स्कंदन व विधुत कण संचलन क्या है coagulation in hindi Modular particle circulation

coagulation in hindi स्कंदन व विधुत कण संचलन क्या है Modular particle circulation

5 . विधुत कण संचलन(Modular particle circulation) :

समस्त कोलॉइडी कणो पर एक जैसा आवेश होता है।

विधुत क्षेत्र की उपस्थिति में कोलाइडी कण अपने से विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर गति करते है इसे विधुत कण संचलन कहते है।

एक U आकार की कांच की नली में As2S3 (आर्सेनिक सल्फाइड ) (ऋणावेशित सॉल ) लेकर इसमें PE के दो इलेक्ट्रोड लगा देते है विधुत धारा प्रवाहित करने पर समस्त कोलाइडी कण एनोड (धन इलेक्ट्रोड ) की ओर गति करते है।

6. स्कंदन(coagulation ) :

कोलाइडी कणों को अवक्षेप में बदलने की क्रिया को स्कंदन कहते है।

नोट : स्कंदन तथा पेप्टन एक दूसरे के विपरीत क्रियाएं है।

व्याख्या :

समस्त कोलाइडी कणों पर एक जैसा आवेश होता है।  जब इसमें विधुत अपघट्य मिलाया जाता है तो विधुत अपघट्य के विपरीत आवेशित आयनो द्वारा कोलाइडी कण उदासीन हो जाते है।  ये गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पैंदे में एकत्रित हो जाते है अर्थात स्कंदन हो जाता है।

स्कंदन निम्न प्रकार से होता है :

  • विधुत कण संचलन की क्रिया में स्कंदन होता है क्योंकि जब कोलाइडी कण विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर जाते है तो वे वहां उदासीन हो जाते है।
  • कोलाइडी विलयन को अत्यधिक गर्म करने पर कोलॉइडी कण अपने आवेश को नष्ट कर लेते है जिससे स्कंदन हो जाता है।
  • दो विपरीत आवेशित सॉल को मिलाने पर स्कंदन होता है जैसे As2S3 (आर्सेनिक सल्फाइड ) (ऋणावेशित सॉल ) में जल योजित फेरिक ऑक्साइड सॉल (धनावेशित सॉल ) मिलाने पर कोलॉइडी कण एक दूसरे को उदासीन कर देते है अर्थात स्कंदन हो जाता है।
  • लगातार अपोहन करने से भी स्कंदन हो जाता है।
  • कोलॉइडी विलयन में विधुत अपघट्य मिलाने से भी स्कंदन हो जाता है जैसे जल योजित फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3 . H2O) (धनावेशित सॉल ) में नमक का विलयन मिलाने पर क्लोराइड आयन द्वारा कोलॉइडी कणो का स्कंदन हो जाता है।

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