भार मशीन (weighing machine in hindi) ,  स्प्रिंग बल (spring force) , स्प्रिंग तुला क्या होता है ?

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(weighing machine in hindi) भार मशीन स्प्रिंग बल (spring force) , स्प्रिंग तुला क्या होता है ? कार्यविधि , सिद्धांत को समझाइये ?

भार मशीन (weighing machine) : एक भार मशीन वस्तु के भार को नहीं मापती है बल्कि वस्तु द्वारा मशीन की ऊपरी सतह पर आरोपित बल को मापती है।

Elevated low section view of woman standing on weighing scales

उदाहरण : एक 60 किलोग्राम का आदमी जमीन पर रखी हुई भार मशीन के ऊपर खड़ा है। मशीन का पाठ्यांक ज्ञात करने के लिए हम आदमी और मशीन का अलग अलग मुक्त वस्तु रेखाचित्र (F.B.D) बनाते है।

उत्तर : आदमी का मुक्त वस्तु रेखाचित्र (F.B.D.) भार मशीन का मुक्त वस्तु रेखाचित्र (F.B.D.) –

यहाँ आदमी द्वारा मशीन की ऊपरी सतह पर आरोपित बल N है।

भार मशीन का पाठ्यांक N = Mg = 60 x 10

N = 600 N

स्प्रिंग बल (spring force)

प्रत्येक स्प्रिंग अपनी लम्बाई में परिवर्तन का विरोध करती है। जब इसको संपीडित अथवा प्रसारित करते है तो स्प्रिंग अपने सिरों पर एक बल लगाती है। स्प्रिंग द्वारा लगाया गया बल F = -kx होता है। यहाँ x लम्बाई में परिवर्तन और k स्प्रिंग का स्प्रिंग नियतांक है। (विमा Nm-1)

जब स्प्रिंग अपनी मूल लम्बाई में होती है तो स्प्रिंग बल शून्य होता है।

F = 0

F = -kx

उदाहरण : दो ब्लॉक चित्रानुसार 2 मीटर सामान्य लम्बाई की स्प्रिंग से जुड़े हुए है। स्प्रिंग का बल नियतांक 200 N/m हो तो निम्नलिखित स्थितियों में स्प्रिंग बल ज्ञात करो –

(a) यदि दोनों ब्लॉक A और B को समान दिशा में 0.5 m से विस्थापित किया जाता है।

(b) यदि दोनों ब्लॉकों A और B को विपरीत दिशा में 0.5 m से विस्थापित किया जाता है।

उत्तर : (a) चूँकि दोनों ब्लॉक समान दिशा में 0.5 मीटर तक विस्थापित होते है। इसलिए स्प्रिंग की लम्बाई अपरिवर्तित रहती है। अत: स्प्रिंग बल शून्य होता है।

(b) इस स्थिति में स्प्रिंग की लम्बाई में परिवर्तन एक मीटर होता है। अत: स्प्रिंग बल F = -kx

= -(200).(1)

F = -200N

उदाहरण : स्प्रिंग का बल नियतांक 100 N/m है। यदि एक 10 किलोग्राम के ब्लॉक को विराम अवस्था में स्प्रिंग से जोड़ दिया जाए तो स्प्रिंग में प्रसार ज्ञात करो। (g = 10 m/s2)

उत्तर : इस स्थिति में स्प्रिंग विस्तारित अवस्था में है। अत: स्प्रिंग बल ऊपर की तरफ कार्यरत होता है। माना स्प्रिंग में प्रसार x है।

10 किलोग्राम का मुक्त वस्तु रेखाचित्र (FBD)-

Fs = 10kg

Kx = 100

(100) x = 100

X = 1m

उदाहरण : समान द्रव्यमान m के दो ब्लॉक A और B को एक द्रव्यमानहीन स्प्रिंग के साथ जोड़कर चित्रानुसार एक रस्सी के साथ लटकाया जाता है , तो रस्सी को काटने के तुरंत पश्चात् ब्लॉक A और B के त्वरण ज्ञात करो।

उत्तर : जब A तथा B ब्लॉक साम्यावस्था में है तब –

B का मुक्त वस्तु रेखाचित्र –

T0 = mg . . . . . .. . .  समीकरण-1

A का मुक्त वस्तु रेखाचित्र –

T = mg + T0 . . . . . .. . . समीकरण-2

T = 2mg

जब रस्सी को काटा जाता है तो रस्सी में तनाव शून्य हो जाता है। लेकिन रस्सी काटने के तुरंत बाद स्प्रिंग की आकृति नहीं बदलती है। अत: B पर स्प्रिंग बल कार्यरत रहेगा। पुनः A तथा B के मुक्त वस्तु रेखाचित्र बनाने पर –

B का मुक्त वस्तु रेखाचित्र –

T0 – mg = m.aB

aB = 0

A का मुक्त वस्तु रेखाचित्र –

mg + T0 = m.aA

2mg = m.aA

aA = 2g  (नीचे की ओर)

स्प्रिंग तुला

स्प्रिंग तुला भार का मापन नहीं करती बल्कि यह वस्तु द्वारा हुक पर आरोपित बल का मापन करती है।

साधारणतया इसको चित्रानुसार प्रदर्शित करते है –

चित्रानुसार एक m द्रव्यमान के ब्लॉक को हुक से लटकाया गया है।

जब स्प्रिंग तुला साम्यावस्था में हो तो हम स्प्रिंग तुला का पाठ्यांक ज्ञात करने के लिए द्रव्यमान m का मुक्त वस्तु रेखाचित्र बनाते है।

m का मुक्त रेखाचित्र (F.B.D.) –

mg – T = 0

T = mg

T का परिमाण स्प्रिंग तुला का पाठ्यांक देता है।

उदाहरण : एक 20 किलोग्राम का ब्लॉक , दो हल्की स्प्रिंग तुलाओं से चित्रानुसार लटका हुआ है तो ज्ञात करो ?

(a) स्प्रिंग तुला (1) का पाठ्यांक

(b) स्प्रिंग तुला (2) का पाठ्यांक

उत्तर :

पाठ्यांक ज्ञात करने के लिए सबसे पहले हम 20 किलोग्राम ब्लॉक का मुक्त वस्तु रेखाचित्र (FBD) बनाते है।

20 किलोग्राम का मुक्त वस्तु रेखाचित्र (F.B.D.)

mg – T = 0

T = 20g = 200N

चूँकि दोनों तुला हल्की है। अत: दोनों का पाठ्यांक 20 किलोग्राम होगा।