Category Archives: Geology

अवसादी शैलो का गठन texture of sedimentary rocks in hindi

texture of sedimentary rocks in hindi अवसादी शैलो का गठन : “texture” का अर्थ है – शैलो में कणों की आकृति , आकार एवं व्यवस्था। अवसादी शैलो का मुख्य भाग है कणों का आकार।  आकार के आधार पर अवसादी शैल के कणों को pebbles (गुटिका) , gravel (बजरी) , silt (गोंद) , sand (बालू) , clay (मृतिका)… Continue reading »

अवसादी शैल Sedimentary rocks in hindi , उत्पत्ति , प्रकार

Sedimentary rocks in hindi (अवसादी शैल) : पूर्व निर्मित शैलो के अनाच्छादन से प्राप्त पदार्थ के भौतिक , रासायनिक या जैविक विधियों से निक्षेपण पर अवसादी शैलों की उत्पत्ति होती है।  अवसादी शैल पृथ्वी क्रोड़ के ऊपरी 6 किलोमीटर में ही पायी जाती है।  भू सतह पर अनावृत शैलो का लगभग 75% भाग अवसादी शैलों… Continue reading »

Structure of metamorphism rocks in hindi , Texture of metamorphism rocks

Texture of metamorphism rocks : 1. Crystalloblastic texture (कायान्तर क्रिस्टली गठन) : यदि कायान्तरित शैल पुन: क्रिस्टलन के कारण बना हो तथा उसमे खनिजो के क्रिस्टलन का स्पष्ट विकास हो तो इस गठन को कायान्तर क्रिस्टली कहते है। यदि शैल के खनिज क्रिस्टल के फलक सुविकसित न हो तो इस गठन को परब्लास्टि या परक्रिस्टली… Continue reading »

Metamorphic zones in hindi , grade , zones of Progressive regional metamorphism

Metamorphic zones : भू सतह के नीचे गहराई बढ़ने के साथ साथ ताप एवं दाब भी बढ़ते जाते है।  इसी सिद्धांत पर आधारित कायान्तरण के भिन्न गंभीरता मण्डल को तीन भागों में पहचाना गया है – 1. Epizone (उपरी मण्डल ) 2. Mesozone (मध्यमण्डल ) 3. kata zone (निम्न मण्डल) 1. Epi zone (उपरीमण्डल )… Continue reading »

मैटेसोमैटिज्म और कायान्तरण के योगज प्रक्रम and Metamorphic minerals in hindi

मैटेसोमैटिज्म और कायान्तरण के योगज प्रक्रम : वि.एम. गोल्डश्मिर के अनुसार मैटेसोमैटिज्म परिवर्तन का ऐसा प्रक्रम है जिसमे मूल खनिजो एवं लाए गए पदार्थ की रासायनिक प्रतिक्रिया से नए पदार्थ की समृद्धि होती है। इस परिभाषा के अनुसार मैटेसोमैटिज्म का क्षेत्र ऐसे शैल परिवर्तनों तथा प्रतिस्थापनो तक ही सिमित है जो बाह्य उद्भव के विलयनो… Continue reading »

कायान्तरण के प्रकार Types of metamorphism in hindi

Types of metamorphism in hindi (कायान्तरण के प्रकार) : कायांतरण के मुख्य प्रकार निम्न है 1. अपदलनी कायान्तरण (cataclastic metamorphism) : कम तापक्रम एवं कम गहराई पर प्रतिबल द्वारा शैलो के संदलन तथा कणीभवन से अपदलनी कायान्तरण होता है।  इस कायान्तरण द्वारा केवल उन तलों को छोड़कर जिन पर बहुत अधिक मात्रा में संचलन हुआ… Continue reading »

कायान्तरित शैल metamorphism rocks in hindi

metamorphism rocks in hindi कायान्तरित शैल : ताप , दाब और रासायनिक वातावरण में परिवर्तनो से पूर्व निर्मित शैलो के खनिजो के भौतिक एवं रासायनिक संतुलन बदल जाते है।  खनिज नवीन स्थितियों के अनुकूल पुन: क्रिस्टलित या संतुलित होने का प्रयास करते है।  अधिक गहराई पर ताप , दाब और रासायनिक वातावरण में प्रमुख परिवर्तनों… Continue reading »

Salt dome in hindi (लवण गुम्बद)

(लवण गुम्बद) Salt dome in hindi : यह बड़े महत्व की रचना है।  इसके क्रोड में लवण होता है तथा अगल बगल में अवसादी शैल।  अधिकांश में यह लवण का गुम्बद घुस जाता है। यह अनेक स्थानों में पाया जाता है तथा टेक्सास , लुसियाना , कोलोरेडो इत्यादि। आकार तथा रूप : ये लवण गुम्बद कई… Continue reading »

Folds in hindi (वलन) , Elements of fold , Types of fold (वलन के प्रकार) 

(वलन) Folds in hindi : शैल संस्तरों में उत्पन्न मोड़ को वलन कहते है।  संचालनो के कारण शैल संस्तरो में उत्थान पतन होता रहता है।  जब यह उत्थान पतन अधिक होता है तो संस्तर मुड़ जाते है या उनमें मोड़ के समान रचना बन जाती है जिसे वलन कहा जाता है।  शैल संस्तरों में कलांतर… Continue reading »

पुरान्त: शायी , विदलन Outcrop , outlier and Inlier in hindi in geology

Outcrop , outlier and Inlier in hindi in geology : Outcrop : An “outcrop” is the area where the bed rock is exposed on the ground surface . outlier (पुरान्त: शायी ) चारों ओर से प्राचीन शिलाओं से घिरे हुए नए शैल समूह को पुरान्त:शायी कहा जाता है।  इनका निर्माण प्राय: अपरदन जनित पर्वतो के शीर्षो पर… Continue reading »