Category Archives: Physics

12 वीं भौतिकी में हिंदी 12th Physics in hindi

एकल आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (electric field for point charge) , अध्यारोपण का सिद्धान्त

एकल आवेश के कारण किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (electric field for point charge) : माना किसी बिन्दु पर Q आवेश स्थित है इस आवेश से r दूरी पर स्थित बिंदु P पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता की गणना की गयी – आवेश Q व परिक्षण आवेश q0 के मध्य लगने वाला विद्युत बल F… Continue reading »

पैरावैधुतांक (dielectric constant in hindi) (K या Er) , परिक्षण आवेश , पैराविद्युतांक , मात्रक , विमा

पैरावैधुतांक (dielectric constant in hindi) (K या Er) , परिक्षण आवेश , पैराविद्युतांक , मात्रक , विमा

कूलाम का नियम : इस नियम के अनुसार दो स्थिर व बिन्दुवत आवेशो के मध्य लगने वाले विद्युत बल का मान दोनों आवेशो के परिणाम के गुणनफल के समानुपाती तथा बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात यहाँ K समानुपाती नियतांक है जिसे विद्युत बल नियतांक कहते है . जिसका मान 9 x… Continue reading »

विद्युतदर्शी (electroscope in hindi) , बनावट एवं क्रियाविधि , आवेश का मात्रक , आवेश के मुलभुत गुण 

विद्युतदर्शी (electroscope in hindi) : विद्युत दर्शी एक ऐसा उपकरण है जिसकी सहायता से अज्ञात छड पर आवेश की प्रकृति का पता लगाया जाता है। बनावट एवं क्रियाविधि : विद्युतदर्शी उपकरण में एक काँच का जार लेकर कुचालक ढक्कन की सहायता से धात्विक छड चित्रानुसार लगाते है। धात्विक छड के ऊपरी सिरे पर धात्विक घुण्डी… Continue reading »

फ्रेंकलिन का प्रयोग , पदार्थ का वर्गीकरण (classification of matter) , आवेशन (charging in hindi)

विद्युत आवेश : विद्युत आवेश किसी वस्तु का वह अभिलाक्षणिक गुण होता है जो हल्की वस्तुओ को अपनी और आकर्षित करता है। विद्युत आवेश का यह गुण वस्तुओ में घर्षण के कारण उत्पन्न होता है। फ्रेंकलिन का प्रयोग : फ्रेंकलिन नामक वैज्ञानिक ने आवेश की प्रकृति का पता लगाने के लिए एक प्रयोग किया। जिसमे… Continue reading »

डी मॉड्यूलेशन क्या है , कैसे होता है , आवश्यकता , फायदे , उदाहरण विधि (demodulation in hindi)

(demodulation in hindi) डी मॉड्यूलेशन क्या है , कैसे होता है , आवश्यकता , फायदे , उदाहरण विधि : किसी मॉडूलित सिग्नल में से मूल सिग्नल या मूल संकेतों को प्राप्त करने की विधि को डी मॉड्यूलेशन कहते है। जब कोई मॉड्यूटेड सिग्नल सिग्नल प्रेषि से ग्राही तक पहुँचता है तो इस मॉड्यूटेड सिग्नल में वाहक तरंगे… Continue reading »

मॉडुलन की संकल्पना क्या है , मॉडुलन के प्रकार , आवश्यकता , आयाम , आवृत्ति , कला मॉड्यूलेशन (modulation in hindi)

(modulation in hindi) मॉडुलन की संकल्पना क्या है , मॉडुलन के प्रकार , आवश्यकता , आयाम , आवृत्ति , कला मॉड्यूलेशन : किसी सिग्नल को अधिक दूरी तक भेजने के लिए इसे उच्च आवृत्ति की रेडियो तरंगों के साथ अध्यारोपित करके भेजा जाता है ताकि यह अधिक दूरी तक भेजी जा सके , इन रेडियो तरंगों को… Continue reading »

एनालॉग और डिजिटल सिग्नल , अनुरूप एवं अंकीय संकेत , अंतर क्या है (analog and digital signals in hindi)

(analog and digital signals in hindi) एनालॉग और डिजिटल सिग्नल अंतर क्या है , अनुरूप एवं अंकीय संकेत : किसी सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक भेजना संचार व्यवस्था कहलाता है अर्थात जब दो व्यक्तियों में सूचना का आदान प्रदान हो रहा है तो इसका तात्पर्य है कि इनके मध्य संचार व्यवस्था संपन्न है।… Continue reading »

प्रकाशीय तन्तु क्या है , परिभाषा , प्रकाशीय तंतु का सिद्धांत , कार्य ऑप्टिकल फाइबर (optical fiber in hindi)

(optical fiber in hindi) प्रकाशीय तन्तु क्या है , परिभाषा , प्रकाशीय तंतु का सिद्धांत , कार्य ऑप्टिकल फाइबर : एक बहुत ही बारीक या पतला तंतु जो प्लास्टिक या काँच का बना हुआ होता है और इसके द्वारा प्रकाशीय सिग्नल या सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए किया जाता है। अत:… Continue reading »

प्रकाशीय संचार , प्रकाशिक संचार (Optical communication in hindi)

प्रकाशीय संचार , प्रकाशिक संचार (Optical communication in hindi) : संचार की वह विधि जिसमें सूचना को एक स्थान से दुसरे स्थान तक भेजने के लिए विद्युत सिग्नल के बजाय प्रकाशीय तरंगें उपयोग में लायी जाती है , इसे प्रकाशीय संचार कहते है। अर्थात वह संचार जिसमें सूचना या सिग्नल को एक स्थान से दुसरे स्थान… Continue reading »

तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार (wire communication in hindi)

(wire communication in hindi) तार संचार : समान्तर तार लाइन , समाक्षीय तार लाइन , युग्मित तार लाइन संचार : जब दो बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा आदान प्रदान के लिए उन दोनों बिन्दुओं को तार से जोड़ा जाता है और इस तार के माध्यम से ही दोनों बिन्दुओं के मध्य सूचना या डाटा… Continue reading »