जौहर व्रत किसे कहते हैं | जौहर व्रत की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब बताइए johar vrat in hindi kya hai

By   February 17, 2021

johar vrat in hindi kya hai जौहर व्रत किसे कहते हैं | जौहर व्रत की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब बताइए ?

प्रश्न: ‘जौहर व्रत‘ [RAS Main’s 2000]
उत्तर: युद्ध में जीत की आशा समाप्त होने पर राजपूत वीरांगनाओं द्वारा दुर्ग की सम्पत्ति सहित अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अग्नि में भस्म होकर ‘जौहर व्रत‘ का पालन किया जाता था।

प्रश्न: गलियाकोट [RAS Main’s 2000]
उत्तर: परमारों की राजधानी रहा दूंगरपुर में माही नदी के निकट गलियाकोट में दाउदी उर्स (फखरुउद्दीन पीर की मजार) तथा आदिवासियों का प्रमुख स्थान है यहाँ अनेक मेले लगते हैं। इस प्रकार यह एक साम्प्रदायिक सौहार्द का व सांस्कृतिक स्थल है।
प्रश्न: गौतमेश्वर मेला
उत्तर: आदिवासी भील-मीणों के आराध्य देव गौतमेश्वर (शिव) का मेला अरणोद में प्रतिवर्ष बैसाख पूर्णिमा को भरता है। यहाँ आदिवासी अपने मृतकों की अस्थियां विसर्जित करते हैं।
प्रश्न: होली
उत्तर: देश का प्रमुख त्यौहार होली जो फाल्गुन पूर्णिमा को अन्याय पर भक्ति की विजय, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए राग और फाग के साथ मनाया जाता है।
प्रश्न: जन्माष्टमी
उत्तर: अत्याचार पर न्याय की एवं अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के रूप में प्रतिवर्ष भाद्र कृष्ण अष्टमी को सम्पूर्ण देश में हिन्दुओं के द्वारा मनाये जाने वाला बड़ा त्यौहार है।
प्रश्न: नाग पंचमी (श्रावण कृष्णा पंचमी)
उत्तर: यह नागों का त्यौहार है। इस दिन सर्प की पूजा की जाती है। कहीं-कहीं यह त्यौहार श्रावण शुक्ला पंचमी को भी मनाया जाता है।
प्रश्न: बूढ़ी तीज (भाद्रपद कृष्णा तृतीया)
उत्तर: इस दिन व्रत रखकर गायों का पूजन करते हैं। सात गायों के लिए आटे की सात लोई बनाकर उन्हें खिलाकर ही भोजन ग्रहण किया जाता है।
प्रश्न: जलझूलनी/देवझूलनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ला एकादशी)
उत्तर: इस दिन देव मूर्तियों को पालकियों और विमानों (बेवाण) में विराजमान कर देवझूलनी एकादशी जुलूस में गाजे बाजे के साथ जलाशय के पास ले जाकर स्नान करवाया जाता है।
प्रश्न: गोवर्धन पूजा व अन्नकूट (कार्तिक शुक्ला प्रथम)
उत्तर: इस दिन सांय के समय गाय के गोबर से गोवर्धन की पूजा की जाती है व छप्पन प्रकार के पकवानों से बने अन्नकूट से मंदिर में भोग लगाया जाता है।
प्रश्न: शीतलाष्टमी (चैत्र कृष्णा अष्टमी)
उत्तर: इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है व ठंडा भोजन किया जाता है। समस्त भोजन सप्तमी की संध्या को ही बनाकर रखा जाता है। बच्चे के चेचक निकलने पर शीतला माता की पूजा की जाती है।
प्रश्न: रामनवमी (चैत्र शुक्ला नवमी)
उत्तर: भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में यह त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन रामायण का पाठ किया जाता है। श्रद्धालुगण सरयू नदी में स्नान करके पुण्य लाभ कमाते हैं। यह अंतिम नवरात्रा को मनाई जाती है।
प्रश्न: कैलादेवी मेला
उत्तर: करौली में कैलादेवी के मंदिर में प्रतिवर्ष चैत्राशक्ला अष्टमी को आयोजित होने वाला राजस्थान का प्रमुख धार्मिक सांस्कृतिक मेला है। यहाँ ‘लांगुरिया गीत‘ विशेष आकर्षण है।
नोट – राजस्थानी संस्कृति, परम्परा एवं विरासत में से प्रायः अतिलघत्तरात्मक प्रकार के ही प्रश्न पूछे गए हैं। रीति-रिवाज से सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर में उसका संबंध (जन्म, विवाह, मृत्यु, खुशी, गमी आदि) अवसर, समय, प्रथा आदि का उल्लेख करना चाहिए।

प्रश्न: शाका
उत्तर: युद्ध में जीत की आशा समाप्त होने पर राजपूत वीरांगनाओं द्वारा ‘जौहर व्रत‘ एवं वीरों द्वारा केसरिया धारण करना ‘शाका‘ कहलाता था। मेवाड़ का ‘प्रथम शाका‘ जगत प्रसिद्ध है।
प्रश्न: सती प्रथा
उत्तर: इस कुत्सित प्रथानुसार मृत पति के साथ उसकी पत्नी स्वर्ग प्राप्ति की इच्छा से स्वयं या जबरदस्ती से होने वाले चितागमन को सती प्रथा कहते हैं। यह प्रायः उच्च वर्ग में प्रचलित थी।
प्रश्न: डावरिया प्रथा
उत्तर: डावरिया प्रथानुसार उच्च वर्ग द्वारा अपनी लड़की के विवाह में दहेज के साथ कुछ कुँवारी कन्याएं भी दी जाती थी जिन्हें ‘डावरिया‘ कहा जाता था जो उपपत्नी स्वीकार करने पर ‘पड़दायत‘ अथवा ‘दावड़ी‘ कहलाती थी।
प्रश्न: दावड़ी प्रथा
उत्तर: रनिवास में सम्मिलित न की जाने वाले डावरिया (दासियों) को दावड़ी कहा जाता था जो अन्तरूपुर में सेविकाओं के रूप में रहती या पुनः डावरिया बना दी जाती थी।
प्रश्न: सागड़ी प्रथा
उत्तर: यह एक बधुआ मजदरी प्रथा है जिसमें कर्जदार ब्याज के बदले घरेलू नौकर के रूप में (निःशुल्क) काम करता है। राजस्थान में 1961 में सागड़ी प्रथा निवारण अधिनियम से इसे समाप्त करने का प्रयास किया है।
प्रश्न: बान बैठना
उत्तर: यह एक विवाह संबंधी रस्म है जिसमें लग्न पत्री पहुँचने पर वर और वधु पक्ष की सधवाँ स्त्रियों द्वारा मांगलिक गीत गाये जाते हैं।
प्रश्न: बरी पाड़ला [RAS Main’s 2008]
उत्तर: राजस्थान में बरी पाडला एक विवाह संबंधी रस्म है जिसमें विवाह के अवसर पर वधु के लिए वर पक्ष द्वारा वस्त्राभूषण आदि खरीदने की रस्म की जाती है जिसे बरी पाड़ला कहा जाता है।।
प्रश्न: सामेला
उत्तर: राजस्थान में सामेला एक विवाह संबंधी रस्म है। इस प्रथानुसार बारात जब वधु पक्ष के यहाँ पहुँचती हैं तो वध पक्ष द्वारा उसका आदर सत्कार की रस्म की जाती है।
प्रश्न: मोसर
उत्तर: रात में मोसर एक मत्यु संबंधी रस्म है जिसमें हिन्दुओं में 11वें व 12वें दिन शोकाकुल परिवार द्वारा ब्राह्मणों, सगे-संबंधियों को मृत्युभोज दिया जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
प्रश्न: रक्षा बंधन (श्रावण पूर्णिमा)
उत्तर: भाई व बाहन क प्रेम के प्रतीक इस त्यौहार के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाईयों पर रंग बिरंगी राखियाँ बाँध कर रक्षा वचन लेती है व उनके जीवन की मंगलकामना करती हैं। इस दिन घर के प्रमुख द्वार के दोनों ओर श्रवण कुमार के चित्र बनाकर पूजन करते हैं। इसे ‘नारियल पर्णिमा‘/सत्य पर्णिमा भी कहते हैं। रक्षाबंधन के दिन भारत के प्रसिद्ध तीर्थ अमरनाथ में बर्फ का शिवलिंग बनता है।
प्रश्न: तीज
उत्तर: राजस्थान का प्रमुख लोकोत्सव तीज (पार्वती का प्रतीक) श्रावण शुक्ला तृतीया को कुमारियों एवं नवविवाहिताओं द्वारा क्रमशः अपने प्रेमियों एवं पतियों के लिए श्रृंगार रस प्रधान गीत गाकर मनाया जाता है। कृषक इसी उत्सव पर वर्षा की महिमा व्यक्त करते हैं। प्रकृति तथा हृदयगत भावना के तारतम्य की अभिव्यक्ति तीज के उत्सव में निहित है। जयपुर की तीज देश-विदेश में प्रसिद्ध है। तीज राजस्थान का प्रमुख लोकोत्सव बनकर उभरा है।
प्रश्न: तीज त्यौहारां बावड़ी, ले डूबी गणगौरश् [RAS Main’s 2010]
उत्तर: यह त्यौहार नीरस ग्रीष्म ऋतु के बाद आने वाले त्यौहारों की कड़ी का पहला त्यौहार हैं। इसीलिए कहा गया है – ‘तीज त्यौहारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर‘ अर्थात् तीज त्यौहारों को लेकर आती है जिनको गणगौर अपने साथ वापस ले जाती है। तीज का त्यौहार मुख्यतः बालिकाओं और नव विवाहिताओं का त्यौहार है। एक दिन पूर्व बालिकाओं का सिंजारा श्रृंगार) किया जाता है। ‘आज सिंजारा तड़के तीज, छौरियां न लेगी पीर‘ उक्त कहावत भी प्रचलित है। यह मुख्यतः स्त्रियों का त्यौहार है जिसमें स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत करती है। श्रवण शुक्ला तीज को छोटी तीज मनाई जाती है। जयपुर में इस दिन ‘तीज माता‘ की सवारी निकाली जाती है। तीज के साथ ही मुख्यतः त्यौहारों का आगमन माना जाता है जो गणगौर के साथ समाप्त होता है
प्रश्न: बड़ी तीज/सातुड़ी तीज/कजली तीज (भाद्रपद कृष्णा तृतीया)
उत्तर: यह त्यौहार स्त्रियों द्वारा सुहाग की दीर्घायु व मंगलकामना के लिए मनाया जाता है, जिसमें स्त्रियाँ दिनभर निराहार रहकर रात्रि को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करती हैं। इस दिन संध्या पश्चात् स्त्रियाँ नीम की पूजा कर तीज माता की कहानी सुनती हैं। इस दिन सत्तू खाया जाता है। बूंदी की ‘काजली तीज की सवारी‘ बड़ी प्रसिद्ध है।