Category Archives: Biology

11th class biology notes

पाचक एंजाइम एवं पाचन क्या है , परिभाषा , पचित भोजन का अवशोषण , स्वांगीकरण , विकार

(digestive enzyme in hindi) पाचक एंजाइम एवं पाचन : मानव में पाचन की क्रिया दो चरणों में पूर्ण होती है – यांत्रिक क्रिया : मुखगुहिका एवं आमाशय में यान्त्रिक क्रिया द्वारा भोजन को छोटे छोटे टुकड़ो में तोडा जाता है | रासायनिक क्रिया : भोजन के जटिल अणुओं को सरल अणुओं में बदला जाता है… Continue reading »

पाचन क्या है , मनुष्य का पाचन तंत्र , मुख , ग्रसनी , आमाशय , बड़ी आंत्र , छोटी आंत्र , पाचक ग्रंथियाँ

पाचन (Digestion in hindi) : पाचन वह क्रिया है जिसमें भोजन के बड़े एवं जटिल अणुओं को सरल व घुलनशील अणुओं में तोड़ा जाता है जो आंत्र उपकला द्वारा आसानी से अवशोषित हो सके | पाचन मुख्यतः दो प्रकार का होता है – बाह्य कोशिकीय पाचन अन्त: कोशिकीय पाचन बाह्य कोशिकीय पाचन : जब भोजन… Continue reading »

पादप परिवर्धन , परिवर्धन को प्रभावित करने वाले कारक , क्या है , दीप्तिकालिता , बसंतीकरण

(plant development in hindi) पादप परिवर्धन परिवर्धन (development) :  बीजा अंकुरण से जरावस्था के मध्य होने वाले परिवर्तन सामूहिक रूप से परिवर्धन कहलाता है | एक पादप कोशिका के विकासात्मक प्रक्रम का अनुक्रम पौधे पर्यावरण के प्रभाव के कारण जीवन के विभिन्न चरणों में चित्र आरेख के अनुसार भिन्न पथो का अनुसरण करते है ,… Continue reading »

पादप वृद्धि एवं परिवर्धन , गुण , वृद्धि दर क्या है , परिभाषा , विभेदन , निर्वीभेदन तथा पुनर्विभेदन

(plant growth and development in hindi) पादप वृद्धि एवं परिवर्धन वृद्धि : सजीवो के परिमाण में स्थायी व अनुत्क्रमणीय परिवर्तन को वृद्धि कहते है | वृद्धि सभी सजीवो का लाक्षणिक गुण है , वृद्धि के दौरान आयतन तथा शुष्क भार दोनों में बढ़ोतरी (वृद्धि) होती है |वृद्धि उपापचयी प्रक्रियाओं से सम्बंधित है जो ऊर्जा के… Continue reading »

पादपों में श्वसन , क्या पादप सांस लेते है , श्वसन के प्रकार , किण्वन क्या है respiration in plants in hindi

(respiration in plants in hindi) पादपों में श्वसन : सभी सजीवो को अपनी जैविक क्रियाएँ पूरी करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है , जटिल कार्बनिक पदार्थ ऑक्सीजन की उपस्थिति में विघटित होकर CO2 व जल के साथ साथ ऊर्जा मुक्त करते है जो सजीवों की जैविक क्रियाओं में काम आती है | श्वसन… Continue reading »

अप्रकाशिक / प्रकाशहीन अभिक्रिया / CO2 के प्राथमिक ग्राही , केल्विन बैन्सन चक्र / C3 चक्र , हैच स्लैक चक्र / C4 चक्र

अप्रकाशिक / प्रकाशहीन अभिक्रिया / CO2 के प्राथमिक ग्राही : प्रकाश संश्लेषण में सम्पन्न होने वाली यह क्रिया हरित लवक के स्ट्रोमा में संपन्न होती है।  इसमें प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है , इस प्रक्रिया में वायुमण्डल से अवशोषित CO2 विभिन्न एंजाइम द्वारा अपचयित होकर कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करती है , इस प्रक्रिया को कार्बन स्थिरीकरण कहा जाता… Continue reading »

प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया photo chemical reaction in hindi , प्रकाश तंत्र – I , II ,

photo chemical reaction in hindi प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया : प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया में जब का विघटन , प्रकाश का अवशोषण , ऑक्सीजन का निष्काशन तथा उच्च ऊर्जा वाले पदार्थ जैसे – ATP व NaDPH का निर्माण शामिल है | पादपों में प्रकाश संश्लेषण के लिए वर्णको के कम से क्रम दो समूह पाये जाते है… Continue reading »

प्रकाश संश्लेषण क्या है , कैसे होता है , परिभाषा , प्रयोग , अभिक्रिया , वर्णक photosynthesis in hindi

(photosynthesis in hindi) प्रकाश संश्लेषण : पादप के हरे भागों द्वारा प्रकाश की उपस्थिति में जल तथा कार्बन डाइ ऑक्साइड का उपयोग करके भोजन निर्माण की प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते है | प्रकाश संश्लेषण केवल हरे पादपों में ही संभव है , प्रकाश संश्लेषण एक उपापचयी क्रिया है , प्रकाश-संश्लेषण में सूर्य की प्रकाश ऊर्जा… Continue reading »

नाइट्रोजन चक्र nitrogen cycle in hindi

(nitrogen cycle in hindi ) नाइट्रोजन चक्र  : पौधों द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन को नाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा विभिन्न यौगिको में बदलकर ग्रहण किया जाता है , जिससे विभिन्न कार्बनिक यौगिकों का निर्माण किया जाता है | कुछ सूक्ष्म जीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते है | इस प्रकार स्थिरीकृत नाइट्रोजन विभिन्न प्रतिक्रियाओं द्वारा पुन: वातावरण में… Continue reading »

खनिज पोषण , विधि , खनिज तत्व , लक्षण , भूमिका , कमी से , कार्य , वर्गीकरण , mineral nutrition in hindi

(mineral nutrition in hindi ) खनिज पोषण : पादप अपने लिए आवश्यक तत्व मृदा , जल व वायु से प्राप्त कर उनका उपयोग अपनी वृद्धि एवं विकास के लिए करते है , इस अध्ययन को खनिज पोषण कहते है | पादपो की खनिज अनिवार्यता के अध्ययन की विधि जुलियान सैकस ने 1860 में जल संवर्धन… Continue reading »