रासायनिक संयोग ,द्रव्यमान संरक्षण ,स्थिर अनुपात का नियम ,गुणित अनुपात, गे लुसेक

रासायनिक संयोग के नियम (Laws of Chemical Combination) :

 ये नियम निम्न है
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of mass conservation) :
किसी रासायनिक अभिक्रिया में क्रिया से पूर्व तथा क्रिया के बाद द्रव्यमान में कोई अन्तर नहीं आता इसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहते है।
 द्रव्य को न तो उत्पन्न किया जा सकता है न ही नष्ट किया जा सकता है।
H2 + Cl2  (73 gm) = 2HCl (73 gm)
2. स्थिर अनुपात का नियम (law of constant proportions): किसी रासायनिक यौगिक में तत्वों के द्रव्यमानों का अनुपात निश्चित होता है। 
जैसे – नमक को प्रयोगशाला विधि में बनाया जाए या प्रकृति से प्राप्त किया जाये तो भी नमक में Na व Cl का अनुपात 23:35.5 ही रहता है। 
3. गुणित अनुपात का नियम (Law of multiple proportions): जब दो तत्व परस्पर क्रिया करके दो या दो से अधिक यौगिक बनाते है तो एक तत्व के भिन्न भाग दूसरे तत्व के निश्चित भार से क्रिया करते है।  वे परस्पर सरल अनुपात में होते है इसे गुणित अनुपात का नियम कहते है। 
उदाहरण – 

 नाइट्रोजन के ऑक्साइड
 N व O के द्रव्यमान का अनुपात
 N से क्रिया करने वाले O के द्रव्यमान
 O के द्रव्यमान का अनुपात
N2O
28:16
16
1
2NO
28:32
32
2
N2O3
28:48
48
3
N2O4
28:64
64
4
N2O5
28:80
80
5

गे लुसेक का नियम (Gay-Lussac Law of Gaseous Volumes): जब दो या दो से अधिक गैस परस्पर क्रिया करती है तो उनके आयतन में सरल अनुपात होता है , यदि बनने वाला पदार्थ भी गैसीय है तो इसका आयतन भी क्रिया करने वाली गैसों के सरल अनुपात में होगा।
नोट : यह नियम उसी अवस्था में लागू होता है जब सभी गैसों के ताप व दाब समान है।
N2 (g) + 3H2 (g) →  2NH3 (g)
गैसों के आयतन का अनुपात 1:3:2

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