IUPAC नामकरण , आईयूपीएसी नामकरण पद्धति , iupac name examples class 11 in hindi

By  
iupac name examples class 11 in hindi , IUPAC नामकरण , आईयूपीएसी नामकरण पद्धति :-
इस अद्याय में हम यौगिको के नामकरण की अलग अलग विधि के बारे में
जानेगे
यौगिको के हाइड्रोजन परमाणु को समान तरीके के प्रकार्यात्मक समूह से प्रतिस्थापित करते है तो उनके
रासायनिक गुण सामान होते है इस तरह के यौगिक समजातीय श्रेणी में आते है
ex CH4 मिथेन (Methane), C2H6 एथेन (Ethane), C3H8 प्रोपेन (Propane), C4H10ब्युटेन (Butane)
एक समजातीय श्रेणी बनाते हैं।
मेथेनॉल
(CH3OH) , एथेनॉल (C2H5OH), पैन्टेनॉल (C5H11OH) इस तरह के सारे यौगिक एल्कोहल की
श्रेणी में आते है इस्लिये यह समजातीय श्रेणी में आते है
 एथेनल  CH3CHO, ब्युटेनल  C3H7CHO इस तरह
के सारे यौगिक
एल्डिहाइड
श्रेणी में आते है इस्सलिये यह समजातीय श्रेणी में आते है
 प्रोपेनोन CH3COCH3, ब्युटेनोन C2H5COCH3 इस तरह के सारे यौगिक कीटोन श्रेणी में आते है इस्सलिये यह समजातीय श्रेणी में आते है
मेथेनोइक
अम्ल
HCOOH, एथेनोइक अम्ल CH3COOH इस तरह के सारे यौगिक कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रेणी में आते है इस्सलिये यह समजातीय श्रेणी
में आते है
समजातीय  श्रेणी के गुण

समजातीय
श्रेणी
के
प्रत्येक सदस्य का अपने पहले वाले सदस्य से –
CH2 का अंतर होता है।
C2H6 तथा C3H8   इनमें एक CH2इकाई का अंतर है
C2H5OH तथा C3H5OH इनमें एक CH2इकाई
का अंतर है

समजातीय श्रेणी के
प्रत्येक सदस्य का अपने
पहले वाले सदस्य से परमाणु भार में 14 u का अंतर होता है।
C2H5OH का
परमाणु भार = 2*
12 + (1 x5) + 16 + 1 = 45
तथा C3H5OH का
परमाणु भार = (
12 x 3) + (1 x 5) + 16 + 1 = 58
अत: इनके परमाणु भारों में
अंतर =
 5845 = 14 u

कार्बन के यौगिकों की नामपद्धति
नामपद्धति की आवश्यकता
सभी  कार्बन रसायनिक यौगिकों का  एक अलग नाम होता है । जिनके आणविक सूत्र समान
होने के बावजूद उनकी सरचना अलग अलग होती है इतने सारे कार्बन यौगिको  का नामकरण करना आवश्यक होते है ।
कार्बन के यौगिको का नामकरण करने के
लिए तरह तरह की विधि अपनाई जाती है जिनमे IUPAC (
इंटरनेशनल युनियन ऑफ प्योर
एंड अप्लायड केमेष्ट्री) विधि अपनाई जाती है
IUPAC विधि कार्बन के परमाणुओं की संख्या और प्रकार्यात्मक समूह  के पुर्वलगन और अनुलगन पर निर्भर करते है
निम्न विधि के द्वारा किसी कार्बन यौगिक का नामकरण किया जा सकता हैः
step 1 यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या ज्ञात करे । कार्बन के
परमाणुओं की संख्या के आधार पर यौगिक का नामकरण करेंगे।
यदि यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या 6 है तो इस यौगिक को हेक्स
के नाम से जाना जाता है । 
यदि यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या 3 है तो इस यौगिक को प्रोप
के नाम से जाना जाता है । 
step2 प्रकार्यात्मक समूह की उपस्थिति में इसको पूर्वलग्न अथवा
अनुलग्न के साथ यौगिक के नाम में लिखा जाता है।
  हर एक प्रकार्यात्मक समूह के
लिए पूर्वलग्न
या अनुलग्न निर्धारित होता है
निर्धारित पूर्वलग्न (प्रकार्यात्मक समूह के लिए)

हैलो समूह
के लिए ही केवल
पूर्वलग्न का उपयोग कार्बन यौगिको के साथ किया जाता है

1. –Cl क्लोराईड
के लिये  कार्बन यौगिक के नाम के आगे
पूर्वलग्न
 क्लोरो (chloro ) को  जोड़ा जाता है ।
2.-Br ब्रोमाईड
के लिये  कार्बन यौगिक के नाम के आगे
पूर्वलग्न
 ब्रोमो (bromo ) को  जोड़ा जाता है ।
3.-I  आयोडाइड के लिये  कार्बन यौगिक के नाम के आगे पूर्वलग्न आयोड़ो (Iodo ) को  जोड़ा जाता है ।
 क्लोरो +अल्केन = क्लोरो अल्केन

उदाहरण:
CH3Cl का IUPAC नामकरण
कार्बन के परमाणु की संख्या
=
1
अत:
यौगिक का मूल नाम ‘मेथेन (
Methane)’ होगा।
अब  इसमें प्रकार्यात्मक समूहCl  (CHOLO) जुड़ा
हुआ  है अत: यौगिक के मूल नाम में “
क्लोरोजोड़ा जाता है।
यौगिक
का
IUPAC नाम ‘क्लोरो मेथेनहोगा।

C3H7Br का नामकरण

कार्बन के परमाणुओं की संख्या
=3

दिये गये यौगिक का मूल नाम प्रोपेनहोगा।
इस यौगिक में –Br (Bromide) प्रकार्यात्मक समूह के रूप में जुड़ा
हुआ है
, अत: इस यौगिक के मूल नाम में ब्रोमो जुडा
रहता है ।

दिये गये यौगिक का IUPAC नाम ब्रोमोप्रोपेन होगा।

निर्धारित अनुलगन (प्रकार्यात्मक समूह के लिए)
एल्कोहल समूह
यदि यौगिक में [alcohol (– OH)] ग्रुप हो तो मूल नाम में ‘प्रत्यय’  “ol” जोड़ा जाता है।
अल्केन
+ ऑल = अल्केनॉल
 

C2H5OH का IUPAC नामकरण

कार्बन के परमाणु की संख्या =
2

यौगिक का मूल नाम एथेनहोगा। इसमें  प्रकार्यात्मक समूह –OH (Alcohol) जुड़ा है यौगिक के मूल नाम में
“ऑल (
ol)”
जोड़ा जाता है।
यौगिक का IUPAC नाम एथेनॉलहोगा।

एल्डिहाइड (– CHO) समूह का IUPAC नामकरण
अल्केन
+ अल = अल्केनल
CH3CHO
का नामकरण
कार्बन के परमाणुओं की
संख्या =
2
यौगिक
का मूल नाम ‘एथेन

होगा
इसमें प्रकार्यात्मक समूह –CHO (Aldehyde) जुड़ा है यौगिक के मूल नाम के अंत
में “अल (
al)” जोड़ा जाता है।
इस
यौगिक का 
IUPAC नाम “एथेनेल होगा।

कीटोन [Ketone (– CO –)] समूह 

अल्केन + ओन = अल्केनोन

CH3COCH2CH2CH3 का IUPAC नामकरण

कार्बन के परमाणुओं की संख्या
= 5

यौगिक का मूल नाम पेन्ट होगा।  इस यौगिक में कीटोन  (– CO –)प्रकार्यात्मक ग्रुप के रूप में जुड़ा हुआ है।इसका IUPAC नाम पेन्टेनॉन
होगा।

कार्बोक्सिलिक
अम्ल
 (– COOH)
अल्केन +
ओइक अम्ल = अल्केनोइक अम्ल

HCOOH
का IUPAC नाम
कार्बन के परमाणुओं की
संख्या =
1
दिये
गये यौगिक का मूल नाम ‘मिथेन
इस
यौगिक में –
COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल प्रकार्यात्मक
समूह के रूप में जुड़ा हुआ है
, इस
यौगिक के मूल नाम में उपसर्ग के रूप में ओइक अम्ल या एसिड
जुड़ेगा। इसका IUPAC नाम  मेथेनोइक अम्ल होगा मेथेनोइक अम्ल को
फार्मिक
अम्ल के नाम से भी जाना जाता है
CH3CH2CH2COOH
का IUPAC नाम
कार्बन
के परमाणुओं की संख्या =
4
दिये
गये यौगिक का मूल नाम ‘ब्युटेन
होगा इस यौगिक में – COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल प्रकार्यात्मक समूह के रूप में जुड़ा
हुआ है
, इस यौगिक के मूल नाम में उपसर्ग के
रूप में ओइक अम्ल या एसिड
जुड़ेगा।
इसका IUPAC नाम ब्युटेनोइक अम्ल
 होगा