Category Archives: Physics

12 वीं भौतिकी में हिंदी 12th Physics in hindi

जेनर डायोड , zener diode in hindi , फोटो डायोड , photodiode in hindi

डायोड के लिए गतिक प्रतिरोध : कोई भी P-N संधि डायोड एक आरेखीय युक्ति होती है।  इसलिए डायोडो के के लिए स्थैतिक प्रतिरोधो की जगह उनके गतिक प्रतिरोध के मान ज्ञात किये जाते है।  किसी भी डायोड के लिए गतिक प्रतिरोध निम्न दो प्रकार के होते है – 1. अग्र गतिक प्रतिरोध : किसी डायोड… Continue reading »

P-N संधि का निर्माण (formation of pn junction) , p-n संधि को बायस करना , अग्र बायस , पश्च बायस

P – N संधि का निर्माण (formation of pn junction) : किसी भी अर्द्धचालक में वह काल्पनिक सतह जहाँ पर p तथा n दोनों प्रकार के अर्द्धचालको का सम्पर्क तैयार होता है वह PN संधि कहलाती है।  इस सन्धि के किसी एक तरह केवल P प्रकार जबकि दूसरी तरफ केवल n प्रकार का अर्द्धचालक बनता है।… Continue reading »

अपद्रव्यी (अशुद्ध अर्द्धचालक) , extrinsic semiconductor , n प्रकार अर्द्धचालक , P प्रकार का अर्धचालक

(extrinsic semiconductor) अपद्रव्यी (अशुद्ध अर्द्धचालक) : नैज अर्द्धचालको की चालकता उसके तापमान पर निर्भर करती है।  इनकी चालकता का मान सामान्यतया कम ही होता है। इनकी चालकता को बढ़ाने के लिए नेज अर्धचालक में अल्प मात्रा की अन्य परमाणुओं की अशुद्धि मिलायी जाती है अत: अशुद्धि मिलाने पर इनकी चालकता में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।… Continue reading »

अर्द्धचालक में विद्युत धारा प्रवाह , current flow in semiconductor , अर्द्धचालकों में होलो का प्रवाह एवं विद्युत चालन

अर्द्धचालक में विद्युत धारा प्रवाह , current flow in semiconductor , अर्द्धचालकों में होलो का प्रवाह एवं विद्युत चालन

(current flow in semiconductor) अर्द्धचालकों में होलो का प्रवाह एवं विद्युत चालन : किसी भी अर्द्धचालक में होलो के प्रवाह को निम्न चित्र की सहायता से समझाया जा सकता है। जब अर्द्धचालक का तापमान बढाया जाता है तब अनेक सहसंयोजी बंध टूटते है। प्रत्येक एक सहसंयोजी बंध के टूटने से एक मुक्त इलेक्ट्रॉन प्राप्त होता है… Continue reading »

नैज (शुद्ध) अर्द्धचालक , अपद्रव्यी (अशुद्ध) अर्द्धचालक , extrinsic semiconductor and intrinsic semiconductor

नैज (शुद्ध) अर्द्धचालक , अपद्रव्यी (अशुद्ध) अर्द्धचालक , extrinsic semiconductor and intrinsic semiconductor

अर्धचालको के प्रकार (types of semiconductor) : मुख्यतया अर्द्धचालक निम्न दो प्रकार के होते है – (1) नैज (शुद्ध) अर्द्धचालक (intrinsic semiconductor) (2) अपद्रव्यी (अशुद्ध) अर्द्धचालक (extrinsic semiconductor) (1) नैज (शुद्ध) अर्द्धचालक : परिभाषा : वे अर्द्ध चालक जिनमे उपस्थित सभी परमाणु एक ही प्रकार के हो वे नैज अर्धचालक कहलाते है। इस प्रकार के अर्द्धचालको… Continue reading »

bands in conductors , insulators and semiconductor , ऊर्जा बैण्ड के आधार पर पदार्थ के वर्गीकरण

ऊर्जा बैण्ड के आधार पर पदार्थ के वर्गीकरण : ठोसो में ऊर्जा बैण्ड के आधार पर पदार्थ का वर्गीकरण निम्न तीन प्रकार में किया है – (i) चालक (ii) कुचालक (iii) अर्धचालक (i) चालक : वे ठोस पदार्थ होते है जिनमे वह बैण्ड जिसमे संयोजी इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते है।  वह या तो आंशिक रूप से भरा… Continue reading »

ठोसो में ऊर्जा बैंड (energy band in solids in hindi) , ठोस में उर्जा बैण्ड , उदाहरण

इलेक्ट्रॉनिक (electronics in hindi) : कुछ महत्वपूर्ण बातें :- तकनिकी की वह शाखा जिसमे उपकरण कम विभव एवं कम धारा पर आधारित होते है उसे इलेक्ट्रॉनिकी कहा जाता है। इस प्रकार के उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कहते है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सहायता से परिपथ में इलेक्ट्रॉनो के प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकता है। मुख्य… Continue reading »

गोलीय संधारित्र (spherical capacitor) , ऊर्जा हानि (energy loss) , चालकों के संयोजन से आवेशो का पुनर्वितरण एवं ऊर्जा हानि

गोलीय संधारित्र (spherical capacitor) , ऊर्जा हानि (energy loss) , चालकों के संयोजन से आवेशो का पुनर्वितरण एवं ऊर्जा हानि

(spherical capacitor in hindi) गोलीय संधारित्र : दो संकेन्द्रित गोले जिन पर वितरित आवेश के परिमाण समान एवं प्रकृति विपरीत होती है गोलीय संधारित्र का निर्माण करते है।  इनमे से एक गोले को भू-सम्पर्कित करते है दर्शाए गए चित्र में r2 त्रिज्या के किसी धातु के खोखले गोले के अन्दर r1 त्रिज्या का धातु का गोला उपस्थित होता है… Continue reading »

संधारित की विद्युत स्थितिज ऊर्जा (U) , electric potential energy of capacitor , ऊर्जा घनत्व , energy density

संधारित की विद्युत स्थितिज ऊर्जा (U) , electric potential energy of capacitor , ऊर्जा घनत्व , energy density

(electric potential energy of capacitor) संधारित की विद्युत स्थितिज ऊर्जा (U) : किसी संधारित्र को आवेशित करते समय विभिन्न आवेशो द्वारा किया गया कुल कार्य संधारित्र की विद्युत स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित रहता है। यदि समान्तर प्लेट संधारित्र को वह आवेश देने में dW कार्य करना पड़े तो संधारित्र की प्लेटो के मध्य विभवान्तर… Continue reading »

संधारित्र (capacitor in hindi) , संधारित्र के प्रकार (types of capacitor) , समान्तर प्लेट संधारित्र व इसकी धारिता

किसी चालक की धारिता इसके आकार या आकृति एवं माध्यम पर निर्भर करती है। C = q/v चूँकि V = W/q अत: C = q2/W विमा : [M-1 L-2 T4 A2] गोलाकार चालक की धारिता R त्रिज्या के धातु के गोले के पृष्ठ पर वितरित आवेश q है जैसे जैसे गोले को आवेशित करते है इसके विभव में वृद्धि… Continue reading »