पॉट्सडैम समझौता या पोट्सडम सम्मेलन क्या है , कब हुआ , कहाँ हुआ , किसके मध्य हुआ potsdam agreement in hindi

By   October 1, 2020

potsdam agreement in hindi Conference पॉट्सडैम समझौता या पोट्सडम सम्मेलन क्या है , कब हुआ , कहाँ हुआ , किसके मध्य हुआ |

पोट्सडम सम्मेलन
पोट्सडम (बर्लिन) सम्मेलन जुलाई-अगस्त, 1945 में हुआ। जर्मनी ने मित्र राष्ट्रों के सम्मुख बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण किया था। जर्मनी और दूसरे पूर्वी यूरोपीय देशों के भविष्य के संदर्भ में युद्ध के समय विभिन्न सम्मेलनों में बहुत से निर्णय किये गये थे। इन निर्णयों को सम्मुख रखते हुए अब एक औपचारिक व्यवस्था को तैयार करना था। पोट्सडम सम्मेलन में स्टालिन, चर्चिल, च्यांग काई-शेक तथा अमरीकी राष्ट्रपति हेरी टूमैन ने भाग लिया। उनकी सहायता उच्च शक्ति प्राप्त प्रतिनिधिमंडलों द्वारा की गयी। सम्मेलन ने औपचारिक शाति संधि करने के मामले को छोड़कर जर्मनी की भविष्य व्यवस्था के विषय में महत्वपूर्ण निर्णय किया। अन्य पराजित राष्ट्रों के साथ की जाने वाली शांति संधियों की तैयारियाँ भी प्रारंभ हो चुकी थी। जापान को अभी पराजित करना शेष था।

ऐसे कई दिशानिर्देशक सिद्धांतों को तैयार किया गया जो जर्मनी के साथ शांति संधि का आधार बनने वाले थे। इनमें शामिल थे 10 राजनीतिक सिद्धांत. 9 आर्थिक सिद्धांत, युद्ध हर्जाने को निर्धारित करने वाले 10 सिद्धांत, जर्मन नौसेना के विभाजन को संचालित करने वाले 6 सिद्धांत, जर्मनी के व्यापारिक समुद्री जहाजों का वितरण करने वाले 5 सिद्धांत । जर्मनी के प्रदेशों पर सैनिक नियत्रण के लिए चार बड़ी शक्तियों के प्रतिनिधियों की एक समिति का गठन किया गया। यह भी निर्णय हुआ कि जर्मनी को हथियारविहीन कर दिया जायेगा. नाजी संगठन तथा नाजी कानूनों को समाप्त कर दिया जायेगा। युद्ध अपराधियों पर मुकदमा चलाया जायेगा और उनको कड़ा दंड दिया जायेगा। अत में, जर्मनी में एक लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की जायेगी तथा जनता के अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं को पुनः स्थापित किया जायेगा।

पोलैण्ड की पश्चिमी सीमाओं को बिना सुलझाएँ, दक्षिण पूर्वी प्रशिया तथा पूर्वी नदियों की व्यवस्था के क्षेत्रों और नैशे इस देश के पश्चिमी भागों का निर्णय करेंगे। यह भी सहमति हई कि जितनी जल्दी सम्भव हो पोलण्डे स्वतत्र एव उचित लोकतात्रिक चुनाव कराए।

पोट्सडम सम्मेलन में तय किया गया कि मित्र राष्ट्रों की सेनाओं को ईरान से तुरंत वापस बुलाया जाये। तांजियर को एक अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र घोषित किया गया । आस्ट्रिया से कोई युद्ध हर्जाना वसूल न किया जाये।

सम्मेलन में जापान के आत्मसमर्पण के आधारों का भी निर्णय लिया गया। साम्राज्यवादी प्रवृत्तियों को खत्म किया जायेगा और जापान को हथियार विहीन कर दिया जायेगा। जापान के युद्ध । अपराधियों को दंडित किया जाये। उसके आत्मसमर्पण के तुरंत बाद जापान में मित्र सेना के नियंत्रण को स्थापित किया जाये और तत्काल एक लोकतांत्रिक सरकार का गठन हो। जापान की सार्वभौमिकता उसके बड़े प्रांतों तथा कुछ छोटे द्वीपों तक सीमित होगी। युद्ध से पूर्व तथा द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान द्वारा अधीन किये गये सभी विदेशी क्षेत्रों को मुक्त कराकर उन देशों को सौंप दिया जायेगा जो कानूनी तौर से उनसे संबंधित थे।

पोट्सडम सम्मेलन द्वारा जापान के आत्मसमर्पण के लिए जो शर्ते पारित की गयी थी वे जापान को माननीय न थी। संयुक्त राज्य अमरीका ने सोवियत संघ को विश्वास में लिये बगैर अगस्त, 1945 के प्रारंभ में जापान के दो शहरों पर अणु बमों को गिराया जिससे उसे 10 अगस्त, 1945 को बिना शर्त आत्मसमर्पण करने के लिए बाध्य किया जा सका। इस प्रकार द्वितीय विश्वयुद्ध का अंत हो गया। यह एक तथ्य है कि संयुक्त राज्य अमरीका ने सोवियत संघ की जानकारी के बगैर अणु बम का विकास एवं उसका इस्तेमाल किये जाने के कारण द्वितीय विश्वयुद्ध के समाप्त हो जाने के तुरन्त पश्चात् शीतयुद्ध का उद्गम हुआ।

बोध प्रश्न 3
टिप्पणी: क) अपने उत्तर के लिए नीचे दिए गए स्थान का प्रयोग कीजिए।
ख) इस इकाई के अंत में दिए गए उत्तरों से अपने उत्तर को मिलाइए।
1) 1946 में विजयी राष्ट्रों तथा इटली के साथ सम्पन्न हुई शांति संधि की धाराओं का संक्षेप में विवरण दीजिए।
2) 1952 में जापान द्वारा हस्ताक्षरित शांति संधि की धाराओं का सारांश लिखें।

बोध प्रश्न 3 उत्तर
1) फ्रांस, यूनान एवं युगोस्लोवाकिया के लिये क्षेत्रों की प्राप्ति, ट्रिस्टे स्वतंत्र हो गया, अलबेनिया-तथा अबिलिनिया (इथोपिया) ने पुनः स्वतंत्रता प्राप्त की, सशस्त्र बलों में कटौती।
2) कोरिया की स्वतंत्रता को मान्यता प्रदान कर दी गयी, जापान ने फारमोसा, सखालिन तथा कुरील द्वीपों पर अपने अधिकारों का परित्याग कर दिया, चीन के सभी क्षेत्र मुक्त हो गये, जापान ने युद्ध के लिए अपने उत्तरदायित्व को स्वीकार किया, लेकिन उसको युद्ध क्षतिपूर्ति नहीं देनी पड़ी।

इकाई की रूपरेखा
उद्देश्य
प्रस्तावना
द्वितीय विश्वयुद्ध का प्रारंभ और कारण
युद्ध का प्रारंभ
संयुक्त राज्य अमरीका एवं सोवियत संघ का मित्र बनना
द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणाम
इटली और जर्मनी की पराजय
जापान की पराजय
द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् शांति की स्थापना
पोट्सडम सम्मेलन
शांति संधियाँ
महाशक्तियों का उद्गम
संयुक्त राज्य अमरीका का नाभिकीय शक्ति बनना
संयुक्त राज्य अमरीका को सोवियत संघ की चुनौती
सारांश
शब्दावली
कुछ उपयोगी पुस्तकें
बोध प्रश्नों के उत्तर

उद्देश्य
इस इकाई में द्वितीय विश्वयुद्ध का वर्णन किया गया है। इस युद्ध का प्रारंभ सितम्बर 1939 में हुआ और संयुक्त राज्य अमरीका द्वारा दो आण्विक बमों का प्रयोग करने पर अगस्त 1945 में इसका अंत हआ। इस इकाई का अध्ययन करने के बाद आपः
ऽ द्वितीय विश्वयुद्ध के कारणों को जान सकेंगे,
ऽ कैसे द्वितीय विश्वयुद्ध का प्रारंभ हुआ और किस प्रकार संयुक्त राज्य अमरीका तथा सोवियत संघ मित्र बने समझ सकेंगे,
ऽ प्रयासों का परिणाम युद्ध के समापन पर शांति संधियों पर हस्ताक्षर के रूप में हुआ इसके बारे में जान सकेंगे, और
ऽ संयुक्त राज्य अमरीका एवं सोवियत संघ के महाशक्तियों के रूप में उदगम के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।