Category Archives: chemistry

ठोस या क्रिस्टल में दोष , अपूर्णता , अनादर्श : ठोसों में या क्रिस्टलों में अपूर्णताएं या दोष (defects in crystal or solid in hindi)

(defects in crystal or solid in hindi) ठोस या क्रिस्टल में दोष , अपूर्णता , अनादर्श : ठोसों में या क्रिस्टलों में अपूर्णताएं या दोष : जब किसी क्रिस्टल में उपस्थित अवयवी कण अपनी वास्तविक स्थितियों पर या नियमित क्रम में पाए जाते या इनमें किसी प्रकार की कोई अशुद्धि नहीं होती है तो क्रिस्टल… Continue reading »

त्रिज्या अनुपात नियम की परिभाषा क्या है , त्रिज्या अनुपात किसे कहते हैं chemistry (radius ratio rule in hindi)

(radius ratio rule in hindi) त्रिज्या अनुपात नियम की परिभाषा क्या है , त्रिज्या अनुपात किसे कहते हैं chemistry : रसायन विज्ञान के पाठ “ठोस अवस्था” में त्रिज्या अनुपात वाला टॉपिक इतना बड़ा नहीं है लेकिन किसी आयन के स्थायित्व को ज्ञात करने के लिए इसका महत्व बहुत अधिक होता है और इसलिए हम इसका अध्ययन… Continue reading »

संकुलन क्षमता क्या है , कैसे ज्ञात करते है , संकुलन क्षमता किसे कहते हैं , सूत्र (packing efficiency in hindi)

(packing efficiency in hindi) संकुलन क्षमता क्या है , कैसे ज्ञात करते है , संकुलन क्षमता किसे कहते हैं , सूत्र : भले ही अवयवी कण कैसे भी किसी क्रिस्टल जालक में निबिड़ संकुलित रहे लेकिन फिर भी कुछ न कुछ क्रिस्टल के अवयवी कणों के मध्य रिक्त स्थान या रिक्ति रह जाती है , अर्थात… Continue reading »

अन्तराकाशी छिद्र , अन्तराकाशी रिक्तियां , चतुष्फलकीय व अष्टफलकीय रिक्ति या छिद्र (interstitial voids in hindi)

(interstitial voids in hindi) अन्तराकाशी छिद्र , अन्तराकाशी रिक्तियां , चतुष्फलकीय व अष्टफलकीय रिक्ति या छिद्र : छिद्र या रिक्ति का अभिप्राय है अवयवी कणों के मध्य रिक्त स्थान। जब अवयवी कण (परमाणु , अणु , आयन) निबिड़ संकुलित रहते है तो इन अवयवी कणों के मध्य कुछ खाली जगह रह जाती है , उस खाली जगह… Continue reading »

निबिड़ संकुलन : निबिड संकुलित संरचना क्या है , परिभाषा , प्रकार (close packed structure in hindi)

(close packed structure in hindi) निबिड़ संकुलन : निबिड संकुलित संरचना क्या है , परिभाषा , प्रकार : किसी ठोस में अवयवी कण (परमाणु , अणु या आयन) इस प्रकार उपस्थित रहते है कि इनके मध्य कम से कम रिक्त स्थान रहे और इसलिए ठोसों को आसानी से दबाया नहीं जा सकता है क्यूंकि इनके… Continue reading »

घनीय एकक कोष्ठिका (cubic unit cell in hindi) : आद्य , अंत: केन्द्रित , फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका

(cubic unit cell in hindi) घनीय एकक कोष्ठिका : किसी एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों (परमाणु , अणु या आयन) के अलग अलग मान के लिए या अलग अलग स्थिति पर स्थिति होने के कारण पर घनीय एकक कोष्ठिका को तीन भागों में बांटा गया है। अर्थात घनीय एकक कोष्ठिका तीन प्रकार के होते है… Continue reading »

एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या , इकाई सैल में कणों की संख्या (number of constituent particles in a unit cell)

(number of constituent particles in a unit cell) एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या , इकाई सैल में कणों की संख्या : जैसा कि हम जानते है कि एकक कोष्ठिका के नियमित पुनरावर्ती से सम्पूर्ण क्रिस्टल का निर्माण होता है इसलिए किसी क्रिस्टल में कई एकक कोष्ठिका उपस्थित रहती है और इन पर उपस्थित… Continue reading »

ब्रेवे जालक क्या है , ब्रेवे जालक के सभी प्रकार (bravais lattice in hindi)

(bravais lattice in hindi) ब्रेवे जालक क्या है : ब्रेवे फ़्रांस के गणितज्ञ थे जिन्होंने क्रिस्टल की संरचना पर अध्ययन किया और इसके आधार पर 1848 में निम्न बातें बताई – एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की स्थिति के आधार पर सात प्रकार के क्रिस्टल तंत्र या समूह होते है। एकक कोष्ठिका में अवयवी कण जैसे… Continue reading »

क्रिस्टल तंत्र : क्रिस्टल समूह या सिस्टम कितने प्रकार के होते है (crystal system in hindi)

(crystal system in hindi) क्रिस्टल तंत्र : क्रिस्टल समूह या सिस्टम कितने प्रकार के होते है : किसी क्रिस्टल में पायी जाने वाली आद्य एकक कोष्ठिका सात प्रकार की हो सकती है और हमने पढ़ा था कि किसी एकक कोष्ठिका के दो प्रकार के पैरामीटर होते है पहला अक्षीय लम्बाई अर्थात a , b और c… Continue reading »

एकक कोष्ठिका क्या है , परिभाषा , एकक कोष्ठिका किसे कहते है , इकाई कोष्ठिका (unit cell in hindi)

(unit cell in hindi) एकक कोष्ठिका क्या है , परिभाषा , एकक कोष्ठिका किसे कहते है , इकाई कोष्ठिका : किसी क्रिस्टल जालक का वह छोटे से छोटा भाग जिसकी पुनरावर्ती से सम्पूर्ण क्रिस्टल का निर्माण होता है एकक कोष्ठिका या इकाई सैल कहलाता है , अर्थात एकक कोष्ठिका किसी क्रिस्टल का सबसे छोटा भाग होता… Continue reading »