Monthly Archives: May 2018

जाइलम / दारू , क्या है , परिभाषा , वाहिनिकाएं , वाहिकाएं , प्रोटोजाइलम , मेटाजाइलम , मध्यादिदारुका

(xylem and phloem in hindi) जाइलम / दारू : यह मूल से पानी व खनिज लवणों को पत्तियों तक पहुँचाता है तथा यांत्रिक सहारा प्रदान करता है। यह चार प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है। (1) वाहिनिकाएं : ये कोशिकाएं लम्बी व नलिकाकार होती है , इनकी कोशिका भित्ति मोटी व लिग्निन युक्त होती… Continue reading »

उत्तक क्या है , परिभाषा , प्रकार , पुष्पी पादपों का शरीर Tissue in hindi

पुष्पी पादपों का शरीर : उत्तक (Tissue in hindi ) : कोशिकाओं का ऐसा समूह जो उद्भव व कार्य की दृष्टि  से समान होता है , ऊत्तक कहलाता है।  पादपों में ऊत्तक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता हैं। (A) विभज्योत्तकी : यह उत्तक पौधे के वृद्धिशील भागों में पाया जाता है , इस… Continue reading »

सूर्य का सूर्योदय तथा सूर्योस्त के समय लाल दिखाई देना , लाल संकेत , श्वेत बादल white clouds in hindi

(The Red appearance of sun at the sunset and at the sunrise) सूर्य का सूर्योदय तथा सूर्योस्त के समय लाल दिखाई देना  : प्रकाश के प्रकीर्णन के सन्दर्भ में रैले का नियम कार्य करता है जिसमें उन्होंने बताया था की प्रकिर्णित प्रकाश की तीव्रता का मान तरंग दैर्ध्य के चार घात के व्युत्क्रमानुपाती होती है।… Continue reading »

पादप जीवन चक्र या पीढ़ी एकान्तरण , अगुणित जीवन चक्र , द्विगुणित , मिश्रित जीवन चक्र Life Cycle

Life Cycle of a Plant in hindi पादप जीवन चक्र या पीढ़ी एकान्तरण : प्रत्येक सजीव के जीवन चक्र में डो प्रकार की पीढियाँ होती है। अगुणित – युग्मकोद्भिद व द्विगुणित – बीजाणुदभिद। ये दोनों पीढियाँ एकान्तरण क्रम में पादप के जीवन में आती है , इस प्रक्रिया को पीढी एकान्तरण कहते है , विभिन्न… Continue reading »

जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm) / अनावृत्त बीजी पादप , एंजियो स्पर्श / आवृतबीजी पादप (Gymnosperm) 

जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm) / अनावृत्त बीजी पादप : लैंगिक संरचना : (a) लघु बीजाणुधानी : पादपों की विशेष पत्तियों पर बीजाणु धानियाँ विकसित होती है , जिन्हें बीजाणुपर्ण कहते है।  बीजाणु पर्ण समूहों में व्यवस्थित होकर शंकु बनाती है।  जिन शंकुओ पर लघु बीजाणु धानी बनती है उन्हें नर शंकु कहते है। लघु बीजाणु धानियों में… Continue reading »

लिवरवर्ट क्या है , परिभाषा , टेरिडोफाइटा Liverworts in hindi , Pteridophytes , उदाहरण

लिवरवर्ट (Liverworts in hindi ) : ये प्राय नम , छायादार , दलदल , गिली मिट्टी व पेड़ो की छाल में पाये जाते है। पादप शरीर थैलस के रूप में होता है। इनमें पत्ती समान संरचनाएँ पायी जाती है , जो तने समान संरचना पर कतारों में लगी रहती है। कायिक जनन विखंडन द्वारा होता… Continue reading »

ब्रायोफाइटा क्या है , परिभाषा , उदाहरण , गुण , लक्षण bryophytes in hindi

ब्रायोफाइटा (bryophytes in hindi) : ब्रायोफाइट्स प्रथम स्थलीय पादप है। ब्रायोफाइटा को पादप जगत के उभयचर भी कहा जाता है क्योंकि ये भूमि पर जीवित रहते है , परन्तु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते है। ये नम , छायादार पहाड़ियों पर पुरानी व नम दीवारों पर पाये जाते है। इनका शरीर थैलस… Continue reading »

वनस्पति जगत क्या है , परिभाषा , शैवाल (Algae in hindi ) , क्लोरोफाइसी , फियोफाइसी , रोडोफाइसी

वनस्पति जगत (plant kingdom in hindi  ) 1. कृत्रिम वर्गीकरण : थ्रियोफ्रेस्ट्स , सिसलपिनो व केरोल्स लिनियस का वर्गीकरण कृत्रिम वर्गीकरण पर आधारित है।  इस वर्गीकरण में कृत्रिम गुणों को ध्यान में रखा गया है।  इस वर्गीकरण में कई पादप समानताएँ रखते हुए भी दूर के वर्गों में रख दिए जाते है तथा कई जीव… Continue reading »

उभयचर (Amphibians) क्या है , परिभाषा , उदाहरण , लक्षण , रेप्टीलिया (Reptile) / सरीसृप ,  वर्ग – एवीज (ebiz)

वर्ग – उभयचर (Amphibians in hindi) सामान्य लक्षण : 1. ये जल व थल दोनों आवासों में रह सकते है इसलिए ये उभरचर (Amphibians) कहलाते है। 2. इनका शरीर सिर ,धड व पूंछ में विभेदित होता है। 3. इनमें गमन हेतु दो जोड़ी पैर पाये जाते है। 4. इनकी त्वचा नम व लसलसी होती है।… Continue reading »

यूरोकॉड्रेटा / ट्युनिकेटा , सैफेलोकॉड्रेटा , वर्ग – साइक्लोस्टेमिटा , वर्रीब्रेटा महावर्ग – पिसीज  वर्ग – कोंड्रीक्थिंज

संघ – यूरोकॉड्रेटा / ट्युनिकेटा : 1. इन्हे सामान्यत: प्रोटोकॉड्रेटा कहते है। 2. ये समुद्रवासी होते है। 3. इन जन्तुओं में पृष्ठ रज्जु केवल लार्वा की पुंछ में पायी जाती है।  इसलिए इन्हे यूरोकॉड्रेटा कहते है। उदाहरण – एनसीडिया , सैल्फा। सैफेलोकॉड्रेटा 1. इन्हें भी सामान्यत: प्रोटोकॉड्रेटा कहते है। 2. ये समुद्रवासी होते है। 3. इन… Continue reading »