Monthly Archives: November 2020

दिसंबर ग्लोबल हॉलीडेज (december global holidays in hindi) दिसम्बर वैश्विक अवकाश क्या है ?

(december global holidays in hindi) दिसंबर ग्लोबल हॉलीडेज क्या है ? दिसम्बर वैश्विक अवकाश किसे कहते है ?  1 दिसम्बर : इस दिन विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है | इस दिन को विश्व भर में लोगो में एड्स के प्रति एड्स रोग के प्रति जागरूक किया जाता है तथा इस रोग के लिए लोगो और… Continue reading »

टेपीटम क्या है | पादप अथवा पौधे में टेपीटम की परिभाषा किसे कहते है अर्थ के कार्य tapetum in hindi

tapetum in hindi meaning टेपीटम क्या है | पादप अथवा पौधे में टेपीटम की परिभाषा किसे कहते है अर्थ के कार्य ? टेपीटम (tapetum) : टेपीटम का विकास प्राथमिक भित्तिय कोशिकाओं से होता है और सामान्यतया यह समान उत्पत्ति वाली (समांग) कोशिकाओं द्वारा निर्मित होती है लेकिन कुछ प्रजातियों में जैसे एलेक्ट्रा थोमसोनाई में द्विरूपी टेपीटम… Continue reading »

क्रम परंपरा की परिभाषा क्या है | क्रम परंपरा किसे कहते है के सिद्धांत बताइए sequence tradition in hindi

sequence tradition in hindi क्रम परंपरा की परिभाषा क्या है | क्रम परंपरा किसे कहते है के सिद्धांत बताइए ? शब्दावली जातीयता: यह सांस्कृतिक प्रथाएं और दृष्टिकोण है जो लोगों के एक निश्चित समुदाय को विशिष्ट पहचान देते हैं। सामाजिक-लिंग: यह सामाजिक और सांस्कृतिक विचार है जो हमारे पालन-पोषण के साथ चलते हैं। ये विचार… Continue reading »

पितृसत्ता क्या है | पितृसत्तात्मक व्यवस्था क्या है की परिभाषा किसे कहते है दोष patriarchy in hindi meaning

patriarchy in hindi meaning definition पितृसत्ता क्या है | पितृसत्तात्मक व्यवस्था क्या है की परिभाषा किसे कहते है दोष ? पितृसत्ता और सामाजिक लिंग सोच प) परिवार के बारे में हमारे विचार अक्सर हमारे निजी अनुभवों से उत्पन्न होते हैं। अगर हम शहरी मध्यम वर्ग या निम्न या उच्च वर्ग के हैं तो उसमें न्यूक्लीयर… Continue reading »

जातीयता को परिभाषित करें | जातीयता की परिभाषा क्या है , किसे कहते है अर्थ मतलब casteism in hindi meaning

casteism in hindi meaning जातीयता को परिभाषित करें | जातीयता की परिभाषा क्या है , किसे कहते है अर्थ मतलब ? जातीयता और स्तरीकरण अधिकतर आधुनिक समाजों में अनेक प्रकार के जातीय समूह हैं। उदाहरण के लिए ब्रिटेन में आइरिश, एशियाई (इनमें से भी कई हैं), वेस्ट इंडियन, इतालवी और ग्रीक मूल के अप्रवासी रहते… Continue reading »

असमानता और अंतर किसे कहते है ? असमानता अथवा अन्तर की परिभाषा क्या है difference in hindi meaning

difference in hindi meaning असमानता और अंतर किसे कहते है ? असमानता अथवा अन्तर की परिभाषा क्या है ? असमानता और अंतर सामाजिक स्तरीकरण के अध्ययनों में यह मानकर चलने की प्रवृति हावी रही है कि स्तरीकरण का मतलब क्रम परंपरा और असमानता है । दीपंकर गुप्ता ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है… Continue reading »

अल्पसंख्यक किसे कहते है | अल्पसंख्यक की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब में कौन कौन सी जाति आती है

minorities in hindi अल्पसंख्यक किसे कहते है | अल्पसंख्यक की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब में कौन कौन सी जाति आती है ? अल्पसंख्यक कौन हैं ? (who is minor in india) संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट (1980) के मुताबिकः “विश्व की जनसंख्या का आधा हिस्सा महिलाएं हैं। दो तिहाई कार्य घंटे का काम वही… Continue reading »

बर्फ की प्रकृति छिद्रयुक्त (porous) क्यों होती है ? why ice natures is of porous in hindi pour

What does “pour on ice” mean बर्फ की प्रकृति छिद्रयुक्त (porous) क्यों होती है ? why ice natures is of porous in hindi pour ? प्रश्न 1 : बर्फ की प्रकृति छिद्रयुक्त (porous) क्यों होती है ? उत्तर : क्योंकि H2O अणुओं में अंतर आण्विक हाइड्रोजन आबंधन के कारण बर्फ की संरचना पिंजड़े की तरह होती है।… Continue reading »

पुष्प का परिवर्धन या विकास (development of flower in hindi) पुष्पीय विकास क्या है उत्तकजनन (histogenesis)

(development of flower in hindi) पुष्प का परिवर्धन या विकास पुष्पीय विकास क्या है उत्तकजनन (histogenesis) किसे कहते है ? पुष्प का परिवर्धन अथवा विकास (development of flower) : पुष्पीय पौधे में जनन अवस्था के आते ही , इसमें कुछ या लगभग सभी शीर्षस्थ विभाज्योतकों से , वास्तविक पर्णों की उत्पत्ति और प्रारम्भन क्रिया रुक जाती… Continue reading »

भारतीय चुनाव में जाति की भूमिका | भारतीय समाज में चुनाव जाति क्या है role of caste in indian elections in hindi

role of caste in indian elections in hindi india’s electoral process भारतीय चुनाव में जाति की भूमिका | भारतीय समाज में चुनाव जाति क्या है ? अनुभवजन्य वास्तविकता के रूप में जाति एक अनुभवजन्य वास्तविकता के रूप में वर्ण व्यवस्था को समझने का आधार जाति-समूहों, जैसे जाति को विशेष ग्रामीण/शहरी संदर्भ में देखना है ।… Continue reading »