ऊष्मा की परिभाषा क्या है , उदाहरण , चित्र वर्णन , सूत्र (what is heat definition in hindi)

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(what is heat definition in hindi) ऊष्मा की परिभाषा क्या है , उदाहरण , चित्र वर्णन , सूत्र : किसी गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु में तापान्तर के कारण स्थानांतरण होने वाली ऊर्जा को ही ऊष्मा कहते है। इसे निम्न उदाहरण द्वारा समझा जा सकता है।

जब हम एक कप में चाय डालते है तो यह बहुत अधिक गर्म होती है , यह इतनी गर्म होती है कि हम इसे पी नहीं सकते , माना इसका तापमान 90 डिग्री सेल्सियस है तथा कमरे का ताप 26 डिग्री सेल्सियस है। अब इसे चाय के कप को हम कुछ देर रख देते है तो यह ठंडा हो जाता है और अब हम इसे पी सकते है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कप का ताप अधिक था तथा कमरे का ताप था जिससे ऊर्जा चाय द्वारा उत्सर्जित की जाती है और कमरे अर्थात वातावरण द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है , इसी ऊर्जा को ही ऊष्मा कहा जाता है।

ऊष्मा उच्च ताप से निम्न ताप की ओर प्रवाहित होती है।

ऊष्मा ऊर्जा के कारण ही जब एक ठंडी वस्तु को गर्म वस्तु के सम्पर्क में लाया जाता है तो ठंडी वस्तु का ताप बढ़ता है और गर्म वस्तु का तापमान कम होता जाता है क्योंकि गर्म और ठंडी वस्तु में ऊष्मा ऊर्जा का आदान प्रदान होता है।

यही किसी वस्तु के तापमान में θ की वृद्धि करनी हो तो इसके लिए आवश्यक ऊष्मा का मान Q होगा जिसका मान निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है –

Q = mcθ

यहाँ m = वस्तु का द्रव्यमान है तथा c वस्तु जिस पदार्थ की बनी है उस पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा है।

हालांकि ऊष्मा उच्च ताप से निम्न ताप की ओर प्रवाह होती है लेकिन यह एक अदिश राशि है तथा ऊष्मा का SI मात्रक जूल होता है।

जुल के अतिरिक्त ऊष्मा का मापन अन्य मात्रकों के रूप में भी किया जाता है जैसे कैलोरी , किलो कैलोरी आदि। एक कैलोरी की परिभाषा : जल के 1 ग्राम का तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस से 15.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है उसी आवश्यक ऊष्मा के मान को 1 कैलोरी कहा जाता है।