कार्बधात्विक यौगिक , organometallic compounds in hindi ,नामकरण  , पॉलीहेप्टो , हेप्टिसिटी

(organometallic compounds in hindi) कार्बधात्विक यौगिक : वे यौगिक जिनमें कार्बनिक समूह एवं धातु परमाणु सीधे c द्वारा जुड़े होते है कार्बधात्विक यौगिक कहलाते है।

या

वे यौगिक जिनमे c सीधा धातु परमाणु से जुड़ा होता है।

कार्बनिक समूह :-

1. एल्किल समूह (-R)

2. एरिल समूह (-Ar)

3. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

4. विषम चक्रीय यौगिक

जैसे : डाई एथिल जिंक एक कार्बधात्विक यौगिक है।

कार्बधात्विक यौगिको मे धात्विक शब्द का अर्थ केवल धातु परमाणु से नहीं होता है।  कुछ अन्य तत्व जैसे बोरोन , सिलिकॉन , जर्मेनियम , आर्सेनिक आदि तत्व जिनकी विद्युत ऋणता कार्बन की विद्युत ऋणता से कम होती है आदि को भी धातु के समान मान लिया जाता है।

जैसे : टेट्रा मेथिल सिलेन  एक कार्बधात्विक यौगिक माना जाता है।

नोट : 1. धातु कर्बोनिल यौगिकों में कार्बनिक समूह अनुपस्थित होता है परन्तु फिर भी इन यौगिकों को कार्बधात्विक यौगिक मान लिया जाता है क्योंकि इन यौगिकों के कई गुण जैसे-वाष्पशीलता ,प्रतिचुम्बकीय प्रकृति आदि कार्बधात्विक यौगिको के समान होते है।

2. धातु कार्बाइड धातु सायनाइड आदि को कार्बधात्विक यौगिक नहीं मानते क्योंकि इनमे धातु कार्बन बंध तो होता है , परन्तु कार्बनिक समूह नहीं होने के कारण इनको कार्बधात्विक यौगिक नहीं मानते।

नामकरण

1. इनके सूत्र एवं नाम में कार्बनिक समूह को पहले को पहले तथा धातु को बाद में लिखा जाता है , एवं पूरा नाम एक साथ लिखा जाता है।
जैसे :  (CH3)3Al – ट्राइमेथिल एल्युमिनियम
C2H5Li – एथिल लिथियम
2. मिश्रित कार्बधात्विक यौगिकों के नाम में कार्बनिक समूह व धातु का नाम लिखकर बाद में अकार्बनिक भाग का नाम लिखा जाताहै।
उदाहरण : CH3-MgBr – मैथिल मैग्नीशियम ब्रोमाइड
C6H-MgBr -फेनिल मैग्निशियम ब्रोमाइड
3. B , Si आदि तत्वों के कार्ब धात्विक यौगिकों के नाम इनके हाइड्राइडो के व्युत्पन्नो के रूप में लिखे जाते है।
अर्थात – BH3 -बोरेन
SiH– सिलेन
के रूप में लिखे जाते है।
उदाहरण : (CH3)3B – ट्राई मेथिल बोरेन
(CH3)4Si – टेट्रा मैथिल सिलिकेन
4. यदि कार्बनिक समूह में प्रतिस्थापी होता है तो कार्बनिक यौगिकों के नामकरण वाले सामान्य नियम काम में लेते है।
उदाहरण : (4-क्लोरो फेनिल)मर्करी
5. कार्बधात्विक ऋणायन का नाम लिखते समय धातु के नाम के अंत में ‘एट’ जोड़ दिया जाता है।
example : [Zn(C2H5)3]-1 – ट्राई एथिल जिंकेट(II ) आयन
पॉलीहेप्टो :  जिन कार्बनिक यौगिकों में कार्बनिक समूह के एक से अधिक c धातु के साथ बंध बनाते है , वे पॉलीहेप्टो यौगिक कहलाते है।
हेप्टिसिटी (hepticity) : यह लिगेंड का गुण होता है , लिगेंड जितने दाता परमाणुओं से धातुओं से जुड़ता है उसे हेप्टिसिटी  कहते है।
या
कार्बनिक समूह जितने c परमाणुओं द्वारा धातु से जुड़ता है उसे हेप्टिसिटी कहते है।
इसे “nx” से दर्शाते है।
यहाँ x = लिगेंड के दाता परमाणुओं की संख्या जिनसे वह धातु से जुड़ता है।

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