सब्सक्राइब करे youtube चैनल

rajasthan sewa sangh was established by whom in hindi and when where ? राजस्थान सेवा संघ की स्थापना किसने की , कब और कहां हुई थी ?

प्रश्न : मेरवाड़ा बटालियन के बारे में जानकारी ?

उत्तर : अजमेर-मेरवाडा केंद्र शासित प्रदेश में मेर और मीणों के उपद्रव को दबाने के लिए जोधपुर और उदयपुर के खर्चे पर ब्रिटिश अधिकारियों के नियंत्रण में ब्यावर में मेरवाडा बटालियन की स्थापना की। इस सेना की भर्ती , प्रशिक्षण और कमांड ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी के हाथों में थी।
प्रश्न : मेवाड़ भील कोर क्या है ?
उत्तर : मेवाड़ के भोमट क्षेत्र में (भील आदिवासी क्षेत्र) में सुप्रबन्ध का बहाना बनाकर मेवाड़ के खर्चे पर ब्रिटिश अधिकारीयों के नियंत्रण में 1841 ईस्वीं में खैरवाडा में मेवाड़ – भील कोर की स्थापना की। इस सेना की भर्ती , प्रशिक्षण और कमांड ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के हाथों में थी।
प्रश्न : खांडलाई आश्रम का इतिहास लिखिए क्या है ?
उत्तर : माणिक्य लाल वर्मा ने आदिवासी भीलों और हरिजनों में शिक्षा प्रसार और उनके सर्वन्नोमुखी विकास के लिए 1934 ईस्वीं में सागवाड़ा से 10 मील दूर भीलों की पालों के मध्य ‘खांडलाई आश्रम’ की स्थापना की।
प्रश्न : सेवा समिति की स्थापना कब और किसने की ?
उत्तर : किसानों में जागृति लाने के लिए विजयसिंह पथिक और उनके सहयोगियों ने 1915 ईस्वीं में ‘सेवा समिति’ की स्थापना की।
इसने किसानों में जागृति लाने का सराहनीय कार्य किया।
प्रश्न : राजस्थान सेवा संघ की जानकारी दीजिये ?
उत्तर : सामंतों और उनकी प्रजा में मैत्री सम्बन्ध स्थापित करने , कृषक आन्दोलनों का सञ्चालन और जनजागृति लाने के लिए विजय सिंह पथिक और उनके सहयोगियों ने 1919 ईस्वीं में वर्धा में ‘राजस्थान सेवा संघ’ की स्थापना की। 1920 में संघ को अजमेर स्थानांतरण कर दिया गया।
प्रश्न : कालीबाई तथा नाना भाई खांट / रास्तापाल काण्ड क्या है ?
उत्तर : डूंगरपुर राज्य सेवा संघ द्वारा संचालित रास्तापाल की पाठशाला में जून 1947 ईस्वीं को रियासती सैनिकों ने पाठशाला के संरक्षक नाना भाई खांट को पाठशाला तुरंत बंद कर चाबी उन्हें न सौंपे जाने पर मौत के घाट उतार दिया। इसके अतिरिक्त पाठशाला के अध्यापक श्री सेंगाभाई को ट्रक से बाँधकर जब घसीटा गया तो 13 वर्षीय भील कन्या कालीबाई द्वारा अपने अध्यापक की रस्सी को काटकर मुक्त कराये जाने पर उसे गोलियों से छलनी कर दिया। यह हत्याकांड ‘रास्तापाल हत्याकाण्ड’ के नाम से प्रसिद्ध है। डूंगरपुर में गेबसागर के निकट पाक्र में नानाभाई खांट और शहीद कालीबाई की मूर्ति प्रतिष्ठित है। वर्तमान में बालिका शिक्षा क्षेत्र में कालीबाई पुरस्कार दिया जाता है।