Category Archives: Physics

12 वीं भौतिकी में हिंदी 12th Physics in hindi

एकीकृत परिपथ (IC) (इंटीग्रेटेड सर्किट) की परिभाषा क्या है तथा प्रकार

प्रश्न 1 : एकीकृत परिपथ समझाइये इसके लाभ लिखिए ये कितने प्रकार की होती है। उत्तर :  एकीकृत परिपथ (IC) (इंटीग्रेटेड सर्किट)  : अर्द्धचालक का एकल  क्रिस्टल (सिलिकन) को लेकर उस पर सक्रिय अवयव जैसे डायोड ट्रांजिस्टर और आक्रिय अवयव जैसे प्रतिरोध और संधारिख् का सूक्ष्म रूप से निर्माण करके अनेक इलेक्ट्राॅनिक परिपथ की सरंचना करते… Continue reading »

संचार व्यवस्था की परिभाषा क्या है तथा प्रकार Communication system in hindi

प्रश्न 1 : संचार व्यवस्था की परिभाषा दीजिए इसका खण्ड चित्र बनाकर मुख्य भागों कीकार्यविधि समझाइये? ans :  संचार व्यवस्था (Communication system):-सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की व्यवस्था को संचार व्यवस्था कहते है। इसके मुख्य भाग निम्न है:- 1. प्रेषित 2. चैनल 3. अभिग्राही खण्ड चित्र – डाइग्राम संदेश सिग्नल को सीधे… Continue reading »

निम्न की परिभाषा क्या है definitions in communication system physics

निम्नलिखित की परिभाषा दीजिए अथवा समझाइये? उत्तर :  1. ट्रांसड्यूसर (Transducer):- यह ऐसी युक्ति है जो ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित करती है जैसे माइक्रोफोन ध्वनि को विद्युत संकेतों में बदलता है। फोटो डायोड प्रकाशीय सिग्नल को विद्युत सिग्नल में बदलता है। 2. सिग्नल (Signal):– सूचना को विद्युत रूप में रूपान्तरित… Continue reading »

N-P-N ट्रांजिस्टर परिपथ चित्र बनाइये और कार्यविधि , npn ट्रांजिस्टर को स्वीच के रूप में

प्रश्न 1 : N-P-N ट्रांजिस्टर (N-P-N transistor) के अभिलाक्षणिक वक्र खीचने के लिए परिपथ चित्र बनाइये और कार्यविधि समझाइए निवेशी और निर्गत अभिलाक्षणिक वक्र खीचिए उत्तर : 1. निवेशी 2 . निर्गत प्रतिरोध 3 . धारा लब्धि या धारा गुणांक डाईग्राम कार्यविधि (working):- अभिलाक्षणिक वक्र खीचने के लिए npn ट्रांजिस्टर को उत्सर्जक आधार संधि को बैटरी Vbb से… Continue reading »

ट्रांजिस्टर (Transistor) in hindi , ट्रांजिस्टर में धारा प्रवाह

question : ट्रांजिस्टर की संरचना समझाइए? इसके प्रतिक चिन्ह दीजिए। ट्रांजिस्टर के प्रकार लिखिए और n-p-n & p-n-p ट्रांजिस्टर में धारा प्रवाह समझाइए? उत्तर :  ट्रांजिस्टर (Transistor):- इनमें तीन अपमिश्रित क्षेत्र होते है तथा इसमें दो pn संधि होती है तीन भाग निम्न है। 1. उत्सर्जक (Emitter):- यह अधिक मादित क्षेत्र होता है। जिसका कार्य अधिक मात्रा… Continue reading »

प्रकाश उत्सर्जन डायोड (LED) , सौर सेल की बनावट व कार्य प्रणाली

प्रश्न 1 : प्रकाश उत्सर्जन डायोड (LED) का परिपथ का चित्र बनाकर कार्यप्रणाली समझाइये? उत्तर :  प्रकाश उत्सर्जक डायोड (Light emitting diode):- ये ऐसे डायोड है जो परिपथ में अग्र बायस में जोड़ने पर प्रकाश उत्सर्जन करते है इन्हें अत्याधिक मात्रा में अशुद्वि को अपमिश्रण करके बनाया जाता है तथा इन्हें पारदर्शी आवरण में बन्द कर… Continue reading »

जेनर डायोड (Zener diode) , फोटो डायोड (Photo diode)

प्रश्न 1 : जेनर डायोड किसे कहते है इसकी कार्य प्रणाली समझाइये? उत्तर :  जेनर डायोड (Zener diode):- यह ऐसा डायोड है जो वोल्टता नियंत्रण में काम आता है। इसके p और n भाग में अधिक मात्रा में अशुद्वि अपमिश्रित करते है ताकि ह्यसी क्षेत्र की चैड़ाई कम हो । इससे कम वोल्टता आरोपित करने पर ही… Continue reading »

दिष्ट करण , कार्यप्रणाली , पूर्ण तरंग दिष्टकारी , शुद्ध दिष्टधारा के लिए फिल्टर परिपथ

प्रश्न 1 : दिष्ट करण किसे कहते है परिपथ चित्र बनाकर अर्द्धतंरग दिष्ट कारी की कार्य प्रणाली समझाइये? और प्राप्त निर्गत वोल्टता का तरंग चित्र दीजिए? उत्तर :  दिष्ट करण :-प्रत्यावृत्ति धारा को दिष्ट धारा में बदलना दिष्टकरण कहलाता है और जिस परिपथ के द्वारा दिष्टकरण किया जाता है। उसे दिष्टकारी कहते है। इसके लिए प्रत्यावृत्ति का… Continue reading »

p-n  संधि डायोड में अग्र बायस और पश्च बायस , PN संधि डायोड का अभिलाक्षणिक वक्र

प्रश्न 1 : p – n  संधि डायोड में अग्र बायस और पश्च बायस में धारा प्रवाह समझाइये? उत्तर :  अग्र बायस (forward bias):-  यदि pn संधि डायोड के p भाग का सम्बन्ध बैटरी के धन टर्मेनल से ओर n भाग का सम्बन्ध बैटरी के ऋण टर्मिनल से कर दे तो इसे अग्र वायस कहते है। डाईग्राम इस प्रकार से… Continue reading »

p – n  संधि का निर्माण समझाइये formation of pn junction in hindi

प्रश्न 1 : p – n  संधि का निर्माण समझाइये। p-n संधि बनने में होने वाली दो क्रियाओं को समझाइये ह्यासी क्षेत्र और रोधी का विभव को परिभाषित कीजिए? डाईग्राम उत्तर :  p-n संधि का निर्माण (formation of pn junction):-  यदि अर्द्ध चालक में एकल क्रिस्टल में एक तरफ n प्रकार का अर्द्धचालक बनाने के लिए पंच सयोजी… Continue reading »