Category Archives: sociology

अस्तित्ववाद का अर्थ और परिभाषा क्या है , अस्तित्ववादी दर्शन के जनक कौन है Existentialist Ethics

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सब्सक्राइब करे youtube चैनल Existentialist Ethics in hindi अस्तित्ववाद का अर्थ और परिभाषा क्या है , अस्तित्ववादी दर्शन के जनक कौन है ?  अस्तित्ववादी नैतिकता – जीन पॉल सात्र्र (Existentialist Ethics – Jean Paul Sartre) 20वीं शताब्दी के महान अस्तित्ववादी दार्शनिक सात्र्र वस्तुतः बौद्ध लोकप्रिय दार्शनिकों में से एक हैं। सात्र्र को अस्तित्ववादी दर्शन का जनक भी कहा जाता है। अस्तित्ववाद को ज्यादातर एक दार्शनिक और सांस्कृतिक आन्दोलन के रूप में देखा जाता है। व्यक्तिगत दार्शनिक विचार तथा अनुभव से ही अस्तित्ववाद की शुरुआत मानी जाती है। अस्तित्ववादियों का मानना […]

निष्काम कर्मयोग का सिद्धांत क्या है , कर्म सिद्धान्त अथवा निष्काम कर्म The idea of Nishkama Karma in hindi

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सब्सक्राइब करे youtube चैनल The idea of Nishkama Karma in hindi निष्काम कर्मयोग का सिद्धांत क्या है , कर्म सिद्धान्त अथवा निष्काम कर्म के बारे में जानकारी दीजिये ? पुरुषार्थ (Purusharthas) भारतीय विचारक की मंशा परम सत्य के ज्ञान तक ही सीमित नहीं रही है बल्कि वे इसकी उपलब्धि में भी विश्वास व्यक्त करते हैं, अर्थात् आत्मसाक्षात्कार ही इन विचारकों का केन्द्रीय विषय रहा है। भारतीय दृष्टिकोण समन्वयवादी है। जीवन की सभी आवश्यकताओं से इसका संबंध रहता है। यही कारण है कि भारतीय विचारकों ने ऐसे चार आदर्श (पुरुषार्थ) बताए […]