Category Archives: Biology

12 वीं जीवविज्ञान में हिंदी 12th Biology in hindi

क्लोनिंग स्थल (Cloning rites) , जीन क्लोनिंग हेतु संवाहक (vector for gene cloning) , PCR (polymerase chain reaction)

3. क्लोनिंग स्थल (Cloning rites in hindi) : वाहक में प्रतिबंधन एंजाइम के लिए एक ही पहचान स्थल होना चाहिए अन्यथा वाहक कई स्थानों से कट सकता है। PBR322 नामक प्लाज्मिड में टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधी (tet R) एवं एपिसिलिन प्रतिरोधी (amp R) जीन होते है। इनमे से अगर टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोधी (tet R) जीन के प्रतिबंधन स्थल… Continue reading »

लाइगेज एंजाइम (ligase enzyme in hindi) , DNA खंड का पृथक्करण एवं विलगन , पोलीमरेज एंजाइम , क्लोनिंग संवाहक

2. (ligase enzyme in hindi) लाइगेज एंजाइम : एक ही प्रतिबंधन एंजाइम द्वारा काटने पर वाहक व विदेशी डीएनए में प्रलम्बी फैलाव चिपचिपे सिरे (स्टिकी सिरे) कहलाते है।  क्योंकि ये अपने पूरक कटे प्रतिरूप के साथ हाइड्रोजन बंध बना लेते है। सिरों का यह चिपचिपापन लाइगेज एंजाइम द्वारा दोनों डीएनए को जोड़ने में सहायक होता है।… Continue reading »

जैव प्रोद्योगिकी – सिद्धांत एवं प्रक्रम (biotechnology principles and processes) , जैव प्रोद्योगिकी के सिद्धांत

(biotechnology principles and processes in hindi) जैव प्रोद्योगिकी – सिद्धांत एवं प्रक्रम : अभिप्राय : जीव विज्ञान + प्रोद्योगिकी आनुवांशिक रूप से रूपान्तरित जीवों द्वारा मानव के लिए उपयोगी उत्पादों का अधिक मात्रा में उत्पादन करना ही नवीन जैव प्रोद्योगिकी कहलाता है। यूरोपीय जैव प्रोधोगिकी संध द्वारा जैव प्रोद्योगिकी की परिभाषा निम्नलिखित है – “उत्पाद एवं… Continue reading »

जैव प्रोद्योगिकी एवं इसके उपयोग (Biotechnology and it’s application) , पारजीवी जन्तु (Transgenic animal)

(Biotechnology and it’s application in hindi) जैव प्रोद्योगिकी एवं इसके उपयोग : औद्योगिक स्तर पर जैव प्रोद्योगिकी के तीन विवेचनात्मक अनुसन्धान क्षेत्र है – जैव उत्प्रेरक (एंजाइम): सूक्ष्मजीवो या शुद्ध एन्जाइम के रूप में सर्वोत्तम उत्प्रेरक का निर्माण करना। अनुकुलतम दशाएँ: उत्प्रेरक के लिए उचित ताप , pH आदि उपलब्ध कराना। अध्वोगामी प्रक्रियाएं: उत्पादों जैसे प्रोटीन/कार्बनिक… Continue reading »

किण्वन (fermentation in hindi) , किण्वन क्या है , परिभाषा , प्रकार , किण्वन क्रिया तथा श्वसन क्रिया में अंतर

ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित प्य्रुविक अम्ल का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में विघटन : glycolysis से निर्मित होने वाले pyruvic acid का ऑक्सीजन (O2) की अनुपस्थिति में सर्वप्रथम किण्वन की क्रिया के द्वारा एसीटैल्डिहाइड का निर्माण होता है। किण्वन की इस क्रिया को Decarboxylation के नाम से भी जाना जाता है।  एसीटैल्डिहाइड के निर्मित होने के साथ… Continue reading »

electron transport chain  (ETC) in hindi , इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट सिस्टम या चैन , Kreb cycle का महत्व 

Kreb cycle का चित्रित निरूपण : माइटोकॉण्ड्रिया के आधारी भाग में kreb चक्र के पूर्ण होने पर एक पायरूविक अम्ल के उपयोग किये जाने पर 3 अणु कार्बन डाइ ऑक्साइड के निर्मित होते है तथा एक ग्लूकोज के अणु के ग्लाइकोलाइसिस से 2 अणु प्य्रुविक अम्ल निर्मित होते है अत: एक ग्लूकोज के अणु के… Continue reading »

ग्लाइकोलाइसिस : ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित Pyruvic acid का भविष्य , Kreb cycle / Tricarboxylic acid (TCA) चक्र / सिट्रिक अम्ल (CA) चक्र 

कोशिका द्रव्य में संपन्न होने वाले ग्लाइकोलाइसिस (glycolysis) का सार : ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया के फलस्वरूप 6 कार्बन वाले एक ग्लूकोज के अणु से 3 कार्बन वाले दो Pyruvic acid के अणु का निर्माण होता है। glycolysis (ग्लाइकोलाइसिस) की क्रिया के अंतर्गत फास्फोरिलीकरण की क्रिया के द्वारा UATP का निर्माण होता है परन्तु निर्मित चार… Continue reading »

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि , aerobic respiration process in hindi , Glycolysis / EMP pathway

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि : पादपों में संपन्न होने वाले श्वसन की ऐसी विधि जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में हो ऑक्सी श्वसन कहलाती है। इस प्रकार का श्वसन क्रियाधार के रूप में मुख्यतः कार्बोहाइड्रेट का उपयोग करता है , परन्तु इसकी अनुपस्थिति में प्रोटीन तथा वसा का भी उपयोग किया जाता है। इस क्रिया के दौरान… Continue reading »

श्वसन (respiration in hindi) , ऑक्सी / वायु श्वसन , अनऑक्सी श्वसन / अवायु श्वसन , अन्तर , respiration takes place in

श्वसन (respiration) : पादपों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया संपन्न होने पर कार्बोहाइड्रेट नामक जटिल कार्बनिक पदार्थो का निर्माण होता है। निर्मित जटिल कार्बनिक पदार्थो को ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति में सरल पदार्थो में विघटित करने की क्रिया श्वसन कहलाती है तथा श्वसन की क्रिया के फलस्वरूप ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। सजीवों में… Continue reading »

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) , प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक , सिद्धांत

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) : सामान्यत: पादपों के प्रकाश संश्लेषी भागो में प्रकाश की उपस्थिति में सामान्य श्वसन के अतिरिक्त संपन्न होने वाला ऐसा श्वसन जिसमे ऑक्सीजन के द्वारा कार्बनिक यौगिक का ऑक्सीकरण किया जाए परन्तु ऊर्जा का उत्पादन नहीं हो तथा कार्बन डाइ ऑक्साइड भी विमुक्त हो , प्रकाश श्वसन कहलाता है। या… Continue reading »