रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय कहाँ स्थित है headquarters of ramakrishna mission in hindi west bengal

By   December 15, 2020

headquarters of ramakrishna mission in hindi west bengal रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?

उत्तर : रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय पश्चिम बंगाल के बेलूड़ मठ में स्थित है | इसका पूरा पता Belur, Howrah, West Bengal 711202 है |

शब्दावली
बेलूर मठ (Belur Math) ः रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय
पवित्र माता (Holy Mother) ः श्री शारदा देवी
मठ (Math) ः चिंतनशील व्यवस्था
मिशन (Mission) ः सामाजिक रूप से सक्रिय व्यवस्था
संन्यासी (Sanyasi) ः संसार का त्याग करके ईश्वर में ध्यान लगाने वाला
सनातन धर्म (Sanatan Dherma) ः शाश्वत धर्म
वेदान्त (Vedanta) ः हिन्दू धर्म का एक दर्शन जो सभी घटनाओं के बीच एकात्मक एकता को ईश्वर की इच्छा के साथ रखते हुए प्रचारित करता है।

बोध प्रश्न 3
1) श्री रामकृष्ण के जन्मदिन समारोहों के बारे में लगभग पांच से सात पंक्तियों में लिखिए।
2) त्रिदेव की अवधारणा की व्याख्या कीजिए।

बोध प्रश्नों के उत्तर

बोध प्रश्न 3
1) श्री रामकृष्ण का जन्मदिन 18 फरवरी, 1836 है। इस दिन अनेक प्रार्थना सभाएं एवं धार्मिक समारोह आयोजित किये जाते हैं। रामकृष्ण के विचारों एवं आशीर्वादों का सभी भक्तों को लाभ मिलता है।
2) रामकृष्ण मिशन का दर्शन त्रिदेव को इस तरह से देखता है- श्री रामकृष्ण-पिता, शिक्षक, गुरू, मार्गदर्शक, जो मार्गदर्शक है। श्री शारदा देवी पवित्र माता हैं और प्रेम एवं शुद्धता की मूर्ति तथा दैवीय ऊर्जा का स्रोत हैं। अंततः स्वामी विवेकानन्द को जागृत आत्मा वाले एक शिष्य के रूप में देखा गया है जो कि प्रेम एवं दैवीय सेवा के अग्रदूत हैं।

इस त्रिदेव को दैवीय तथा साथ ही मानवीय माना जाता है।

उद्देश्य
इस इकाई के अध्ययन के बाद, आपः
ऽ रामकृष्ण मिशन की शुरुआत कैसे हुई, इस बारे में एक स्पष्ट समझ बना सकेंगे,
ऽ उन विशिष्ट व्यक्तियों की पहचान कर सकेंगे। जिन्होंने रामकृष्ण मिशन के विकास में योगदान दिया,
ऽ रामकृष्ण मिशन की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में सामान्य विचार सृजित कर सकेंगे,
ऽ रामकृष्ण मिशन के सांगठनिक ढांचे-इसके मुख्यालय की व्यवस्था तथा उपसंगठनों के बारे में स्पष्ट समझ बना सकेंगे,
ऽ जनता की जीवन स्थितियों को सुधारने तथा विश्व के मानव समुदाय के दुखों को दूर करने में, इस तरह के संगठनों की उपयोगिता को समझ सकेंगे, और
ऽ उन चुनौतियों के बारे में जागरूक होंगे जो कि इस धार्मिक संगठन के समक्ष मौजूद हैं तथा कई टुकड़ों में विभाजित हमारे इस आज के जगत में एक धार्मिक आन्दोलन के रूप में इसकी चुनौतियों और भावी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

प्रस्तावना
इस इकाई में हम रामकृष्ण मिशन पर चर्चा करेंगे जो कि एक आधुनिक धार्मिक आन्दोलन है। इसके प्रणेता रामकृष्ण अद्भुत व्यक्ति थे और वैसे ही थे इसके संस्थापक स्वामी विवेकानन्द । खंड की पिछली इकाइयों (17,23,24,25,26) का अध्ययन करने पर हमें आशा है कि आप धार्मिक विविधताओं की प्रकृति तथा भारत में धार्मिक आन्दोलनों के उद्भव के बारे में जान गये होंगे। मध्यकाल में हुए धार्मिक आन्दोलनों का अध्ययन करने के पश्चात आपने भक्तिवाद तथा सुफीवाद के मध्यकालीन आन्दोलनों के सार को ग्रहण कर लिया होगा।

आप यह भी समझ गये होंगे कि विभिन्न संगठनों के अधीन किस तरह से धार्मिक आन्दोलनों का विकास मध्यकालीन धार्मिक आन्दोलनों, जैसे दक्षिण में कर्नाटक क्षेत्र में वीरशैववाद, तथा उत्तर में पंजाब में सिक्ख धर्म तथा आधुनिक धार्मिक आन्दोलनों जैसे उत्तर में पंजाब में आर्य समाज तथा पूर्व में बंगाल में रामकृष्ण मिशन, के रूप में हुआ था। धीरे-धीरे ये आधुनिक धार्मिक आन्दोलन व्यापक रूप से फैल गये, तथा भारत तथा विश्व के अनेक हिस्सों में इनका प्रभाव हो गया।

इस इकाई में हम रामकृष्ण मिशन की स्थापना, इसकी विचारधारा तथा सांगठनिक ढांचा, तथा रामकृष्ण मिशन की विभिन्न गतिविधियों पर विचार करेंगे। हम रामकृष्ण, शारदा देवी तथा विवेकानन्द के जन्मदिन समारोहों के सांकेतिक महत्व पर भी विचार करेंगे। अंत में हम भक्ति सम्मेलनों तथा अन्य विविध गतिविधियों का भी अध्ययन करेंगे। अब यह बताना जरूरी है, कि यह इकाई के अंत में सूचीबद्ध उपयोगी पुस्तकों के अध्ययन पर आधारित है।

 जनता की सहभागिता (Participation of People)
कोई भी आन्दोलन केवल जनता की सहभागिता के जरिए ही स्वयं को कायम रख सकता है। रामकृष्ण मिशन वेदान्त के जीवन देने वाले विचारों तथा श्री रामकृष्ण एवं स्वामी विवेकानन्द के प्रेरणादायक संदेशों का नियमित उपदेश तथा समय-समय पर होने वाले भाषणों के जरिए प्रचार-प्रसार कर रहा है। जो कि महान शिक्षकों के जन्मदिन समारोहों, भजनों, पूजा, एकादशी के दिन रामनाम संकीर्तन तथा हिन्दी में रामचरित मानस के साप्ताहिक पाठ, विवेक चैदमी पर बंगला में पाठ तथा कभी-कभी वेदान्त पर अंग्रेजी में चर्चा, के जरिए लोगों की आध्यात्मिक भावना को उत्प्रेरित करता है। सभी धार्मिक कार्यक्रमों में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग, विद्यार्थी, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, राजनीतिज्ञ, डाक्टर, व्यावसायिक लोग तथा आम लोग, अमीर व गरीब सभी भाग लेते हैं। शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी तरह के लोगों को मिलता है।

आइये, हम इनमें से कुछ सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंः
क) क्षय रोग की महाविपत्ति का संगठित ढंग से मुकाबला करने के लिए, रामकृष्ण मिशन ने कुछ इलाकों में क्षयरोग का मुफ्त इलाज करने के लिए केन्द्र उपलब्ध कराये हैं जो कि अकेले गैर सरकारी संस्थान हैं। इन क्लीनिकों के निम्नलिखित कार्य हैं:
प) अलग-अलग केसों का रोग-निदान करना,
पप) क्लीनिक पर उपचार योग्य केस का उपचार करना,
पप) जिन केसों में लम्बे समय तक अस्पताल में भर्ती किये जाने की आवश्यकता हो अथवा विशेष शल्य उपचार की आवश्यकता हो, उन्हें अन्य अस्पतालों में भर्ती कराना।
पअ) डोमिसिलियरी (Domiciliary) सर्विस स्कीम के तहत, भर्ती से पूर्व तथा अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रोगियों का घर पर इलाज करना,
अ) रोकथाम के उपाय के रूप में, रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच करना।

रामकृष्ण मिशन द्वारा दिल्ली में चलाया जाने वाला क्षय रोग क्लीनिक, क्षय रोग के रोगनिदान एवं उपचार की सभी सुविधाओं से लैस है। केन्द्रीय सरकार की स्वास्थ्य योजना के अन्तर्गत आने वाले लोगों को छोड़कर, शेष सभी रोगियों को क्षय रोग रोकथाम दवाएं, एंटीबाइटिक्स, विटामिन आदि जैसी दवाएं मुफ्त में जाती हैं। क्लीनिक फिजीशियन, मेडिकल ऑफीसर, पैरामेडीकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, डिस्पैन्सर, लेबोरेटरी असिस्टैण्टों, आदि सभी से संपन्न हैं।

ख) डोमीसिलियरी सर्विस स्कीम में डोमीसिलियरी सर्विस यूनिट मौजूद है, जिसके कर्मचारीगण दिल्ली नगर निगम द्वारा क्षयरोग नियंत्रण के उनके कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए डेपुटेशन पर भेजे गए हैं। इस योजना के तहत, रोगी तथा संस्थान के बीच एक घनिष्ठ संपर्क स्थापित किया जाता है जिसमें रोगियों व उनके संपर्क में आने वाले लोगों को रोगी से अलग रखने तथा संक्रमण से बचाने जैसे मसलों पर घर जाकर सलाह दी जाती है, तथा आवश्यक जांच, सलाह व उपचार के लिए, यदि आवश्यक हो, तो उन्हें क्लीनिक पर भी लाया जाता है।
ग) मिशन की भावना तथा उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, मेडिकल डाइग्नोस्टिक सेन्टर, खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद समुदायों को सेवाएं प्रदान करता है।
घ) क्लीनिकल विंग पोलीक्लीनिक की शक्ल में है, जो कि अनेक प्रकार की सुविधाएं एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।
च) रामकृष्ण मिशन द्वारा संचालित मुफ्त होम्योपैथिक डिस्पैन्सरी, खासतौर से, आसपास के गरीब तबकों के लोगों की सेवा करती है।
छ) विशेष शिक्षा सेवाएं: रामकृष्ण मिशन द्वारा दिल्ली में अपनी इमारत के भीतर उपलब्ध कराये गए मुफ्त पुस्तकालय तथा वाचनालयों की सुविधाओं का लाभ प्रत्येक वर्ष सैकड़ों, हजारों लोग उठाते हैं। पुस्तकालय में पढ़ते, पुस्तकें घर ले जाने और बच्चों के लिए पढ़ने की अलग जगहें बनी हुई हैं और वाचनालय तथा पृथक लैण्डिंग सेक्शन तथा बच्चों जिसका लोग उपयोग करते हैं। रामकृष्ण मिशन द्वारा दिल्ली में अपनी इमारत के भीतर, दिल्ली विश्वविद्यालय की मदद से विश्वविद्यालय छात्रों का खंड-पुस्तकालय भी चलाया जाता है, जिसका उपयोग इसकी सदस्यता ग्रहण करने के बाद केवल दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र ही कर सकते हैं।