एक्टिनाइड इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ,ऑक्सीकरण अवस्था ,लैंथेनाइड और एक्टिनाइड में अंतर

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एक्टिनोइड :

परिचय :

  1. यह श्रेणी Ac (89) (एक्टिनियम) के बाद प्रारम्भ होती है। इसमें परमाणु क्रमांक 90 से लेकर 103 तक के तत्व आते है।
  2. इसे 5f श्रेणी भी कहते है।
  3. इसके अधिकांश तत्व रेडियो तत्व है।
  4. ये आवर्त सरणी के 7 वे आवर्त तथा 3 वर्ग में आते है।
  5. यूरेनियम के बाद वाले तत्व को परायूरेनियम तत्व कहते है।
  6. ये प्रकृति में नहीं पाए जाते है।
  7. सभी तत्वों को An से व्यक्त करते है।
  8. इनका बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 5f0-146d0-17S2 होता है।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास :

 परमाणु क्रमांक प्रतीक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ऑक्सीकरण अवस्था
89Ac[Rn] 5f0 6d2 7S2+3
90Th[Rn] 5f2 6d1 7S2+3   +4
91Pa[Rn] 5f3 6d1 7S2+3  +4   +5
92U[Rn] 5f4 6d1 7S2+3   +4  +5  +6
93Np[Rn] 5f6 6d0 7S2+3 , +4 , +5 , +6 , +7
94Pu[Rn] 5f7 6d0 7S2+3 , +4 , +5 , +6 , +7
95Am[Rn] 5f7 6d1 7S2+3 , +4 , +5 , +6
96Cm[Rn] 5f8 6d0 7S2+3 , +4
97Bk[Rn] 5f9 6d0 7S2+3 , +4
98CF[Rn] 5f10 6d0 7S2+3
99ES[Rn] 5f11 6d0 7S2+3
100Fm[Rn] 5f12 6d0 7S2+3
101Md[Rn] 5f13 6d0 7S2+3
102No[Rn] 5f14 6d0 7S2+3
103Lr[Rn] 5f14 6d1 7S2+3

ऑक्सीकरण अवस्था :

  1. ये +3 से लेकर +7 तक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते है क्योंकि 5f 6d 7s कक्षको की ऊर्जा में अंतर कम होता है।
  2. एक्टिनाइड संकुचन :

एक्टिनाइड श्रेणी में बाएं से दाएं जाने पर आकार में कमी हो जाती है इसे एक्टिनाइड संकुचन कहते है।

नोट : एक्टिनाइड संकुचन की तुलना में एक्टिनाइड संकुचन अधिक होता है क्योंकि 4f कक्षक की तुलना में 5f कक्षको का परिरक्षण प्रभाव कम होता है।

लैंथेनाइड और एक्टिनाइड में समानता :

  1. दोनों श्रेणी में f कक्षक में इलेक्ट्रॉन भरे जाते है।
  2. दोनों श्रेणी के बाह्यतम तीन कोश आंशिक भरे होते है।
  3. दोनों श्रेणी के वे तत्व इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाते है।
  4. दोनों श्रेणी के वे तत्व जिनमे f कक्षक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते है वे रंगीन होते है।

प्रश्न 1 : एक्टिनाइड श्रेणी का रसायन कठिन है ?

उत्तर : इस श्रेणी के अधिकांश सदस्य रेडियो एक्टिव है तथा प्रकृति में स्थायित्व नहीं है।

प्रश्न 2 : एक्टिनाइड में संकुल यौगिक बनाने की प्रवृति अधिक होती है क्यों ?

उत्तर : इन पर आवेश घनत्व अधिक व आकार छोटा तथा अनेक ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते है जिससे लैंथेनाइड की तुलना में एक्टिनाइड आसानी से संकुल यौगिक बना लेते है।

लैंथेनाइड और एक्टिनाइड में असमानता

Lलैंथेनाइड Aएक्टिनाइड
1.   ये +3 ऑक्सीकरण अवस्था के साथ साथ -2 , +3 , +4 ऑक्सीकरण अवस्था भी दर्शाते है। ये +3 ऑक्सीकरण अवस्था के साथ +4 , +5 , +6 , +7 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाते है।
2.  इस श्रेणी में केवल Pm रेडियो सक्रीय है। इस श्रेणी के अधिकांश तत्व रेडियो सक्रीय है।
 3. लेंथेनाइड संकुचन कम होता है ऐक्टिनाइड संकुचन अधिक होता है।
 4. इनका रसायन सरल है इनकी केमिस्ट्री जटिल है
 5. इनकी चुंबकीय आघूर्ण की व्याख्या आसानी से की जा सकती है। इनके चुंबकीय गुणों की व्याख्या आसानी से नहीं कि जा सकती
 6. 4f कक्षको का परिरक्षण प्रभाव अधिक होता है। 5f कक्षको का परिरक्षण प्रभाव कम होता है।
 7. ये ओक्सोनियम आयन नहीं बनाते है ये ओक्सोनियम आयन बनाते है

जैसे : Uo22+

लेन्थैनाइड के उपयोग :

  1. लेंथेनाइड से बनी मिश्र धातुओ को मिश धातु कहते है।
  2. लेंथेनाइड मिश धातु से स्पात बनाया जाता है इसमें लगभग 95% लेंथेनाइड , 5% लोहा तथा अल्प मात्रा में कैल्शियम , कार्बन , सल्फर आदि होते है इसका उपयोग प्लेट बनाने में किया जाता है।
  3. मैग्नीशियम आधारित मिश धातु बंदूक की गोली , फ्लिंट कांच , कवच बनाने के काम आता है।
  4. लेंथेनाइड के ऑक्साइड पेट्रोल पदार्थो के भंजन में काम आते है तथा टेलीविजन पर्दे पर चमक उत्पन्न करने के काम आते है।