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आदर्श गैस समीकरण (ideal or perfect gas equation in hindi)

(ideal or perfect gas equation in hindi) आदर्श गैस समीकरण : सबसे पहले यह समझ ले की आदर्श गैस को ही परफेक्ट गैस (perfect gas) भी कहते है। इसे सैद्धांतिक गैस भी कहते है। यह वास्तविक गैसों से अलग है क्यूंकि यह गैस के लिए गणनाओं को आसान बनाती है। आदर्श गैस के लिए आदर्श गैस समीकरण को लिखा जाता है जिसमे हम गैस के लिए विभिन्न चर जैसे दाब , ताप , आयतन आदि में एक सम्बन्ध स्थापित कर सके।

जिस समीकरण द्वारा आदर्श गैस के लिए दाब , ताप , आयतन , मोल आदि में एक सम्बन्ध स्थापित किया जा सके ताकि उसके अनुसार हम यह देख सके कि ये चर एक दुसरे को किस प्रकार से प्रभावित करते है और यदि कोई चर ज्ञात हो तो उसके आधार पर हम अन्य चरों की गणना किस प्रकार से कर सकते है।

आदर्श गैस समीकरण

आदर्श गैस के लिए एक ऐसा समीकरण जिसमें गैस के एक निश्चित द्रव्यमान के लिए ताप , दाब तथा आयतन के मध्य सम्बन्ध दर्शाया गया हो उसे आदर्श गैस समीकरण कहते है।
आदर्श गैस समीकरण निम्न प्रकार लिखा जाता है –
	P V=n R T  
यहाँ P = परम दाब
V = गैस का आयतन
n = गैस के मोल की संख्या
T = परम ताप
R एक नियतांक है जिसे गैस नियतांक कहते है।
यह समीकरण उन गैसों के लिए अधिक शुद्ध मान देता है जिनका ताप बहुत अधिक और दाब का मान बहुत कम हो , लेकिन यह समीकरण वास्तविक गैसों के व्यवहार की व्याख्या करने में असमर्थ है।
यदि गैस के मोल के संख्या को 1 मान लिया जाए अर्थात n = 1 तो
PV = RT
इसे आदर्श गैस समीकरण कहलाता है और R को सार्वत्रिक गैस नियतांक कहते है।

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