-चढ़ाव हुआ है। थार मरुस्थल बारे में निम्न प्रकार से वर्णन हैं कि वर्तमान काल से लगभग 40,000 वर्ष पूर्व थार मरुस्थल वर्तमान की तलना में अधिक आर्द्र था जिस समय अरावली श्रेणियों के पश्चिमी ढालों से निकलने वाली नटियर नागौर-जोधपुर-पाली-जालौर-सिरोही मैदान पर व्यवस्थित लूनी अपवाह तंत्र […]

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भूआकृतिक प्रदेश क्या हैं , भू-आकृति प्रक्रिया किसे कहते हैं , भारत में भूमि पर विभिन्न प्रकार की भू आकृतियों में मैदान भू क्षेत्र कितने प्रतिशत है

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भारत में भूमि पर विभिन्न प्रकार की भू आकृतियों में मैदान भू क्षेत्र कितने प्रतिशत है भूआकृतिक प्रदेश क्या हैं , भू-आकृति प्रक्रिया किसे कहते हैं भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग कौन से हैं हिमालय क्षेत्र की भू आकृति का वर्णन कीजिए ? भूआकृतिक प्रदेश :  द. पू. छोटानागपुर पहाड़ी उच्चभाग है जिस पर बिखरी पहाड़ियों, घाटियों, वानच्छादित पर्वत श्रेणियों, ऊबड़-खाबड़ एवं समतल सतह वाली विस्तृत नदी बेसिनों का समूह पाया जाता है। धरातलीय विशेषताओं, निरपेक्ष एवं सापेक्षिक उच्चावच्च, औसत ढाल, घर्षण सूचकांक आदि के आधार द.पू. छोटानागपुर प्रदेश को […]

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कुमायूं हिमालय किन नदियों के बीच स्थित है , हिमालय का प्रादेशिक विभाजन map kumaon himalayas lies between which two rivers in hindi

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kumaon himalayas lies between which two rivers in hindi कुमायूं हिमालय किन नदियों के बीच स्थित है , हिमालय का प्रादेशिक विभाजन map ? प्रादेशिक भूआकारिकी – भारत (REGIONAL GEOMORPHOLOGY & INDIA) भूआकृति विज्ञान में प्रादेशिक भूआकृति के अंर्तगत धरातल के वृहद, मध्यम व लघुस्तरीय स्थानिक मापक वाले प्रदेशों को सम्मिलित किया जाता है। वृहद्स्तरीय स्थानिक मापक पर वृहद् प्रदेशों (यथा-सम्पूर्ण महाद्वीप तथा कभी-कभी अपरदन सतहों के अध्ययन के लिए संपूर्ण भूमण्डल) की भूआकारिकी के अध्ययन को मेगा आकारिकी कहते हैं तथा महाद्वीपों के विभिन्न भ्वाकृतिक प्रदेशों या एक ही […]

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व्यवहारिक भू-आकारिकी के महत्व को समझाइए , की प्रकृति का वर्णन करें , आपदा में अनुप्रयोग APPLIED GEOMORPHOLOGY

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APPLIED GEOMORPHOLOGY in hindi व्यवहारिक भू-आकारिकी के महत्व को समझाइए , की प्रकृति का वर्णन करें , आपदा में अनुप्रयोग ?  व्यवहारिक भू-आकारिकी (APPLIED GEOMORPHOLOGY) भू-आकति विज्ञान पृथ्वी पर के विभिन्न भू-आकृतियों का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तत करता है। ये भू-आकृतियाँ इतनी विविध और व्यापक है कि यदि सूक्ष्म दृष्टि से इनका अध्ययन किया जाये, तो मनुष्य के तमाम रचनात्मक कार्यों पर इनका प्रभाव स्पष्ट हो जायेगा। थार्नबरी कहते हैं। ‘‘इंजीनियरिंग के विविध पहलुओं और भूगर्भिक कार्यों में संलग्न किसी भी व्यक्ति का भूआकृतियों से सामना होना एक सामान्य बात है।” […]

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