Category Archives: Biology

11th class biology notes

थायराइड ग्रंथि , हार्मोन , कार्य , स्थिति , संरचना , प्रभाव , पैराथाइरॉइड ग्रंथि , थाइमस , पीनियल काय

थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland in hindi) स्थिति : यह श्वासनली व स्वर यन्त्र के संधि स्थल पर पायी जाती है , यह शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि होती है | संरचना : यह गुलाबी रंग की H आकार की ग्रन्थि है , यह द्विपालित ग्रन्थि है , दोनों आपस में इस्थमस द्वारा जुडी रहती है… Continue reading »

पीयूष ग्रंथि , हार्मोन , रोग , संरचना , ग्रंथियों के प्रकार , कार्य , Pituitary gland in hindi

प्राणियों में रासायनिक समन्वय एवं एकीकरण परिचय : जन्तुओं में विभिन्न क्रियाओ का नियमन व नियंत्रण दो तंत्रों द्वारा किया जाता है , जिन्हें तन्त्रिका तंत्र व अन्त: स्त्रावी तंत्र कहते है | ये तंत्र समस्थापन (homeostatis) बनाये रखने में सहायक होते है | अन्त: स्त्रावी ग्रीक भाषा का शब्द है जो Endo (एन्डो) व… Continue reading »

मूत्र निर्माण व उत्सर्जन , मूत्र का संगठन  , उत्सर्जन सम्बन्धित विकार या रोग Formation of Urine

Formation of Urine in hindi  मूत्र निर्माण व उत्सर्जन परानिस्पंदन (ultratilisration) : परानिस्यंदन ग्लोमेरुलस तथा बोमेन सम्पुट द्वारा होता है , ग्लोमेरुलस में लगभग 50 समान्तर रुधिर कोशिकाएँ पायी जाती है | ग्लोमेरुलस में अनेक छिद्र होते है जिनका व्यास 0.1u – 0.5u तक होता है , जिससे ग्लोमेरुलस की पारगम्यता बढ़ जाती है |… Continue reading »

उत्सर्जन की परिभाषा क्या है , मानव उत्सर्जन तंत्र , प्राणियों में उत्सर्जी अंग , वृक्क नलिका (नेफ्रोन)

उत्सर्जन : सजीवो में शरीर से अनुपयोगी व अपशिष्ट पदार्थो को बाहर निकालने की क्रिया को उत्सर्जन कहते है | नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन अमोनिया उत्सर्जीकरण (amnateusm) : जन्तुओं की यकृत कोशिकाओं में अमीनो अम्लों के विएमीकरण के फलस्वरूप अमोनिया का निर्माण होता है | वे जन्तु जो नाइट्रोजनी अपशिष्टो को अमोनिया के रूप… Continue reading »

परिसंचरण सम्बन्धित रोग , विद्युत हृदय लेख , ECG के उपयोग , द्विपरिसंचरण diseases of circulatory system

(diseases of circulatory system in hindi) परिसंचरण सम्बन्धित रोग : संधिवातीय रोग : इसे संधिवातिय ज्वर भी कहते है , इस रोग के दौरान ह्रदय कपाट शतिग्रस्त हो जाते है , जिससे ह्रदय में रुधिर का आवागमन अनियमित हो जाता है | इस रोग का उपचार शल्यक्रिया द्वारा कपाटों का प्रतिस्थापन कर किया जा सकता… Continue reading »

परिसंचरण पथ , मनुष्य (मानव) में परिसंचरण तंत्र , ह्रदय कार्यप्रणाली , रुधिर वाहिकाएँ human circulatory system

विभिन्न परिसंचरण पथ : एकल परिसंचरण पथ : मछलियों में दो कोष्ठीय ह्रदय एक आलिन्द व एक निलय युक्त होता है | इसमें अशुद्ध रुधिर (co2 युक्त) को बाहर पम्प किया जाता है जो क्लोम द्वारा ऑक्सीजनित होकर शुद्ध रूधिर (o2 युक्त) उसी मार्ग से शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाया जाता है इसे एकल… Continue reading »

रुधिर क्या है , अर्थ , परिभाषा , कार्य , रुधिर कोशिकाएँ , लाल , श्वेत रुधिर कोशिका , Rh-समूह , स्कन्दन या थक्का

परिसंचरण : उच्च अकशेरुकी , कशेरुकी एवं मानव में पोषक पदार्थो , गैसों , हार्मोन , अपशिष्ट पदार्थों एवं अन्य उत्पादों के परिवहन के लिए रुधिर पाया जाता है जिसे एक पेशीय ह्रदय द्वारा पम्प किया जाता है , इस सम्पूर्ण तंत्र को परिसंचरण तन्त्र कहते है , परिसंचरण तंत्र के निम्न भाग होते है… Continue reading »

फेफडो के आयतन एवं क्षमता , फेफडो की क्षमताएँ , श्वसन का नियमन , श्वसन में विकार

(Lung Volumes and Capacities in hindi ) फेफडो के आयतन एवं क्षमता : फेफड़ो के आयतन एवं क्षमताएँ मापने के लिए स्पाईरोमीटर उपकरण का उपयोग किया जाता है | फेफड़ो के निम्न आयतन होते है – ज्वारीय आयतन (TV) : निश्वसन में ली जाने वाली वायु या उच्छ श्वसन में निकाली जाने वायु के आयतन… Continue reading »

श्वसन की क्रियाविधि , कार्यविधि , Mechanism of Respiration in hindi रुधिर व CO2 का परिवहन

(Mechanism of Respiration in hindi ) श्वसन की क्रियाविधि : फुफ्फुसीय श्वसन : फेफडो में वायु भरने एवं बाहर निकालने को संवातन कहते है , यह दो क्रियाओं द्वारा होता है – निश्वसन (inspiration) : यह सक्रीय प्रावस्था है , इसमें डायफ्राम चपटा व संकुचित हो जाता है जिससे वक्ष गुहा का आयतन बढ़ जाता… Continue reading »

श्वसन की परिभाषा क्या है , प्रकार , उदाहरण , मनुष्य में श्वसन तंत्र human respiratory system in hindi

(human respiratory system in hindi) श्वसन : वे सभी क्रियाएँ जो ऑक्सीकरण द्वारा खाद्य पदार्थों से रासायनिक ऊर्जा मुक्त करने से सम्बन्धित होती है , श्वसन कहलाती है | श्वसन दो प्रकार का होता है – बाह्य श्वसन : वातावरण से ऑक्सीजन ग्रहण करने तथा CO2 बाहर निकालने की क्रिया को बाह्य श्वसन कहते है… Continue reading »