सेत्जेफ नियम , क्रिया करने पर क्या बनते है Saytzeff’s Rule , वुर्ट्ज अभिक्रिया

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सेत्जेफ नियम (Saytzeff’s Rule) : जब किसी एल्किल हैलाइड का विहाइड्रो हैलोजनीकरण किया जाता है तो वह एल्कीन ज़्यादा बनती है जिससे द्विबंध से जुड़े कार्बन पर अधिक एल्किल समूह जुड़े हो।

नोट : उपरोक्त क्रिया में α कार्बन से हैलोजन तथा β कार्बन से H – निकलता है अतः इसे β विलोपन भी कहते है।

KCN से क्रिया करने पर सायनाइड बनते है। 

R-X + KCN → R-CN + KX

C2H5-X + KCN → C2H5-CN + KX

AgCN से क्रिया करने पर आइसोसायनाइड बनते है 

R-X + AgCN → R-NC + AgX

C2H5-X + AgCN → C2H5-NC + AgX

प्रश्न 1 : R-X की क्रिया KCN से करने पर मुख्य पदार्थों एल्किल सायनाइड बनते है जबकि AgCN से क्रिया करने पर मुख्य पदार्थ एल्किल आइसोसायनाइड बनता है क्यों ?

R-X + KCN → R-CN + KX

उत्तर : KCN एक आयनिक यौगिक है , यह जलीय विलयन में सायनाइड आयन देता है , साइनाइड उभयदंति नाभिक स्नेही है अर्थात इसमें कार्बन व नाइट्रोजन दोनों ही loan pair प्रदान कर सकते है।  कार्बन द्वारा loan pair प्रदान करने पर R-CN का निर्माण होता है , इसमें C-C बंध ज़्यादा मजबूत होता है जबकि नाइट्रोजन द्वारा lone pair प्रदान करने पर R-NC बनता है इसमें C-N बंध दुर्बल होता है अतः एल्किल सायनाइड अधिक मात्रा में बनता है।

AgCN सहसंयोजक होने के कारण केवल नाइट्रोजन परमाणु lone pair प्रदान कर सकता है अतः आइसोसायनाइड प्रमुख उत्पाद बनते है।

सोडियम ऐल्कॉक्साइड से क्रिया : करने पर ईथर बनते है। 

RONa + R-X → NaX + R-O-R

C2H5-ONa + X-C2H5 → NaX + C2H5-O-C2H5

पोटैशियम नाइट्राइड से क्रिया करने पर एल्किल नाइट्राइल बनते है 

C2H5-X + KNO2 → C2H5-O-N=O + KX

सिल्वर नाइट्राइड से क्रिया करने पर नाइट्रोएल्केन बनती है 

R-X + Ag-O-N=O → R-NO2 + AgX

C2H5-X + AgNO2 → C2H5-NO2 + AgX

सिल्वर एल्केनोएट से क्रिया करने पर एस्टर बनते है 

R-COOAg + X-R → R-COOR + AgX

CH3-COOAg + X-C2H5 → CH3-COOC2H5 + AgX

अमोनिया से क्रिया करने पर एमिन बनते है  

R-X + H-NH2 → R-NH2 + HX

एल्किल ऐमीन से क्रिया करने पर डाई एल्किल ऐमीन बनता है।

R-X + H-NH-R → HX + R2NH

मैग्नीशियम के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में क्रिया करने पर R-MgX (ग्रिन्यार अभिकर्मक ) बनता है।

R-X + Mg → R-MgX

C2H5-Cl + Mg → C2H5MgCl

वुर्ट्ज अभिक्रिया (Wurtz Reaction) :

जब एल्किल हैलाइड की क्रिया सोडियम के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में की जाती है तो उच्च कार्बन  वाली एल्केन बनती है।

2(R-X) + 2Na →  2R + 2NaX

2(CH3-Cl) + 2Na → 2(CH3) + 2NaCl