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criticism of plate tectonics theory in hindi critical analysis प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत की आलोचना क्या है ?

प्लेट विवर्तनिकी माॅडल की आलोचना (Criticism of Plate Tectonic Model)
लेट विवर्तनिकी मॉडल द्वारा विभिन्न भू-आकारों के निर्माण तथा महाद्वीपीय विस्थापन की परिकल्पना का स्पष्टीकरण मिला है यद्यपि भूवैज्ञानिक व भूभौतिकविद सहमत हैं कि प्लेट विर्वतनिक सिद्धान्त सिद्ध हो चुका है लेकिन फिर भी इसके सम्बन्ध में कुछ समस्यायें हैं जिनका संतोषजनक समाधान नहीं मिला है। निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर इनकी आलोचना की जाती हैः
(i) नवीन भूपटल के सृजन की दर भूपृष्ठीय हृास की दर से अधिक है अर्थात् जितनी मात्रा में भूपृष्ठ का अधोगमन होता है उससे अधिक प्रसरण होता है।
(ii) बेनी ऑफ जोन सभी जगह नहीं पाया जाता है, उदाहरण के लिए उत्तरी अमेरिका में मध्यवर्ती एवं गहरे भूकम्प मूल नहीं मिलते हैं।
(iii) यह स्पष्ट किया जा चुका है कि सभी प्लेटें एक इकाई के समान व्यवहार करती है। जबकि कुछ भूगर्भवेत्ता के अनुसार कि प्लेटों की संख्या बढ़ सकती है।
(iv) भूकम्प क्रिया द्वारा प्लेटों का पार्शि्वक संचलन स्पष्ट किया गया है लेकिन इसकी सघनता को स्पष्ट नहीं किया गया है जिससे प्लेट संचलन को परिभाषित करने में समस्या उत्पन्न हो रही है।
(v) प्लेट विवर्तनिक सिद्धान्त में एक ही प्लेट का विभिन्न विसरित दिशाओं में संचलन होना बताया गया है जो बिल्कुल असंभव है।
(vi) प्लेट विवर्तनिक सिद्धान्त पर्वत निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट करने में असफल रहा है क्योंकि आस्ट्रलिया कर पूर्वी उच्च भूमि, दक्षिणी अफ्रीका के डेकनसबर्ग पर्वत तथा ब्राजील के सियरा डेल्मर आदि प्लेट विवर्तनिकी से सम्बन्धित नहीं है।
(vii) प्लेट वितनिक मॉडल में उपर्यक्त कमियाँ होने के उपरांत भी यह एक व्यापक सिद्धान्त है जो महाद्वीपों तथा महासागरों के वर्तमान वितरण की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है।

प्लेट टेक्टोंनिक एवं ज्वालामुखी तथा भूकम्प :-
प्लेट टेक्टोंनिक ज्वालामुखी की उत्पत्ति एवं वितरण पर भी पूर्ण वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। जहाँ दो प्लेट एक दूसरे से दूर जाती है। वहाँ दाब कम होने से दरारों से लावा प्रवाह होने लगता है। इसी प्रकार महासागरीय तलों में कटक (ridges) का निर्माण होता है व नवीन वेसाल्ट तली का निर्माण निरन्तर होता रहता है। जहाँ प्लेट के दो किनारे मिलते हैं वहीं उठती हुई संवहन धाराओं के कारण ज्वालामुखी विस्फोट हो जाता है। जब प्लेट के विनाशात्मक किनारे टकराते हैं तब भी प्लेट के दबने से व मेंटला में पिघलने पर निकटवर्ती क्षेत्र में दबाव (uppele thrust) बढ़ जाता है और ज्वालामुखी विस्फोट पाया जाता है। इन्हीं क्षेत्रों में भूकम्प के झटके भी महसूस किये जाते हैं। जब कभी प्लेट के किनारों में टकराव, विस्थापन या अगल-बगल सरकने की क्रिया होती है धरातल पर भूकम्प के झटके भी महसूस होते हैं। संरक्षी किनारों में तीव्र भूकम्प क्षेत्र पाये जाते हैं।
महत्वपूर्ण प्रश्न
दीर्घउत्तरीय प्रश्न
1. प्लेट विवर्तनिक का बताकर उसका आधार और सीमाएँ बताईए।
2. प्लेट विवर्तनिक की व्याख्या करते हए उसके वितरण और कारणों को स्पष्ट कीजिए।
लघुउत्तरीय प्रश्न
1. प्लेट विर्वतनिक का अर्थ बताकर उसकी परिभाषाएँ बताईए।
2. प्लेट संचलन पर टिप्पणी लिखिए।
3. अपसारी प्लेट पर टिप्पणी लिखिए।
4. विनाशात्मक प्लेट पर टिप्पणी लिखिए।
5. प्लेट विवर्तनिक की आलोचनाएँ बताईए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. 1960 में सर्वप्रथम किसने प्रतिपादित किया कि महाद्वीपीय तथा महासागर विभिन्न प्लेटों पर टिके है।
(अ) हेस (ब) मेस (स) जोली (द) विनडर
2. अटलाटिक महासागर की कटक व अन्य कटकों का विस्तृत अध्ययन कब किया गया
(अ) 1910 (ब) 1930 (स) 1950 (द) 1970
3. भूप्लेट्स की सीमाएँ…
(अ)अपसारी (ब) अभिसारी (स) परावर्ती (द) उपरोक्त सभी
4. अलास्का से अण्टार्कटिक प्रदेश तक की प्लेट …
(अ) यूरेशियन प्लेट (ब) अफ्रीकन प्लेट (स) प्रशान्त प्लेट (द) यूरोशिया प्लेट
उत्तरः 1. (अ), 2. (स), 3.(द), 4. (स)