वैज्ञानिक अभिवृत्ति क्या है ? वैज्ञानिक अभिवृत्ति किसे कहते हैं महत्व गुण scientific attitude in hindi

By   April 25, 2021

scientific attitude in hindi definition meaning वैज्ञानिक अभिवृत्ति क्या है ? वैज्ञानिक अभिवृत्ति किसे कहते हैं महत्व गुण ?

प्रश्न 6. वैज्ञानिक अभिवृत्ति से आप क्या समझते हैं ? आप इसकी पहचान कैसे करेंगे ? छात्रों में अभिवृत्ति विकसित करने के उपाय बताइये।
What do you understand by Scientific attitude ? How will you identify it ? Mention measures to develop scientific attitude in students.
उत्तर-किसी भी अन्य विषय की तरह रसायन विज्ञान शिक्षण में भी वैज्ञानिक अभिरुचि एवं अभिवृत्ति का महत्व कम नहीं है।
1. वैज्ञानिक अभिवृत्ति क्या है ?-वैज्ञानिक अभिवृत्ति में निम्न क्रियाओं को स्थान दिया गया है-
1. कार्य व कारण के सम्बन्ध में जानकारी करना
2. तर्कपूर्ण व क्रमबद्ध तरीके से विचार करना
3. आसपास के वातावरण एवं पर्यावरण के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न होना।
4. वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं पुष्टि ।
5. सत्य, निष्पक्षता, न्यायप्रियता व धैर्य के गुणों का विकास।
6. सफल परिणाम आने पर आत्म संतुष्टि ।
रसायन विज्ञान शिक्षण के सफल अध्यापन के लिए आवश्यक है कि छात्रों में अभिवृत्तियों की पहचान कर उन्हें विकसित किया जाये।
2. छात्रों में वैज्ञानिक अभिवृत्ति की पहचान कैसे करें ?-रसायन विज्ञान के अध्यापक निम्न प्रकार से वैज्ञानिक अभिवृत्ति की पहचान कर सकते हैं-
1. छात्र अपने दैनिक जीवन में अनेकों वैज्ञानिक बातें सुनते और देखते हैं परन्तु प्रायः उनके कारणों की तरफ ध्यान नहीं देते। कुछ छात्रों के मन में इन समस्याओं या घटनाओं के कारणों के बारे में प्रश्न उठ सकते हैं। अध्यापकों को ऐसे छात्रों की पहचान करनी चाहिए।
2. वैज्ञानिक अभिवृत्ति वाले छात्रों में यह विशेषता भी पाई जाती है कि वह किसी समस्या का विश्लेषण करने का प्रयास करते हैं।
3. वैज्ञानिक अभिवृत्ति वाले छात्र केवल उन्हीं तथ्यों की जांच करते हैं जिनका आधार प्रत्यक्ष प्रमाण होते हैं। जो बातें अन्धविश्वासों पर आधारित होती हैं उन्हें वह अपने अनुसंधान से दूर रखते हैं।
4 वैज्ञानिक अभिवृत्ति वाले छात्र किसी भी पूर्वाग्रह से ग्रस्त नहीं होते। वे अपनी धारणाओं में प्रमाण मिलने के बाद तुरन्त परिवर्तन करने के लिए तैयार रहते हैं।
उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हए रसायन विज्ञान का अध्यापक अपने छात्रों में वैज्ञानिक अभिवृत्ति का विकास कर सकते हैं। शिक्षकों के लिए कुछ सुझाव निम्न हैं
वैज्ञानिक अभिवृत्ति विकसित कैसे करें ?
1 सभी छात्रों में तर्क एवं विश्लेषण शक्ति नहीं होती है और उन्हें किसी घटना के पीछे कोई कारण स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। ऐसी स्थिति में शिक्षक का कर्त्तव्य है कि छात्रों से पूछे कि घटना के पीछे-
(प) कौन-कौन से अवयव हैं ?
(पप) इनमें क्या सम्बन्ध है ?
(पपप) इनमें कितना सम्बन्ध है ? ऐसे प्रश्नों से उनमें समस्या के प्रति ग्रहणशीलता बढ़ेगी।
2. कभी-कभी छात्रों में स्वयं उत्सुकता होती है और वे शिक्षकों से उस सम्बन्ध में प्रश्न भी पूछते हैं परन्तु अध्यापक उनका उत्तर नहीं दे पाते। अगर शिक्षकों को कोई बात समझ न आए तो उसे चाहिए कि वह समस्या का उचित समाधान खोजकर बाद में छात्रों को बताये।
3. वैज्ञानिक अभिवृत्तियों का विकास विज्ञान की उपयुक्त शिक्षण विधियों द्वारा भी किया जा सकता है। अतः शिक्षकों को उपयुक्त शिक्षण विधियों का प्रयोग करना चाहिए।
4. वैज्ञानिक साहित्य तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की ऐतिहासिक कहानियाँ भी वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति अभिवृत्ति उत्पन्न कर सकती हैं।