Category Archives: Biology

12 वीं जीवविज्ञान में हिंदी 12th Biology in hindi

किण्वन (fermentation in hindi) , किण्वन क्या है , परिभाषा , प्रकार , किण्वन क्रिया तथा श्वसन क्रिया में अंतर

ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित प्य्रुविक अम्ल का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में विघटन : glycolysis से निर्मित होने वाले pyruvic acid का ऑक्सीजन (O2) की अनुपस्थिति में सर्वप्रथम किण्वन की क्रिया के द्वारा एसीटैल्डिहाइड का निर्माण होता है। किण्वन की इस क्रिया को Decarboxylation के नाम से भी जाना जाता है।  एसीटैल्डिहाइड के निर्मित होने के साथ… Continue reading »

electron transport chain  (ETC) in hindi , इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट सिस्टम या चैन , Kreb cycle का महत्व 

Kreb cycle का चित्रित निरूपण : माइटोकॉण्ड्रिया के आधारी भाग में kreb चक्र के पूर्ण होने पर एक पायरूविक अम्ल के उपयोग किये जाने पर 3 अणु कार्बन डाइ ऑक्साइड के निर्मित होते है तथा एक ग्लूकोज के अणु के ग्लाइकोलाइसिस से 2 अणु प्य्रुविक अम्ल निर्मित होते है अत: एक ग्लूकोज के अणु के… Continue reading »

ग्लाइकोलाइसिस : ग्लाइकोलाइसिस से निर्मित Pyruvic acid का भविष्य , Kreb cycle / Tricarboxylic acid (TCA) चक्र / सिट्रिक अम्ल (CA) चक्र 

कोशिका द्रव्य में संपन्न होने वाले ग्लाइकोलाइसिस (glycolysis) का सार : ग्लाइकोलाइसिस की क्रिया के फलस्वरूप 6 कार्बन वाले एक ग्लूकोज के अणु से 3 कार्बन वाले दो Pyruvic acid के अणु का निर्माण होता है। glycolysis (ग्लाइकोलाइसिस) की क्रिया के अंतर्गत फास्फोरिलीकरण की क्रिया के द्वारा UATP का निर्माण होता है परन्तु निर्मित चार… Continue reading »

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि , aerobic respiration process in hindi , Glycolysis / EMP pathway

ऑक्सी श्वसन की क्रियाविधि : पादपों में संपन्न होने वाले श्वसन की ऐसी विधि जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में हो ऑक्सी श्वसन कहलाती है। इस प्रकार का श्वसन क्रियाधार के रूप में मुख्यतः कार्बोहाइड्रेट का उपयोग करता है , परन्तु इसकी अनुपस्थिति में प्रोटीन तथा वसा का भी उपयोग किया जाता है। इस क्रिया के दौरान… Continue reading »

श्वसन (respiration in hindi) , ऑक्सी / वायु श्वसन , अनऑक्सी श्वसन / अवायु श्वसन , अन्तर , respiration takes place in

श्वसन (respiration) : पादपों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया संपन्न होने पर कार्बोहाइड्रेट नामक जटिल कार्बनिक पदार्थो का निर्माण होता है। निर्मित जटिल कार्बनिक पदार्थो को ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति में सरल पदार्थो में विघटित करने की क्रिया श्वसन कहलाती है तथा श्वसन की क्रिया के फलस्वरूप ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। सजीवों में… Continue reading »

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) , प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक , सिद्धांत

प्रकाश श्वसन (photorespiration in hindi) : सामान्यत: पादपों के प्रकाश संश्लेषी भागो में प्रकाश की उपस्थिति में सामान्य श्वसन के अतिरिक्त संपन्न होने वाला ऐसा श्वसन जिसमे ऑक्सीजन के द्वारा कार्बनिक यौगिक का ऑक्सीकरण किया जाए परन्तु ऊर्जा का उत्पादन नहीं हो तथा कार्बन डाइ ऑक्साइड भी विमुक्त हो , प्रकाश श्वसन कहलाता है। या… Continue reading »

C4 चक्र / Hatch and slack pathway , CAM चक्र (crassulacean metabolism acid) in hindi

C4 चक्र / Hatch and slack pathway : ऐसे पादप जिनमे कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण एक चार कार्बन वाले स्थायी यौगिक के द्वारा किया जाए , C4 पादप कहलाते है तथा ऐसे अवशोषित कार्बन डाई ऑक्साइड से ग्लूकोज के निर्माण की क्रिया को C4 चक्र के नाम से जानी जाती है। C4 चक्र को सर्वप्रथम… Continue reading »

अप्रकाशिक अभिक्रिया (Dark reaction in hindi) , Calvin – Benson cycle/C3 plants

अप्रकाशिक अभिक्रिया (Dark reaction) : डार्क रिएक्शन की खोज Black mann (1905) नामक वैज्ञानिक के द्वारा की गयी। इस अभिक्रिया के जैव रासायनिक चरणों का अध्ययन कैल्विन नामक वैज्ञानिक के द्वारा अपने साथियो के साथ की। अप्रकाशिक अभिक्रिया हरितलवक के स्ट्रोमा भाग में संपन्न होती है। विभिन्न प्रकार के पादपो में कार्बन डाई ऑक्साइड को… Continue reading »

प्रकाश तंत्र – I , प्रकाश तंत्र – II , चक्रीय फास्फोरिलीकरण , अचक्रीय फास्फोरिलीकरण , अन्तर , Photosystem in hindi

पादप के हरित लवक में पाए जाने वाले प्रत्येक प्रकाश तंत्र के भीतर 300 से 400 वर्णको के समूह पाए जाते है।  प्रत्येक प्रकाश तन्त्र में उपस्थित वर्णकों के समूह में से एक वर्णक अभिक्रिया केंद्र की तरह कार्य करता है तथा उसके आसपास उपस्थित बाकी सभी वर्णक सहायक वर्णको का कार्य करते है तथा… Continue reading »

प्रकाश संश्लेषण की क्रियाविधि , photosynthesis process in hindi , Emerson प्रभाव , एमर्सन effect

प्रकाश संश्लेषण हेतु उपयोग किये जाने वाले प्रकाश की प्रकृति : प्रतिवर्त ऊर्जा का एकमात्र स्रोत सूर्य है जो पृथ्वी की तरफ विद्युत चुम्बकीय तरंगो के रूप में गति करता है। सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली इन विद्युत चुम्बकीय तरंगो की गति में क्रमागत दो श्रृंगो या दो गर्तो के मध्य की दूरी तरंग दैर्ध्य… Continue reading »