rounding off rules in hindi असार्थक अकों को हटाना कैसे हटाया जाता है , नियम क्या है निर्थक अंक

जाने rounding off rules in hindi असार्थक अकों को हटाना कैसे हटाया जाता है , नियम क्या है निर्थक अंक ?

असार्थक अकों को हटाना (Rounding off)
असार्थक अंकों को हटाने का अर्थ है जो अंक सार्थक नहीं है उसे छोड़ देना चाहिए। यह कार्य सार्थक अकों को प्रत्येक संख्या में समान रखने के लिए किया जाता है।

(i) यदि छोड़े जाने वाला अंक 5 से अधिक है तो उससे पहले वाले अंक में
एक जोड़ देंगे। उदाहरणार्थ, 12.06 में 6 को छोड़ा गया है इसलिए पहले वाले अंक
एक से बढ़ जाएगा तथा अन्तिम परिणाम 12.1 प्राप्त होगा।

(ii) यदि छोड़े जाने वाला अंक 5 से कम है तो अन्तिम परिणाम में कोई
परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

उदाहरण के लिए, यदि एक संख्या 24.123 है व जिसे 4 सार्थक अंकों मे लिखना हो तो अन्तिम अंक 3 को हटा देंगे तथा अन्तिम परिणाम 24.12 प्राप्त होगा।

(iii) यदि छोड़े जाने वाला अंक 5 हो तो पूर्व का सार्थक अंक यदि सम है तो
अपरिवर्तित रखेंगे तथा यदि विषम हैं तो पूर्व अंक को एक से बढ़ा देंगे। उदाहरण के लिए, 1.6145 को चार सार्थक अंकों में प्रदर्शित करने के
लिए 1.614 लिखेंगे तथा 1.6175 को 1.618 लिखेंगे।

(iv) यदि एक से अधिक असार्थक अंक को हटाना हों, तो भी उपरोक्त नियम
का अनुसरण करते हैं: उदाहरण के लिए, एक संख्या 3.12456 को दशमलव के बाद तीन स्थान तक व्यक्त करना है। इसका अर्थ है 5 तथा 6 अंक को छोड़ना। सही उत्तर दो पदों में प्राप्त होगा।

प्रथम पद-3.1246 (अन्तिम अंक 5 से अधिक था)

द्वितीय पद-3.125 (अन्तिम अंक 5 से अधिक था)

सार्थक अर्को से सम्बन्धित गणनाएँ (Calculations involving significant figures)

हम जानते हैं कि वैज्ञानिक मापन के परिणाम उनकी यथार्थता तथा शुद्धता में भिन्नता रखते हैं, जो मापन उपकरण के अल्पतमांक पर निर्भर करते हैं।
अधिकतर स्थितियों में अन्तिम परिणाम प्राप्त करने के लिए इन परिणामों को आपस में जोड़ना, घटाना, गुणा करना अथवा भाग देना पड़ता हैं।
यह ध्यान देने योग्य बात है कि इस प्रकार की गणितीय गणनाओं में
अंतिम परिणाम निम्न नियमों की सहायता से प्राप्त किया जाता है।

नियम 1. संख्याओं के जोड़ तथा बाकी में अन्तिम परिणाम में दशमलव के बाद केवल उतने ही स्थान तक उत्तर प्राप्त होना चाहिए जितना कि गणना में दशमलव के बाद न्यूनतम स्थान वाली संख्या हो। यह निम्न उदाहरण द्वारा स्पष्ट हो जायेगा।

(A) संख्याओं को जोड़ना (Addition of Numbers)| • तीन संख्याओं, जो 3.52, 2.3 तथा 6.24 हैं, में दशमलव के बाद भिन्न-भिन्न स्थान है। दशमलव के बाद न्यूनतम स्थान वाली संख्या 2.3 है। इसका अर्थ है कि अन्तिम परिणाम दशमलव के एक स्थान बाद वाला होना चाहिए।

3.52

+2.3 दशमलव के बाद केवल एक स्थान है।
+6.24
योग = 12.06
अन्तिम परिणाम में दशमलव के बाद दो स्थान तक अंक हैं परन्तु उत्तर में केवल एक ही स्थान ही होना चाहिए। इसका अर्थ है कि अंक 6 अन्तिम परिणाम से हटा देना चाहिए।
चूँकि हटाये जाने वाला अंक 6 है जो कि 5 से अधिक है। अतः अन्तिम परिणाम में 6 से पहले वाले अंक में एक जोड़ देंगे अर्थात् अंतिम परिणाम 12.1 होगा।
(B) संख्याओं को घटाना (Substraction of Numbers) | • संख्याओं को घटाना भी योग की तरह ही किया जाता है। उदाहरण के लिये 23.4730

– 12.11   (दशमलव दो स्थान के बाद है)
= 11.3630
परिणाम में दशमलव के बाद चार अंक हैं लेकिन अन्तिम परिणाम में दशमलव के बाद दो अंकों तक ही देना है। अतः अन्तिम परिणाम 11.36 होगा क्योंकि अन्तिम अंक शून्य 5 से कम है और पूर्व का अंक तीन भी 5 से कम है। संख्याओं के घटाने सम्बन्धी कुछ अन्य प्रश्न इस प्रकार हैं।

5.286
-4.12 [दशमलव एक स्थान बाद है।] = 1.166
(सही उत्तर 1.17 होगा अन्तिम अंक 6 को हटा दिया गया है तथा पूर्व अंक 6 को 7 कर दिया गया है।)
27.25
– 12.0234 [दशमलव दो स्थान बाद है।]
= 15.2266 (सही उत्तर 15.23 है अन्तिम अंक 6 को पहले हटाने पर उससे पूर्व अंक 7 हो गया तथा उसे हटाने पर उससे पूर्व अंक 2 को बढ़ाकर 3 कर दिया गया है।)
नियम 2. गुणा अथवा भाग में अन्तिम परिणाम में उतने ही सार्थक अंक होंगे जितने कि न्यूनतम सार्थक अंक है।गुणा तथा भागकी संख्याओं के उदाहरण अलग-अलग दिए गए हैं।
(C)संख्याओं का गुणा (Multiplication of Numbers)| यदि हम 2.2120 (5 सार्थक अंक) का गुणा 0.011 (2 सार्थक अंक) से करें तो परिणाम 0.024332 प्राप्त होगा। = 2.2120 x 0.011 (दो सार्थक अंक) 20.024332

परन्तु नियम के अनुसार परिणाम को दो सार्थक अंकों के रूप में प्रदर्शित करना है अतः अंक 3, 3, 2 को हटा दिया जाता है तथा अन्तिम परिणाम 0.024 होगा।
(D) संख्याओं का भाग (Division of Numbers) यदि हम 4.2211 (5 सार्थक अंक) का भाग 3.76 (3 सार्थक अंक) से करे तो अन्तिम परिणाम 1.12263 प्राप्त होगा। =1.2211÷ 3.76 (तीन सार्थक अंक) -1.12263
परन्तु नियमानुसार अन्तिम परिणाम में तीन सार्थक अंक होने चाहिए अंक 2, 6, 3 को हटाना होगा तथा अन्तिम परिणाम 1.12 होगा। यदि गणना में कोई यथार्थ संख्या (Exact Number) होती है तो उसका सार्थक अंक अनन्त माना जाता है। इस स्थिति में दूसरी संख्या के सार्थक अंकों के रूप में अन्तिम परिणाम को व्यक्त किया जाता है। उदाहरण के लिये, एक परिवार में 0.525 kg शर्करा प्रति दिन उपयोग होती है, तो इस परिवार में एक माह में कितनी शर्करा उपयोग होगी।
30 दिन में शर्करा का उपयोग = 30 (यथार्थ संख्या) x 0.525kg = 15.75Kg (3 सार्थक अंक) = 15.7kg (3 सार्थक अंक)
उदा.7. निम्नलिखित संख्याओं को चार सार्थक अंकों के रूप में प्रदर्शित कीजिए।

(i) 5.607982 (ii) 32.892800 (ii) 1.78986 x 103 (iv) 0.007837
हल- (i) 5.607982 =5.608 (ii) 32.392800 = 32.39
(iii) 1.78986 x 10= 1.790 x 103
(iv) 0.007837 -0.007837
उदा.8. संख्याओं 28.521, 6.38 तथा 0.216 का योग कीजिए तथा अन्तिम परिणाम दीजिए।
हल 28.521 = दशमलव के बाद दो स्थान 0.216
योग = 35.117
लेकिन अन्तिम परिणाम में दशमलव के बाद दो अंक तक लिखते हैं अत: अन्तिम अंक 7 को छोड़ना होगा तथा अन्तिम परिणाम 35.12 होगा।
उदा.9.4.62g चीनी तथा 2.935g नमक को 28.2g पानी में मिलाया गया है। विलयन का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
हल : चीनी का द्रव्यमान = 4.62g
नमक का द्रव्यमान = 2.935g पानी का द्रव्यमान = 28.2 g विलयन का कुल द्रव्यमान = 35.755g सही उत्तर 35.8g है। अन्तिम अंक 5 को हटाने पर उसके पूर्व का अंक 6 हो गया है ओर 6 को हटाने पर उसके पूर्व का अंक 7 से 8 हो गया है।
उदा.10. ताँबे की धातु का द्रव्यमान 6.342 g तथा उसका घनत्व 7.6g cm-3 है तो उसका आयतन कितना होगा

हल : ताँबे की धातु का द्रव्यमान 36.342g
ताँबे की धातु का घनत्व =7.6 gm cm-3 आयतन = द्रव्यमान / घनत्व = 0.834cm cm3 =
अन्तिम परिणाम में दो सार्थक अंक होने चाहिए क्योंकि परिशुद्ध न्यूनतम संख्या में दो अंक (7.6) है।
अत: अन्तिम परिणाम में अंक 4 को हटा दिया जाता है तथा सही उत्तर = 0.83 धन सेमी. (cm3)
उदा.11. निम्नलिखित को चार सार्थक अंकों के रूप में व्यक्त कीजिए। (i) 6.45372 (ii) 48.2625 (iii) 60000 (iv) 2.4583xcm5
हल- (i) 6.454 (ii) 48.26 (iii)6.000 x 104 (iv)2.458 x 105
उदा.12. हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान 1.008u है।हाइड्रोजन के 12 परमाणुओं का द्रव्यमान कितना होगा।
हल- H के एक परमाणु का द्रव्यमान – 1.008u Hके 12 परमाणुओं का द्रव्यमान 31.008 x 12
= 12.096u
12 एक यथार्थ संख्या है। अत: इसके सार्थक अंक अनन्त होंगे। अतः अन्तिम परिणाम में सार्थक अंक दूसरी संख्या के सार्थक अंक के समान होना चाहिये जो कि 4 है।। अतः कुल द्रव्यमान 12.10 ॥ है।

उदा.13. निम्नलिखित व्यंजक का हल उचित सार्थक अंक तक ज्ञात कीजिए।
(1.35×10-4) / 5.6 हल- (1.35x 10-4 )(0.4) / 5.6 = 0.0964 x 10-4 व्यंजक में न्यूनतम सार्थक अंक 1 है अतः अन्तिम परिणाम एक सार्थक अंक के रूप में ही व्यक्त किया जायेगा। अत: हल = 0.1 x 10-4