पवित्र किसे कहते हैं | पवित्र या पवित्रता की परिभाषा क्या है नाम का अर्थ मतलब the sacred in hindi meaning

By   February 12, 2021

the sacred in hindi meaning definition पवित्र किसे कहते हैं | पवित्र या पवित्रता की परिभाषा क्या है नाम का अर्थ मतलब ?

शब्दावली
जीववाद (animism) धर्म पर टाइलर के विचार के संदर्भ में, जीववाद शरीर से पृथक आत्मा के अस्तित्व में विश्वास की ओर संकेत करता है।
टोटमवाद (totemism) किसी वर्ग के लोगों और प्राकृतिक तथा अन्य वस्तुओं (species) के बीच संबंध को टोटमवाद कहते हैं।
द्रवगति (hydro&dynamics) विज्ञान की उस शाखा को कहते हैं, जो पानी की गति और पानी में ठोस पिंडों पर कार्यरत बलों के संबंध में विचार करती है।
पवित्र (the sacred) यह जीवन के उन क्षेत्रों की ओर संकेत करता है जो धर्म से संबंधित है। मलिनॉस्की के विचार में पवित्र के अंतर्गत जादू-टोने से संबंधित अनुष्ठान भी शामिल हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों से अलग है। इस प्रकार मलिनॉस्की की इस शब्द की परिभाषा व्यापक कोटि की है।
पार्श्व वर्ध (outrigger) केनो के संतुलन को बनाए रखने के लिए एक लट्टे के साथ बीम को केनो के सिरे पर लगा दिया जाता है। उसे पार्श्व वर्ध कहते हैं।
रतालू (yam) यह कचालू या अरबी की जाति का कंद है। यह खाद्य स्टार्च युक्त होता है। अधिकांश उणकटिबंधीय क्षेत्रों में इसका मुख्य आहार के रूप में उपयोग होता है।
लौकिक (the profane) यह जीवन के उन क्षेत्रों की ओर संकेत करता है जिनका संबंध धर्म या धार्मिक प्रयोजनों से नहीं है, दूसरे शब्दों में उनका संबंध लौकिक पक्षों से है।

सारांश
हमने इस इकाई की शुरुआत मलिनॉस्की के समय में जादू-टोने, विज्ञान और धर्म में विवाद के संबंध में चर्चा के द्वारा की। इसके बाद जादू-टोना, विज्ञान और धर्म के सामाजिक तथ्यों के अध्ययन में मलिनॉस्की के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया। इस विषय पर उसके निबंध को सार रूप में प्रस्तुत करते हुए हमने लौकिक क्षेत्र और पवित्र क्षेत्र का विवरण दिया। इसमें प्रथम के अंतर्गत आदिम ज्ञान के संबंध में उसके विचारों के बारे में चर्चा की, जो मलिनॉस्की के अनुसार अपने आसपास के वातवरण के प्रति वैज्ञानिक मनोवृति और तर्कपरक दृष्टिकोण का उदाहरण है। दूसरे के अंतर्गत जादू-टोने और धार्मिक विश्वासों के बारे में विचार किया गया है। अंत में, हमने जादू-टोने और विज्ञान के बीच तथा विज्ञान और धर्म के बीच समानताओं और असमानताओं के बारे में मलिनॉस्की के विचारों को प्रस्तुत किया। इसके बाद, जादू-टोने, विज्ञान और धर्म के प्रकार्यों का संक्षिप्त विवरण दिया। यहां प्रयास यह रहा है कि मलिनॉस्की की विचार-पद्धति का एक ठोस दृष्टांत आपके सामने प्रस्तुत किया जाए, जिससे आपका उसके विचारों की अपेक्षाकृत नवीनता से परिचय हो जाए।

 कुछ उपयोगी पुस्तकें
मलिनॉस्की बी., 1974. मैजिक, साइंस एंड रिलीजन एंड अदर ऐस्सेज. सॉवेनिर प्रेसः लंदन

बोध प्रश्न 5
प) जादू-टोना, विज्ञान और धर्म इन तीनों सामाजिक तत्वों में से कौन से दो तत्व उन नियमों की पद्धति से बने हैं, जो यह निर्धारित करते है कि किस प्रकार कोई भी कार्य भी कार्य प्रभावपूर्ण ढंग से किया जा सकता है?
पप) जादू-टोना, विज्ञान और धर्म में से कौन-से दो सामाजिक तत्व पवित्र क्षेत्र से सम्बद्ध हैं और आवेशात्मक तनाव में पैदा और कार्यान्वित होते हैं?
पपप) पहचान कीजिए कि जादू-टोना, विज्ञान और धर्म–तीनों में से कौन-सा तत्व निम्नलिखित कथन पर लागू होता है।
क) यह इस विश्वास पर आधारित है कि व्यक्ति के मन में अभी आशावादिता बनी रहे और इच्छा-पूर्ति होती रहे।
ख) यह अनुभव, प्रयास और तर्क की वैधता के दृढ़ विश्वास पर आधारित है।
ग) यह तनाव और आवेशात्मक स्थिति का विशिष्ट अनुभव है।
घ) यह जीवन के सामान्य अनुभव से संबंधित है।
ड.) इसके बहुत से पहलू और प्रयोजन है। इसका तार्किक आधार इसके विश्वास और आचरण के प्रकार्य में निहित है।

 बोध प्रश्नों के उत्तर

बोध प्रश्न 5
प) जादू-टोना और विज्ञान
पप) जादू-टोना और धर्म
पपप) क) जादू-टोना
ख) विज्ञान
ग) जादू-टोना
घ) विज्ञान
ड.) धर्म