Monthly Archives: December 2017

एक्टिनाइड इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ,ऑक्सीकरण अवस्था ,लैंथेनाइड और एक्टिनाइड में अंतर

एक्टिनोइड : परिचय : यह श्रेणी Ac (89) (एक्टिनियम) के बाद प्रारम्भ होती है। इसमें परमाणु क्रमांक 90 से लेकर 103 तक के तत्व आते है। इसे 5f श्रेणी भी कहते है। इसके अधिकांश तत्व रेडियो तत्व है। ये आवर्त सरणी के 7 वे आवर्त तथा 3 वर्ग में आते है। यूरेनियम के बाद वाले… Continue reading »

लेन्थेनाइड संकुचन प्रभावित करने वाले कारक ,प्रभाव , गुण Lentenide contraction

Lentenide contraction लेन्थैनाइड संकुचन : लेन्थैनाइड तत्वों में बाएं से दाएं जाने पर आकार में कमी होती जाती है इसे लेन्थैनाइड संकुचन कहते है। बाएं से दाएं जाने पर निम्न दो कारक परमाणु के आकार को प्रभावित करते है। 1. प्रभावी नाभिकीय आवेश : बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता जाता है… Continue reading »

f खण्ड के तत्व , लैन्थेनाइड , इलेक्ट्रॉनिक विन्यास , ऑक्सीकरण अवस्था

f खण्ड के तत्व : element of f block, lanthenide परिचय : वे तत्व जिनमे आखिरी इलेक्ट्रॉन f कक्षक में जाता है उन्हें f खंड के तत्व कहते है। इनके बाह्य तीन कोश आंशिक रूप से भरे होते है अतः इन्हे आंतरिक संक्रमण तत्व भी कहते है। लैन्थैनोड : परिचय : यह श्रेणी La 57 के… Continue reading »

संक्रमण तत्व के अंतर्राकाशी यौगिको के गुण ,उत्प्रेरक ,मिश्र धातु ,आयनन ,कणन एन्थैल्पी

अंतर्राकाशी यौगिक : संक्रमण तत्व अंतर्राकाशी यौगिक बनाते है। व्याख्या : संक्रमण तत्व जब एक दूसरे के नजदीक आते है तो उनके मध्य कुछ रिक्त स्थान शेष रह जाता है इसे अंतर्राकाशी स्थान कहते है। अंतर्राकाशी स्थान में छोटे आकार के परमाणु जैसे H , B , C , N आदि के समा जाने से… Continue reading »

संक्रमण तत्वों के चुंबकीय गुण , उपसहसंयोजक यौगिक , रंग व्याख्या 

संक्रमण तत्वों की : चुंबकीय गुण : वे परमाणु या आयन जिनमे अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते है वे अनुचुंबकिय कहलाते है। परन्तु वे परमाणु या आयन जिनमे सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते है वे प्रतिचुंबकिय कहलाते है। चुंबकीय गुणों की व्याख्या चुंबकीय आघूर्ण से करते है चुंबकीय आघूर्ण को u से प्रदर्शित करते है इनका मान सूत्र… Continue reading »

संक्रमण तत्वों की परमाणु त्रिज्या , ऑक्सीकरण अवस्था Atomic radius of transition elements, oxidation phase

Atomic radius of transition elements, oxidation phase संक्रमण तत्वों की : परमाणु त्रिज्या : संक्रमण तत्वों की श्रेणी में बायें से दाएं जाने पर निम्न दो कारक परमाणु के आकार को प्रभावित करते है। 1. प्रभावी नाभिकीय आवेश : बाएं से दाएं जाने पर नाभिक में प्रोटोन की संख्या बढ़ती है अर्थात नाभिकीय आवेश बढ़ता… Continue reading »

d व f खण्ड के तत्व परिचय , प्रथम , द्वितीयक व तृतीय संक्रमण श्रेणी ,  प्रतिक , इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

d व f खण्ड के तत्व परिचय : 1. वे तत्व जिनमें आखिरी इलेक्ट्रॉन d कक्षक में जाते है उन्हें d खण्ड के तत्व कहते है। 2. इनके गुण S तथा P खण्डो के तत्वों के मध्यवर्ती होते है अतः इन्हे संक्रमण तत्व भी कहते है। 3. इनका बाह्यतम इलेक्ट्रॉन विन्यास (n-1)d1-10 nS1-2 होता है। 4. इन तत्वों में… Continue reading »

अल्कोहल, फेनोल और ईथर (Alcohols, Phenols and Ethers) notes in hindi

12th class chemistry chapter अल्कोहल, फेनोल और ईथर (Alcohols, Phenols and Ethers) notes in hindi topic wise complete unit with examples and question answers . एल्कोहल समावयवता , अल्कोहल का वर्गीकरण , समावयवता Classification of Alcohol   अल्कोहल और फिनोल बनाने की विधियां Methods of making alcohol and phenols   एल्कोहल के भौतिक गुण Physical Properties… Continue reading »

ईथर का नामकरण , बनाने की विधियाँ , भौतिक गुण , रासायनिक गुण

ईथर का नामकरण : CH3-CH2-O-CH2-CH2-CH3     (1-ethoxy propane) CH3-CH2-O-C6H5    (ethoxy benzene) (फेनिटोल) C6H5-O-CH2-CH2-CH2-CH2-CH2-CH2-CH2    (1-phenoxy heptane) ईथर बनाने की विधियाँ : जब एथिल एल्कोहल की क्रिया सान्द्र H2SO4 के साथ 413k ताप पर की जाती है।  डाई एथिल ईथर बनता है। क्रियाविधि : यह क्रिया SN2 क्रियाविधि से होती है। कमियाँ : इस विधि द्वारा सम्मित ईथर ही बनाये जा सकते है , असममित… Continue reading »

फ़िनॉल का अभिक्रिया , नाइट्रीकरण , ब्रोमोनीकरण , राइमरटीमान , कोल्बे

Phenol reactions फ़िनॉल का अभिक्रिया : 1. इलेक्ट्रॉन स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया : फीनॉल +R प्रभाव के कारण O व P पर इलेक्ट्रॉन का घनत्व अधिक हो जाता है जिससे इलेक्ट्रॉन स्नेही (E+) O व P पर प्रहार करता है अतः ये अभिक्रिया O व P पर होती है। ये क्रियाएँ निम्न है। 1. नाइट्रीकरण : जब… Continue reading »