Category Archives: विज्ञान

मध्यकालीन भारत में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उपलब्धियों की व्याख्या करें , science and technology in medieval india in hindi

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science and technology in medieval india in hindi मध्यकालीन भारत में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उपलब्धियों की व्याख्या करें ? मध्यकालीन भारत में वैज्ञानिक विकास मध्यकाल के दौरान भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी दो रूपों में विकसित हुआ (i) पहले से चली आ रही विज्ञान परम्परा पर आगे बढ़ने का माग्र; और (ii) इस्लामी एवं यूरोपीय प्रभाव के परिणामस्वरूप उत्पन्न नए प्रभावों के आत्मसात्करण द्वारा। जैसाकि आप जागते हैं कि मध्यकाल भारत में मुस्लिमों के आगमन का संकेत देता है। इस समय तक, परम्परागत स्वदेशी शास्त्रीय अधिगम पहले […]

प्राचीन भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी PDF पर निबंध history of science and technology in ancient india pdf in hindi

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history of science and technology in ancient india pdf in hindi प्राचीन भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी PDF पर निबंध ? प्राचीन भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तकनीक का अर्थ है व्यावहारिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए वैज्ञानिक ज्ञान का अनुप्रयोग करना। प्राचीन भारत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। प्राचीन भारत में बड़ी संख्या में वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय ज्ञान के व्याप्त होने के प्रमाण मौजूद हैं। उनमें से कई उस समय के धार्मिक विश्वास से जुड़े थे। सिंधु सभ्यता के पुरातात्विक अवशेषों से प्रारंभ […]

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सुश्रुत संहिता के रचनाकार कौन है , सुश्रुत के द्वारा बनाए गए उपकरणों की संख्या कितनी है , महत्व

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सुश्रुतसंहिता का आयुर्वेद के क्षेत्र में महत्व बताइए। सुश्रुत संहिता के रचनाकार कौन है , सुश्रुत के द्वारा बनाए गए उपकरणों की संख्या कितनी है प्राचीन भारत में शल्य चिकित्सा ? सुश्रुत संहिता सुश्रुत संहिता का सम्बन्ध शल्य चिकित्सा और प्रसूति की व्यावहारिक समस्याओं से है। सुश्रुत ने एक मृत मानव शरीर की सहायता से शरीर का विस्तृत अध्ययन किया। वे मुख्य रूप से निम्नलिखित में निपुण थे : ऽ राइनोप्लास्टी (प्लास्टिक सर्जरी) ऽ नेत्र विज्ञान (मोतियाबिंद का निष्कासन) सर्जरी या शल्य चिकित्सा को उन दिनों शास्त्राकर्म कहा जाता था। […]

सिद्धांत शिरोमणि को कितने भागों में विभक्त किया गया है , सिद्धांत शिरोमणि ग्रंथ PDF siddhanta shiromani book was written by

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siddhanta shiromani book was written by in hindi सिद्धांत शिरोमणि को कितने भागों में विभक्त किया गया है , सिद्धांत शिरोमणि ग्रंथ के लेखक या रचनाकार कौन थे ? भास्कराचार्य भास्कराचार्य, 12वीं शताब्दी में अग्रणी गणितज्ञों में से एक थे। उनकी पुस्तक सिद्धांत शिरोमणि को चार खण्डों में विभक्त किया गया हैः ऽ लीलावती (अंकगणित से संबंधित) ऽ बीजगणित (बीजगणित से संबंधित) ऽ गोलाध्याय (गोलक के बारे में) ऽ ग्रहगणित (ग्रहों का गणित) अपनी पुस्तक लीलावती में उन्होंने बीजगणितीय समीकरणों का समाधान करने के लिए एक चक्रवात विधि या चक्रीय […]

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पारिस्थितिकी का अर्थ क्या है | पारिस्थितिक तंत्र क्या है यह मानव जीवन को कैसे प्रभावित करता है महत्व

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पारिस्थितिक तंत्र क्या है यह मानव जीवन को कैसे प्रभावित करता है महत्व पारिस्थितिकी का अर्थ क्या है ? पारिस्थितिकी और पर्यावरण इस समय अनेक देशों में बढ़ते उद्योगीकरण और जनसंख्या के विस्फोट के कारण प्राकृतिक पर्यावरण के, अर्थात् वनस्पतियों, पशुओं, जल संसाधन, मिट्टी, धातुओं इत्यादि के संरक्षण की समस्या ने विश्वस्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। प्राकृतिक पर्यावरणों और मानव आबादी के बीच का पारस्परिक प्रभाव महत्त्वपूर्ण विषय माना जाता है। इन्हीं सब को पारिस्थितिकी और पर्यावरण की समस्या कहते हैं। पारिस्थितिकी अंग्रेजी शब्द ‘इकॉलाजी‘ (अर्थात् पारिस्थितिकी) 1869 ई० […]

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