Category Archives: Physics

12 वीं भौतिकी में हिंदी 12th Physics in hindi

डी मॉड्यूलेशन क्या है , कैसे होता है , आवश्यकता , फायदे , उदाहरण विधि (demodulation in hindi)

(demodulation in hindi) डी मॉड्यूलेशन क्या है , कैसे होता है , आवश्यकता , फायदे , उदाहरण विधि : किसी मॉडूलित सिग्नल में से मूल सिग्नल या मूल संकेतों को प्राप्त करने की विधि को डी मॉड्यूलेशन कहते है। जब कोई मॉड्यूटेड सिग्नल सिग्नल प्रेषि से ग्राही तक पहुँचता है तो इस मॉड्यूटेड सिग्नल में वाहक तरंगे… Continue reading »

मॉडुलन की संकल्पना क्या है , मॉडुलन के प्रकार , आवश्यकता , आयाम , आवृत्ति , कला मॉड्यूलेशन (modulation in hindi)

(modulation in hindi) मॉडुलन की संकल्पना क्या है , मॉडुलन के प्रकार , आवश्यकता , आयाम , आवृत्ति , कला मॉड्यूलेशन : किसी सिग्नल को अधिक दूरी तक भेजने के लिए इसे उच्च आवृत्ति की रेडियो तरंगों के साथ अध्यारोपित करके भेजा जाता है ताकि यह अधिक दूरी तक भेजी जा सके , इन रेडियो तरंगों को… Continue reading »

एनालॉग और डिजिटल सिग्नल , अनुरूप एवं अंकीय संकेत , अंतर क्या है (analog and digital signals in hindi)

(analog and digital signals in hindi) एनालॉग और डिजिटल सिग्नल अंतर क्या है , अनुरूप एवं अंकीय संकेत : किसी सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक भेजना संचार व्यवस्था कहलाता है अर्थात जब दो व्यक्तियों में सूचना का आदान प्रदान हो रहा है तो इसका तात्पर्य है कि इनके मध्य संचार व्यवस्था संपन्न है।… Continue reading »

प्रकाशीय तन्तु क्या है , परिभाषा , प्रकाशीय तंतु का सिद्धांत , कार्य ऑप्टिकल फाइबर (optical fiber in hindi)

(optical fiber in hindi) प्रकाशीय तन्तु क्या है , परिभाषा , प्रकाशीय तंतु का सिद्धांत , कार्य ऑप्टिकल फाइबर : एक बहुत ही बारीक या पतला तंतु जो प्लास्टिक या काँच का बना हुआ होता है और इसके द्वारा प्रकाशीय सिग्नल या सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए किया जाता है। अत:… Continue reading »

प्रकाशीय संचार , प्रकाशिक संचार (Optical communication in hindi)

प्रकाशीय संचार , प्रकाशिक संचार (Optical communication in hindi) : संचार की वह विधि जिसमें सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक भेजने के लिए विद्युत सिग्नल के बजाय प्रकाशीय तरंगें उपयोग में लायी जाती है , इसे प्रकाशीय संचार कहते है। अर्थात वह संचार जिसमें सूचना या सिग्नल को एक स्थान से दुसरे स्थान… Continue reading »

तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार (wire communication in hindi)

(wire communication in hindi) तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार : जब दो बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा आदान प्रदान के लिए उन दोनों बिन्दुओं को तार से जोड़ा जाता है और इस तार के माध्यम से ही दोनों बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा… Continue reading »

सुदूर संवेदन क्या है , प्रकार , उपयोग , अनुप्रयोग , सक्रिय और निष्क्रिय सुदूर संवेदन (remote sensing in hindi)

(remote sensing in hindi) सुदूर संवेदन क्या है , प्रकार , उपयोग , अनुप्रयोग , सक्रिय और निष्क्रिय सुदूर संवेदन : ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा किसी वस्तु या , जगह या किसी घटना के संपर्क में आये बिना ही इनकी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली जाती है उस प्रक्रिया को सुदूर संवेदन कहते है। सुदूर संवेदी… Continue reading »

उपग्रह संचार क्या है , परिभाषा , कैसे होता है , अनुप्रयोग (satellite communication in hindi)

(satellite communication in hindi) उपग्रह संचार क्या है , परिभाषा , कैसे होता है , अनुप्रयोग : पृथ्वी के चारों तरफ कक्षा में स्थित किसी उपग्रह की सहायता से एक जगह से दूसरी जगह तक सूचना को पहुँचाना उपग्रह संचार कहलाता है। इसी संचार के कारण हम दुनिया के किसी भी कोने में हो रहे… Continue reading »

आकाशीय तरंग संचरण (sky wave propagation in hindi)

(sky wave propagation in hindi) आकाशीय तरंग संचरण : इस प्रकार के तरंग संचरण में आयन मण्डल की बहुत अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है अत: पहले आयन मंडल के बारे में पढ़ते है। आयनमण्डल : पृथ्वी के चारों ओर के वायुमंडल में लगभग 80 किलोमीटर से लेकर 400 किलोमीटर तक की परत को आयनमंडल कहते है… Continue reading »

अन्तरिक्ष तरंग या क्षोभमण्डल तरंग संचरण (space wave propagation or tropospheric wave propagation in hindi )

(space wave propagation or tropospheric wave propagation in hindi ) अन्तरिक्ष तरंग या क्षोभमण्डल तरंग संचरण : हमारी पृथ्वी विभिन्न प्रकार की गैसों के आवरण से घिरी हुई है और इस चारों ओर के गैसों के आवरण को हम वायुमंडल कहते है। पृथ्वी के वायुमंडल को चार परतों में विभाजित किया गया है जो निम्न है… Continue reading »