घूर्णन गति क्या है , परिभाषा , उदाहरण , कोटि , घूर्णन गति किसे कहते हैं (what is rotational motion in hindi)

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(what is rotational motion in hindi) घूर्णन गति क्या है , परिभाषा , उदाहरण , कोटि , घूर्णन गति किसे कहते हैं : जब कोई वस्तु अपनी अक्ष के परित: इस प्रकार की गति करे कि वस्तु के सभी कण एक वृतीय पथ पर चले और सभी कणों का एक समय अंतराल में समान कोणीय विस्थापन हो तो वस्तु की ऐसी गति को घूर्णन गति कहते है।
उदाहरण : किसी वाहन में लगे पहिये की गति घूर्णन गति होती है क्यूंकि यह अपनी अक्ष के चारों तरफ गति करता है और एक निश्चित समान समयांतराल में पहिये के सभी कण समान कोणीय विस्थापित होते है।

चित्रानुसार जब एक गोलाकार आकृति को झुकी हुई सतह से छोड़ा जाता है तो यह घूमता हुआ आगे की तरफ बढ़ता है अर्थात यह घूर्णन भी करता है और आगे की तरफ भी अपनी स्थिति परिवर्तित करता है अर्थात गति करता है।
अत: यहाँ दो प्रकार की गति हो रही है –
1. आकृति अपनी अक्ष पर घूम रही है अर्थात घूर्णन गति हो रही है।
2. वस्तु आगे की तरफ समय के साथ अपनी स्थिति परिवर्तित कर रही है अत: यहाँ स्थानान्तरीय गति भी हो रही है।
अब निश्चित रूप से आप स्थानान्तरीय गति और घूर्णन गति में अन्तर को समझ गए होंगे।
चूँकि घूर्णन गति में वस्तु के सभी कण एक वृत्तीय पथ का अनुसरण करते है तथा इन सभी वृत्तीय पथों के केंद्र को मिलाने वाली रेखा को घूर्णन की अक्ष कहा जाता है।
चूँकि घूर्णन गति में वस्तु या पिण्ड के सभी कणों का एक समय अन्तराल में समान कोणीय विस्थापन होता है अत: हम कह सकते है कि वस्तु के सभी कण एक समान कोणीय वेग से गति करते है लेकिन इन कणों का रेखीय वेग अलग अलग होता है। जो बिंदु अक्ष पर स्थित होते है उनका रेखीय वेग का मान शून्य होता है।
किसी भी क्षण पर वस्तु की स्थिति को प्रदर्शित करने के लिए तीन चरों का प्रयोग किया जाता है अत: घूर्णन गति के लिए स्वतंत्रता की कोटि का मान 3 होता है।