Category Archives: Geology

joints in hindi संधि in geology , वर्गीकरण , types

संधि (joints in hindi) in geology : जब किसी चट्टान पर किसी के द्वारा बलाधिकृत (तनाव बल) अथवा दाबीय फाॅर्स लगाया जाता है तो उसमे नियमित अथवा अनियमित दरारें बन जाती है।  ये दरारें उनके विकास से सम्बन्ध नहीं रखती है इन्हे “joint या संधि ” कहते है।  इनकी सतह सपार होती है। संधियाँ लगभग… Continue reading »

भ्रंश (faults in hindi ) , fault terminology , वर्गीकरण  

(faults in hindi ) भ्रंश : भ्रंश वे रचनाएँ है जिनके तल पर संस्तर के दो विभिन्न भाग एक दूसरे से दूर हट जाते है ऐसा सतह पर होने वाली क्रियाओं के कारण होता है। fault terminology Fault plane : वह तल जो किसी फ्रेक्चर के along गति करने पर बना है , भ्रंश तल कहलाता… Continue reading »

विषम विन्यास unconformity in hindi 

(unconformity in hindi ) विषम विन्यास : विषम विन्यास अपरदन की सतह है जो दो संस्तरों को विभाजित करती है।  विषम विन्यास  विकास कई स्तरों में होता है।  पहले पुराने शैल संस्तर निक्षेपित होते है फिर उत्थान होता है और फिर अपरदन होता है। इस प्रकार पुन: अवसादन शुरू होता है। विषम विन्यास का विकास विषम… Continue reading »

Dip and strike in hindi नति तथा नतिलम्ब

नति तथा नतिलम्ब Dip and strike in hindi : Dip (नति) : निर्माण के समय अवसादियां शिलाएं संस्तरित हो जाती है तथा ये प्राय: क्षैतिज होती है परन्तु पृथ्वी पृष्ठ पर होने वाले अनेक संचलनो के कारण इनमे परिवर्तन हो जाता है और ये क्षैतिज नहीं रह पाते है इनमे कुछ झुकाव उतपन्न हो जाता है… Continue reading »