Category Archives: Biology

11th class biology notes

अलैंगिक जनन , फाइकोमाइसिटीज  , एस्कोमाइसिटीज , बेसिडियोमाइसिटीज , ड्यूटिरोमाइसिटीज 

(phycomycetes and zygomycetes in hindi) अलैंगिक जनन : लैंगिक जनन समयुग्मी या विषम युग्मी प्रकार का होता है। लैंगिक जनन ऊस्पोर , ऐस्कस , बीजाणु तथा बेसिडियम बीजाणु द्वारा होता है।  बीजाणु सुस्पष्ट संरचनाओ के रूप में उत्पन्न होते हैं , जो फलनकाय बनाते है।  लैंगिक जनन निम्न तीन सोपान (चरण) में होता है। 1…. Continue reading »

कवक (Fungi )क्या है , उदाहरण , प्रकार , प्रोटोजोआ , अमीबीय , कशायी , पक्ष्मायी , स्पोरोजोआ

प्रोटोजोआ : प्रोटिस्टा में रखे गये ये जीव परपोषी होते है , गति करने के आधार पर ये चार प्रकार के होते है। 1. अमीबीय प्रोटोजोआ : ये स्वच्छ जल , समुद्री जल व नम मृदा में पाये जाते है।  कुटपाडो की सहायता से गमन व शिकार करते है , इनके कुछ सदस्य परजीवी होते… Continue reading »

माइकोप्लाज्मा क्या है , परिभाषा , प्रकार , प्रॉटिस्टा , क्राइसोफाइट , डाइनो प्लैजिलेट , युग्लिनॉइड

mycoplasma in hindi माइकोप्लाज्मा : ये ऐसे जीवधारी होते है जिनमे कोशिका भित्ति नहीं पायी जाती है , ये सबसे छोटे सजीव होते है।  ये ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में भी जीवित रह सकते है।  ये पादपों व जन्तुओं में अनेक रोग उत्पन्न करते है। प्रॉटिस्टा (protista) : सामान्य लक्षण 1.  इसमें एक कोशिकीय यूकेरियोटिक सजीवों को रखा… Continue reading »

मोनेरा (Monera in hindi ) , आध बैक्टीरिया (archaebacteria) ,यू बैक्टीरिया , रसायन संश्लेषी बैक्टीरिया

मोनेरा (Monera) : सभी जीवाणुओं को मोनेरा जगत में रखा गया है।  जीवाणु संख्या में अधिक तथा सभी प्रकार के आवासों में पाए जाते है।  जीवाणुओं को उनके आकार के आधार पर चार समूहों में बांटा गया है।  गोलाकार जीवाणुओं को कोकस , घडाकर जीवाणुओं को बेसिलस , सर्पिलाकार जीवाणुओं को स्पाररिलम व कीमाकार जीवाणुओं… Continue reading »

जीव जगत का वर्गीकरण , द्विजगत पद्धति ,तीन जगत पद्धति , पाँच जगत प्रणाली animal kingdom

(classification of animal kingdom) जीव जगत का वर्गीकरण : सरल आकारकी लक्षणों पर आधारित जन्तुओं व पादपों के वर्गीकरण को सर्वप्रथम अरस्तु ने प्रस्तावित किया। अरस्तू ने सभी जन्तुओं को इनैइमा तथा एनेइमा में तथा पादपों को शाक , झाड़ी तथा वृक्ष में विभाजित किया। द्विजगत पद्धति : यह वर्गीकरण की एक पद्धति है जिसमे संसार… Continue reading »

वर्गिकी सहायक साधन , हरबेरियम , वनस्पति उद्यान ,संग्रालय ,प्राणी उपवन ,कुँजी / चाबी Harbarium

Harbarium in hindi and वर्गिकी सहायक साधन : जीव वैज्ञानिको के पास सूचना , जैविक नमूने , प्रयोगशाला व संचय ग्रह होते है। जो जीव धारियों के वर्गीकरण में सहायक है।  वे वर्गिकी के सहायक साधन कहलाते है इनका उपयोग वर्गीकरण में किया जाता है। 1. हरबेरियम (Harbarium) : पौधों के नमूनों को सुखाकर ,… Continue reading »

वर्गीकरण की परिभाषा , जीव विज्ञान में क्या है , वर्गक , वर्गिकी संवर्ग , वर्गीकरण के पद , जाति , गण

classification in biology in hindi वर्गीकरण  : जीव जन्तुओं एवं पेड़ पौधों को उनकी समानता व असमानता के आधार पर विभिन्न समुदायों एवं वर्गों में रखने की विधि को वर्गीकरण कहते है , तथा विज्ञान की वह शाखा जिसमे सजीवों का वर्गीकरण किया जाता है वर्गिकी (Taxonomy) कहते है। वर्गीकरण विज्ञान शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम केरोलस… Continue reading »

जैव विविधता , नामकरण , द्विनाम पद्धति , द्विनाम पद्धति के निम्न नियम Binomial system in hindi

जैव विविधता : हम अपने चारों ओर अनेक प्रकार के पेड़ पौधे , जीव जन्तु , कीट पक्षी व अन्य प्राणी देखते है , सूक्ष्म जीवाणु से लेकर गाय हाथी तथा शैवाल से लेकर विशाल वृक्षों से सहित विभिन्न परिमाण , आकार व संरचना वाले लगभग 1.8 मिलियन वाले सजीव ज्ञात होते है।  जीवों की… Continue reading »

जीव विज्ञान क्या है , सजीवों के प्रमुख लक्षण , वनस्पति जगत , जन्तु विज्ञान , जीव , सजीव

(definition of biology in hindi) जीव विज्ञान : विज्ञान की वह शाखा जिसमे सजीवों की संरचना , कार्यिकी , वृद्धि व विकास का अध्ययन किया जाता है , जीव विज्ञान कहते है। जीव विज्ञान की प्रमुख दो शाखाएं होती है – 1. वनस्पति जगत (Botany) : जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत पेड़ पौधों… Continue reading »