स्थानान्तरीय गति (translational motion in hindi)

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(translational motion in hindi) स्थानान्तरीय गति : जब किसी वस्तु के सभी कण एक समान समय अंतराल में समान विस्थापित होते है तो वस्तु की इस प्रकार की गति को स्थानान्तरीय गति कहते है।

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जब कोई एक वस्तु एक बिंदु से दुसरे बिंदु तक समय के साथ अपनी स्थिति में गति करती है लेकिन बिना घूर्णन किये , वस्तु की इस प्रकार की गति को स्थानान्तरीय गति कहा जाता है।

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किसी वस्तु की ऐसी गति जिसमे वह अपनी दिशा परिवर्तित नहीं करती है और समय के साथ इसकी स्थिति परिवर्तित होती रहती है तो ऐसी गति स्थानान्तरीय गति कहलाती है।

उदाहरण : जब किसी बंदूक से गोली दागी जाती है तो गोली जो मार्ग अनुसरण करती है उसे स्थानान्तरीय गति कहते है।

परिभाषा : “किसी पिण्ड या पिण्डों के निकाय की ऐसी गति जिसमे पिण्ड के सभी कण एक निश्चित समय अंतराल में समान विस्थापित होते है और समान दिशा में विस्थापित होते है अर्थात इनकी दिशा समान होती है तो पिण्ड की ऐसी गति को स्थानान्तरीय गति कहते है। ”

यह गति निर्देश फ्रेम के सापेक्ष किसी भी अक्ष पर हो सकती है अर्थात इसमें वस्तु x , y या z किसी भी अक्ष पर गति कर सकते है।

अत: इस गति के स्थानान्तरीय स्वतंत्रता की कोटि 3 होती है।

अन्य उदाहरण : व्यक्ति का चलना , फिसलना , आदि।