राजस्थान में जनसंख्या व जनजातियाँ , राजस्थान में उद्योग , rajasthan population and tribes in hindi

(rajasthan population and tribes in hindi) राजस्थान में जनसंख्या व जनजातियाँ :

राजस्थान का आकार चतुर्भुज है।

राजस्थान का क्षेत्रफल 2342239 किलोमीटर है जो भारत के क्षेत्रफल का 10.40% है। राजस्थान की जनसंख्या 6.86 करोड़ है जो भारत की कुल जनसंख्या का 5.66 प्रतिशत है।

भारत का क्षेत्रफल 3287263 किलोमीटर है और भारत की कुल जनसंख्या 121 करोड़ है।

जनसंख्या के विभिन्न घटको का वर्णन –

  1. वितरण
  2. घनत्व
  3. वृद्धि
  4. लिंगानुपात
  5. साक्षरता

1. वितरण : जनसंख्या का बिखराव व फैलाव को जनसंख्या वितरण कहते है।

प्रभावित करने वाले कारक : भौतिक , आर्थिक , सामाजिक , सांस्कृतिक , धार्मिक , राजनैतिक , पर्यावरणीय आदि।

सूत्र :

भारत व राजस्थान में :

2. घनत्व : प्रति वर्ग किलोमीटर में निवास करने वालो की संख्या को ही जनसंख्या घनत्व कहते है।

प्रभावित करने वाले कारक :

सूत्र : कुल जनसंख्या/कुल क्षेत्रफल

भारत व राजस्थान में :

राजस्थान – 200 और भारत 382

3. वृद्धि : किसी निश्चित क्षेत्र में निश्चित समय अंतराल के मध्य लोगो की संख्या में हुआ परिवर्तन ही जनसंख्या वृद्धि कहलाता है।

प्रभावित करने वाले कारक :

सूत्र : कुल जन्म + कुल मृत्यु + आप्रवास + उत्प्रवास = वृद्धि

जनसंख्या वृद्धि दर :

जनसंख्या वृद्धि दर = ( जनसंख्या वृद्धि / पिछले समय की जनसंख्या ) x 100

भारत व राजस्थान में :

भारत = 17.7 , राजस्थान = 21.31

4. लिंगानुपात : 1000 पुरुषो पर महिलाओं की संख्या को ही जनसंख्या लिंगानुपात कहते है।

प्रभावित करने वाले कारक : सामाजिक , शिक्षा की कमी , पित्रसत्तमक , पौष्टिक आहार की कमी से म्रत्युदर अधिक होना।

सूत्र :

लिंगानुपात = (स्त्रियों की जनसंख्या/पुरुषों की जनसंख्या) x 100

भारत व राजस्थान में :

भारत 940 और राजस्थान 926 अंतर 7.12 का

0.6 उम्र के बच्चो की संख्या = राजस्थान 888 , भारत 906

साक्षरता :

प्रभावित करने वाले कारक :

सूत्र :

साक्षरता दर = (साक्षर जनसंख्या / 7 वर्ष या उससे अधिक आयु की जनसंख्या ) x 100

भारत व राजस्थान में :

भारत = 74.04 , पुरुष = 82.14 , महिला = 65.46

राजस्थान = 67.06% , पुरुष = 79.2% , महिला = 52.70%

पूरे भारत में से साक्षरता में राजस्थान 29 में स्थान पर है।

राजस्थान में उद्योग

  1. सूती वस्त्र उद्योग
  2. सीमेंट उद्योग
  3. डेयरी उद्योग

1. सूती वस्त्र उद्योग : सबसे पहले राजस्थान में सूती वस्त्र मील्स कहा खुली थी इसकी शुरुआत राजनैतिक विशेष योगदान से हुआ।

सेठ दामोदर दास ने राजस्थान में पहली मील्स खाली थी , सन 1889 नाम श्री कृष्ण मील्स दूसरी मील्स एंडवड मील्स तीसरी मील्स महालक्ष्मी मील्स।

प्रश्न : राजस्थान में वस्त्र के नगर से कौनसा जिला जाना जाता है ?

उत्तर : भीलवाडा

प्रश्न : पाली में स्थित राजस्थान की सबसे बड़ी मील्स कौनसी है ?

उत्तर : उम्मेद

प्रश्न : राजस्थान के कौनसे जिले है जिसमे कपास उत्पादन किया जाता है ?

उत्तर : गंगानगर , हनुमानगढ़ , वारावाडा

2. सीमेन्ट उद्योग :

कच्चा माल – चूना , पत्थर

सफ़ेद सीमेंट के कारखाने –

  • निवाहेडा चित्तोडगढ
  • गौटन नौगार
  • खाइया खेआर  जोधपुर

प्रश्न : राजस्थान में सबसे अधिक सीमेंट का कारखाने कहा है ?

उत्तर : चित्तोडगढ

प्रश्न : राजस्थान में प्रथम सीमेंट कारखाना कहा है ?

उत्तर : लाखेरी

भारत में सीमेंट उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान का कौनसा स्थान है ?

राजस्थान में ग्रामीण विकास :

राजस्थान में 75.2% जनसंख्या ग्रामीण है , यह उद्योग के रूप में कुटीर व डेयरी पशुपालन के रूप में उद्योग करता है।

डेयरी विकास : गौवंश , भैस , बकरी , भेड़ , ऊँट , घोडा , गधा।

नस्ल : गौवंश , गाय

नियोजन :

  1. भील – उदयपुर , राजसमंद
  2. मीणा – जयपुर , सवाईमाधोपुर
  3. गारसिया – सिरोही , उदयपुर
  4. सहरिया – कोटा , बारां , किशनगढ़ , शह्वाद तहसील
  5. डामोर – डूंगरपुर
नियोजन : किसी समस्या को पहचानकर उसे दूर करने के लिए निति निर्माण को पूर्ण करने के लिए रणनीति तैयार करना क्रियान्वित करना यह सम्पूर्ण प्रक्रिया नियोजन कहलाती है।
योजना आयोग : क्रेंद्र का विकास करने , अध्यक्ष – प्रधानमंत्री
पञ्चवार्षिक
योजना संसाधनों की पहचान कर संसाधनों का विकास योजना का विकास योजना का विकास कर देश का।
विकासकरना 15 मार्च 1950 को योजना का गठन किया गया।  आयोग का नाम बदलकर निति आयोग कर दिया।
राष्ट्रीय विकास परिषद् :8 अगस्त 1952 को राष्ट्रीय विकास की परिषद स्थापना की गयी।
योजना आयोग के सदस्य : मंत्री परिषद के , राज्यों के मुख्यमंत्री।