ऊर्जा की परिभाषा क्या है , उदाहरण , प्रकार , मात्रक , इकाई , विमा (what is energy in hindi)

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(what is energy in hindi) ऊर्जा की परिभाषा क्या है , उदाहरण , प्रकार , मात्रक , इकाई , विमा : किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की ऊर्जा कहते है।
ऊर्जा भौतिक विज्ञान में बहुत अधिक उपयोग में लाया जाने वाले शब्द है जो किसी वस्तु का वह गुण होता है जिसे किसी एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित करके किसी कार्य को किया जाता है।
ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है अर्थात ऊष्मा संरक्षित रहती है या संरक्षण के नियम की पालना करती है।

ऊर्जा का मात्रक (unit of energy)

ऊर्जा का मापन ‘जूल’ में किया जाता है अर्थात उर्जा का मात्रक जूल होता है।  ऊर्जा के मापन में जूल शब्द महान भौतिकविद जेम्स प्रेस्कॉट जौले (James Prescott Joule) के नाम पर दिया गया था जिन्होंने इस क्षेत्र में काफी योगदान दिया था।

ऊर्जा के विभिन्न रूप

ऊर्जा कई रूप में हो सकती है जैसे उष्मीय ऊर्जा , प्रकाश ऊर्जा , ध्वनि ऊर्जा , रासायनिक उर्जा , यान्त्रिक उर्जा आदि।
किसी एक वस्तु द्वारा दूसरी वस्तु पर कार करने की क्षमता को ऊर्जा कहा जाता है।
ऊर्जा दो प्रकार की हो सकती है –
1. गतिज ऊर्जा
2. स्थितिज ऊर्जा
1. गतिज ऊर्जा : किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उसमे एक ऊर्जा निहित होती है उस ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है अर्थात वस्तु की गति के कारण गतिज ऊर्जा होती है।
जब किसी पिण्ड पर बल आरोपित किया जाता है तो बल के कारण वस्तु गति करना शुरू कर देती है अर्थात हमारे द्वारा लगाया गया बल या कार्य वस्तु में स्थानांतरित हो जाता है और इस कार्य के कारण वस्तु गति करने लगती है , जिसके कारण वस्तु में गतिज ऊर्जा निहित हो जाती है।
m द्रव्यमान का पिण्ड यदि v वेग से गति कर रहा हो तो इसमें निहित गतिज ऊर्जा का मान –
2. स्थितिज ऊर्जा :
किसी वस्तु में भविष्य में कार्य करने के लिए एक प्रकार की ऊर्जा निहित रहती है , इस ऊर्जा को स्थितिज उर्जा कहते है।
यह ऊर्जा वस्तु में संचित रहती है जिसका उपयोग वस्तु कार्य करने के लिए कर सकती है।