Monthly Archives: September 2019

प्रति सूक्ष्म जीवी (antimicrobial) , प्रतिएलर्जी या प्रतिहिस्टामीन , प्रतिनिषेचक औषधियां (antifertility drugs)

प्रति सूक्ष्म जीवी (antimicrobial) : वे रासायनिक पदार्थ जिनका प्रयोग सूक्ष्म जीव जैसे कवक , जीवाणु व फफूंद आदि को नष्ट करने के लिए किया जाता है , प्रति सूक्ष्म जीवी कहलाते है। इन्हें निम्न भागो में बांटा गया है – (a) जीवाणुनाशी (b) जीवाणुरोधी (c) प्रतिजैविक (a) जीवाणुनाशी : वे रासायनिक पदार्थ जिनका उपयोग जीवाणु का… Continue reading »

पर्यावरणीय समस्याएँ व समाधान , पर्यावरण , प्रदुषण क्या है ? , वायु प्रदूषण , ग्रीन हाउस प्रभाव (हरित गृह)   

पर्यावरणीय समस्याएँ व समाधान : पर्यावरण = परि + आवरण = चारो ओर पर्यावरण (Biophysical environment) : हमारे आस-पास का भौतिक प्राकृतिक व सामाजिक आवरण को ही पर्यावरण कहते है। प्रश्न  : प्रदुषण क्या है ? उत्तर : प्रदूषण प्रदूषको से फैलता है जीवो के आस-पास जो घटक रहते है , उनमे कमी या वृद्धि… Continue reading »

दर्द निवारक या पीड़ाहारी (analgesics) , प्रशान्तक (tranquillizer) , पूतिरोधी (antiseptic) in hindi

स्वास्थ्य में रसायन (chemical in health) :  (1) दर्द निवारक या पीड़ाहारी (analgesics) : वे रासायनिक पदार्थ व औषधियां जिनका उपयोग दर्द या पीड़ा को कम करने के लिए किया जाता है , दर्द निवारक औषधियाँ कहलाती है। यह हमारे शरीर के तंत्रिका तंत्र को सक्रीय करते है। यह दवाइयां निम्न प्रकार से है – (a) अस्वापक… Continue reading »

वायु परिवहन व पाइपलाइन परिवहन , अंतरराष्ट्रीय व्यापार , International trade in hindi , लाभ ,संघठन 

प्रश्न : वायु परिवहन व पाइपलाइन परिवहन किसे कहते है ? उत्तर : वायु परिवहन : वायु परिवहन समताप मण्डल में किया जाता है , हवाई जहाज के द्वारा किया जाता है।  इसमें महंगी व हल्की चीजो को ही भेजा जाता है जो जल्दी की नष्ट हो जाती है।  उसका भी परिवहन होता है , यह बहुत… Continue reading »

मधुकरण कर्मक (sweetener) , परिरक्षक (preservatives) , प्रति ऑक्सीकारक (anti oxidant)

भोजन में रसायन (chemical in food) : वे रासायनिक पदार्थ जिनका उपयोग खाद्य पदार्थ में किया जाता है , भोजन में रसायन कहलाता है। इन्हें निम्न रूपों में प्रयुक्त किया जाता है। 1. मधुकरण कर्मक (sweetener) 2. परिरक्षक (preservatives) 3. प्रति ऑक्सीकारक (anti oxidant)   1. मधुकरण कर्मक (sweetener) : वे रासायनिक पदार्थ जिनका उपयोग… Continue reading »

जल परिवहन , Water transportation in hindi , आंतरिक , महासागरीय जलमार्ग , भारतीय जहाज रानी निगम लिमिटेड

(Water transportation) जल परिवहन : 1. आंतरिक जलमार्ग 2. महासागरीय जलमार्ग आंतरिक जलमार्ग : महान झील प्रदेश – सेट लारेन्स राइन रोन आन्तरिक जलमार्ग अमेजन जल मार्ग भारत में गंगा नदी का जल मार्ग अफ्रीका में नील नदी का जलमार्ग याग्यसे नदी , हुवागो , सिक्यांग वोल्गा पर जलमार्ग महासागरीय जलमार्ग : उत्तरी अटलांटिक महासागर मार्ग दक्षिणी… Continue reading »

chemistry in daily life , साबुन (soap) , अपमार्जक (detergent) , साबुनीकरण (saponification)

chemistry in daily life : शोधक रसायन (cleaning agent) : वे रासायनिक पदार्थ जिनका उपयोग त्वचा व कपड़ो पर से धुल व चिकनाई हटाने के लिए किया जाता है , शोधक रसायन कहलाते है। यह निम्न प्रकार के होते है – साबुन (soap) अपमार्जक (detergent) साबुन (soap): उच्च वसा अम्लो के बने सोडियम व पोटेशियम लवण… Continue reading »

रेसेमिक मिश्रण (racemic mixture) या रेसेमीकरण (racemization) , संरूपण समावयवता (conformational isomerism)

रेसेमिक मिश्रण (racemic mixture) या रेसेमीकरण (racemization in hindi) : यदि दक्षिण ध्रुवक व वाभ ध्रुवण घुर्णक को 50-50% समान मात्रा में मिला दिया जाए तो बाह्य प्रतिहार के कारण प्राप्त पदार्थ ध्रुवण अघुर्णक हो जाता है जिसे सेस रेसेमिक मिश्रण कहते है तथा इस परिघटना को रेसेमीकरण कहते है। रेसेमिक मिश्रण ध्रुवण अघुर्णक होता… Continue reading »

सड़क परिवहन , परिवहन व संचार , राष्ट्रीय राज्यमार्ग  , भारत में सडक परिवहन ,  भारत में रेल परिवहन 

Road Transport and Highways in hindi पाठ : परिवहन व संचार : परिवहन : एक वस्तु को एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाने को ही परिवहन कहते है। संचार : व्यक्ति के विचारों , भावो व शब्दों को व्यक्तियों तक पहुचाना ही संचार कहलाता है। परिवहन के प्रकार :- स्थल – रेल सडक… Continue reading »

द्वितीय व्यवसाय , secondary secondary in hindi , विश्व के प्रमुख उद्योग , जनसंख्या को प्रभावित करने वाले कारक :

द्वितीय व्यवसाय  1. स्वामित्व : सार्वजनिक निजी संयुक्त 2. आकार के आधार पर : कुटीर लघु मध्यम वृहत 3. कच्चे माल : कृषि खनिज रसायन वन पशु 4. उत्पाद के आधार पर : मूलभूल उपभोक्त 1. स्वामित्व के आधार पर (i) सार्वजनिक : ऐसे उद्योग जिन पर सरकार व भारत के सभी लोगो (नागरिको) का अधिकार… Continue reading »