ताजे पानी का हिमांक बिन्दु क्या है ? freezing point of fresh water in hindi ताजे पानी का घनत्व सबसे ज्यादा

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freezing point of fresh water in hindi ताजे पानी का हिमांक बिन्दु क्या है ? ताजे पानी का घनत्व सबसे ज्यादा ?

901. ताजे पानी का हिमांक बिन्दु क्या है ?
(अ) 3°C (ब) 5°C
(स) 0°C (द) 4°C,
Ans- (स) ताजे पानी का हिमांक 0° C होता है।
 ताजे पानी का घनत्व सबसे ज्यादा 4°C पर होता है।
 ताजे पानी का क्वाथनांक 100° C होता है।
902. ऑक्टेन संख्या के लिए किस यौगिक का न्यूनतम मान होता है ?
(अ) आइसो-ऑक्टेन (ब) 2, 2- डाइ-मेथिल हेक्सेन
(स) द- हेप्टेन (द) 2- मेथिल हेप्टेन
Ans- (स) C7H16-द-हेप्टेन
C8H18&OC8H18 आइसो ऑक्टेन
C6H14-CH2-CH2-C6H14-2-2 डाई मेथन हेक्सेन
903. औषधि में स्वापक (एनीस्थीसिया) के रूप में यौगिकों के किस युगल
का प्रयोग किया जाता है ?
(अ) नाइट्रस ऑक्साइड, क्लोरोफार्म
(ब) क्लोरोफार्म, नाइट्रोजन डाई-ऑक्साइड
(स) नाइट्रोजन डाई-ऑक्साइड, ईथर
(द) ईथर, अमोनिया
Ans- (अ) [NO2] CHCl3
904. आपेक्षिक आर्द्रता को किस रूप में व्यक्त किया जाता है ?
(अ) ग्राम (ब) किलोग्राम
(स) प्रतिशत (द) अनुपात
Ans- (द) आपेक्षिक आर्द्रता को हाईग्रोमीटर से नापा जाता है। द्रव्यमान का मात्रक ग्राम एवं किलोग्राम दोनों होता है।
905. एक वास्तविक गैस किसमें एक आदर्श गैस के रूप में क्रिया कर सकती है?
(अ) उच्च दाब और निम्न ताप
(ब) निम्न दाब और उच्च ताप
(स) उच्च दाब और उच्च ताप
(द) निम्न दाब और निम्न ताप ।
Ans- (ब) निम्न दाब पर आयतन सबसे ज्यादा होता है और आयतन उच्च होने से गैस के अणुओं का आयतन, गैस के जवजंस आयतन के तुलना में नगण्य हो जाता है और वास्तविक गैस आदर्श गैस के तरह इमींअम करता है।
उच्च ताप पर गैस के अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण बल कम हो जाता है। अतः वास्तविक गैस आदर्श गैस के जैसा इमींअम करता है।
906. आपेक्षिकता के विशेष सिद्धांत के अनुसार किसी कण का द्रव्यमान

(अ) एक प्रेक्षक के संबंध में वेग में बढ़ोत्तरी के साथ बढ़ता है ।
(ब) वेग में बढ़ोत्तरी के साथ घटता है
(स) वेग में कमी के साथ घटता है.
(द) अपने वेग से मुक्त रहता है
Ans- (अ)
907. लोहे में बहुत शीघ्र जंग कहाँ लगती है ?
(अ) वर्षा के जल में (ब) समुद्र के जल में
(स) आसुत जल में (द) नदी के जल में
Ans- (स) लोहे में बहुत शीघ्र जंग आसुत जल में लगता है। रासायनिक परिवर्तनों में ऊर्जा परिवर्तन भौतिक, परिवर्तनों के अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। पदार्थो का जलना, जंग लगना, किण्वन, अपघटन अभिक्रियाएँ, संयोजन अभिक्रियाएँ आदि रासायनिक परिवर्तन हैं।
908. जिंक (जस्ता) का लेप लगा देने से लोहे में जंग नहीं लगता। इस प्रक्रिया को कहते हैं-
(अ) जस्ता चढ़ाना (Galvanisation)
(ब) संक्षारण (Corosion)
(स) ऊर्ध्वपातान (Sublimation)
(द) अपचयन
Ans- (ब) लोहे में जंग नहीं लगने के लिए जिंक का लेप लगाना संक्षारण
विधि के द्वारा होता है।
909. वातित जल में यह अंतर्विष्ट होता है-
(अ)SO2 (ब) NO2
(स) H2 (द) CO2
Ans- (द) COR→ कार्बन डाईऑक्साइड
SO2→ सल्फर डाई ऑक्साइड
NO,→ नाइट्रोजन ऑक्साइड
H2 → हाइड्रोजन
910. मैग्नेटाइट है
(अ) Fe2O3 (ब) Fe3O4
(स) FeCO3 (द) 2Fe2O33H2O
Ans- (ब) Fe3O4 →मैग्नटाइट
Fe2O3→ हेमाटाइड
FeCO3→ सीडेराइट
2Fe2O3H2O → जंग लगा लोहा
911. वाष्पशील (सुगंध) तेलों में यह समाविष्ट है-
(अ) ऐल्केलॉइड (ब) टीनोइड
(स) पोरपॉइस (द) स्टेरॉयड
Ans- (स) वाष्पशील तेलों में पोरपॉइस सुगंधित रासायनिक पदार्थ है।
912. इस्पात में कार्बन का प्रतिशत है-
(अ) 3 से 5 (ब) 0.1 से 0.25
(स) 0.5 से 1.5. (द) 6 से 8
Ans- (स) 0.5 से 1.5 तक ही इस्पात में कार्बन की मात्रा है।
913. निम्नलिखित में से यूरिया को उत्पादित करने के लिए कौन अभिक्रिया करता है ?
(अ) अमोनियम क्लोराइड + कैल्सियम सल्फेट
(ब) कार्बन डाईऑक्साइड + अमोनिया
(स) अमोनियम सल्फेट + पोटाशियम साइनेट
(द) मेथैन दृ कार्बन मोनोऑक्साइड
Ans- (ब)
→ कार्बन डाईऑक्साईड + अमोनिया
CO2 + NH3
→ अमोनियम क्लोराईड + कैल्सियम सल्फेट
NH4Cl + CSaO4
→ मेथेन + कार्बनमोनो ऑक्साइड
CH4 + CO
→ यूरिया + NH2CONH2.
914. जल का स्थानान्तरण है
(अ) अपसुघटित (ब) संसुघटित
(स) A और B दोनों (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans- (स) जल में सह संजक बल और असंजक बल दोनों पाया जाता है। जिसके कारण इसका स्थानांतर अपसुघटीत संसुघटित दोनों कहा जाता है।
915. एक सुई या पिन जल के पृष्ठ पर इसके कारण प्लवमान होती (तैरती) है-
(अ) पृष्ठ तनाव (स) श्यानता
(ब) पृष्ठ ऊर्जा (द) आसंजी बल
Ans- (अ) पृष्ठ तनाव-द्रव के भीतर का अणु ससंजक बल के कारण अपने पड़ोसी अणुओं के द्वारा आकर्षित होता है। द्रव का ऊपरी पस्ठध्सतह स्वतंत्र होता है, जिसे स्वतंत्र पृष्ठ कहा जाता है।
ऽ दो भिन्न पदार्थो के अणुओं के मध्य लगने वाले आकर्षण बल
को आसंजक बल कहते हैं।
ऽ जो परतों के बीच होने वाली आपेक्षित गति को नष्ट करने का प्रयास करते हैं इस बलो को श्यान बल कहते हैं।
916. श्वेत फॉसफोरस सामान्यतः इसके अंतर्गत रखा जाता है
(अ) एल्कोहॉल (ब) जल
(स) ग्लिसरीन (द) मिट्टी का तेल
Ans- (द) श्वेत फास्फोरस मिट्टी के तेल में रखा जाता है क्योंकि यह हवा
में अभिक्रिया करके उड़ जाता है। मिट्टी के तेल में यह अभिक्रिया नहीं करता है।
917. फ्लैश बल्बों का तार इसका बना होता है
(अ) डह (ब) Ba
(स) Ca (द) Ag
Ans- (द)
918. एक स्वतः प्रक्रम के लिए-
(अ) धनात्मक है (ब) ऋणात्मक है
(स) शून्य के बराबर है (द) ऋणात्मक है
Ans- (ब)
यह प्रक्रिया जब सम्पन्न हो जब-तक ऋणात्मक न हो।
919. निम्नलिखित में से किसकी वेधन क्षमता सबसे उच्च है ? .
(अ) – किरण (ब) – किरण ,
(स) – किरण (द) – किरण
Ans- (स) गामा ( ) किरणों के गुण
1. ये किरणे विद्युततः उदासीन होती है। इस कारण विद्युत क्षेत्र में होकर गमन करते समय ये किरणें विचलित नहीं होती हैं।
2. ये किरणे अति लघु तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
3. ये किरणें कणों की नहीं बनी होती है।
4. इनका वेग प्रकाश के वेग के लगभग बराबर होता है।
5. इनकी मात्रा शून्य होती है । अतः गामा किरणें अद्रव्य प्रकृति वाली होती है।
6. अति उच्च वेग से गतिशील होने के कारण गामा किरणों की भेदन क्षमता और किरणों की तुलना में सबसे अधिक होती है।
7. इन किरणों का द्रव्यमान नहीं के बाराबर होने के कारण इनका फोटोग्राफिक प्लेट एवं जिंक सल्फाईड या बेरियम प्लैटिनोसायनाइड पर प्रभाव बहुत कम पड़ता है।
ऽ अल्फा (a ) किरणों के गुण
1. ये किरणें अति सूक्ष्म धन आवेशित कणों के बने होते हैं । इस कारण विद्युत क्षेत्र से होकर गमन करते समय ये किरणें विद्युत क्षेत्र के ऋण ध्रुव की ओर मुड़ जाती हैं।
2. प्रयोग के आधार पर यह पाया गया है कि – कण वस्तुतः द्विआवेशायुक्त हीलियम आयन (He++) है। इसकी मात्रा हाइड्रोजन परमाणु की मात्रा से चार गुनी अधिक होती है।
3. ये कण अत्यंत तीव्र वेग से रेडियोसक्रिय तत्वों के नाभिक से बाहर निकलते हैं। इसका वेग प्रकाश के वेग का लगभग भाग होता है।
4. इन कणों का द्रव्यमान अधिक होने के कारण इनकी गतिज ऊर्जा अधिक होती है।
5. इन किरणों को किसी गैस से होकर प्रवाहित करने पर ये आयनित कर देती है।
6. सबसे कम वेधन क्षमता
ऽ बीटा ( ) किरणों के गुण
1. ये किरणें ऋण आवेशयुक्त अत्यंत सूक्ष्म कणों की बनी होती है। इस कारण विद्युत क्षेत्र से होकर गमन करते समय ये किरणें विद्युत क्षेत्र के धन ध्रुव की ओर मुड़ जाती है।
2. इन कणों के लिए आवेश और द्रव्यमान का अनुपात कैथोड किरणों में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों के समान होता है । अतः ये किरणें इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह हैं।
3. इन किरणों का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान का होता है।
4. इन कणों का वेग प्रकाश के वेग का लगभग वां भाग होता है अर्थात इनका वेग ं – कण के वेग का नौ गुना होता है।
5. इनकी गतिज ऊर्जा ं- कणों से बहुत कम होती है, क्योंकि इनका द्रव्मान कम होता है।
920. धातु की शुद्धता का निर्धारण किसकी सहायता से किया जा सकता है?
(अ) पास्कल नियम (ब) बॉयल नियम
(स) अर्किमिडीज का सिद्धांत (द) द्रव्यमान संरक्षण का सिद्धांत
Ans- (द)
ऽ यदि गुरुत्वीय प्रभाव को नगण्य माना जाए तो सन्तुलन की अवस्था में द्रव के भीतर प्रत्येक बिन्दु पर दाब समान होता है। यदि गुरुत्वीय प्रभाव को नगण्य न मान जाय, तो समान गहराई पर स्थित सभी बिन्दु पर द्रव का दाब समान होता है। उसे पास्कल का पहला नियम कहते हैं।
921. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या है, जो ड शैली में मौजूद रह सकती है?
(अ) 2 (ब) 8
(स) 18 (द) 32
Ans- (स) जब इलेक्ट्रॉन किसी निश्चित कक्षा में परिभ्रमण करता है तो उसके साथ एक निश्चित मात्रा रहती है।
जैसे-M कक्षा में 18 इलेक्ट्रॉन, K कक्षा में = 2 इलेक्ट्रॉन,
L कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन N कक्षा में 32 इलेक्ट्रॉन
922. एक ऑक्सीजन अणु में दो परमाणु किससे बंधे होते हैं ?
(अ) एक आबंध (ब) दो आबंध
(स) तीन आबंध (द) चार आबंध
Ans- (ब) एक ऑक्सीजन अणु में दो परमाणु दो आबंध से बंधे होते हैं,
जैसे-O2, O = O
923. वायु में नाइट्रोजन गैस के लिए प्रतिस्थापित निष्क्रिय गैस कौन-सी है जिसका प्रयोग गहरे समुद्र में गोताखोरों द्वारा किया जाता है ?
(अ) निओन (ब) क्रिप्टेन
(स) आर्गन (द) हीलियम
Ans- (द) उच्चदाब पर गैस का प्रेशर अधिक होता है। जिसके कारण गोताखोरों को ऑक्सीजन लेने में कठिनाई होता है। जिसे कम करने के लिए हीलियम (अक्रिय गैस) भरा जाता है।
924. 92U238 परमाणु में कितने न्यूट्रॉन होते हैं ?
(अ) 92 (ब) 238
(स) 146 (द) 330
Ans- (स)
ऽ यूरेनियम कार्बाइड का उपयोग हैबर विधि में आमोनिया के उत्पादन में उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में किया जाता है । यूरेनियम के तीन समस्थानिक हैं।
(I)   (II)   (III)
प्रकृति में सबसे अधिक मात्रा U38 होता है।
925. अंतःशोषण की प्रक्रिया में क्या निहित है?
(अ) विसरण (ब) कोशिका क्रिया
(स) अवशोषण (द) (अ) और (ब) दोनों
Ans- (द) अंतः शोषण वह प्रक्रिया है । जिसमें किसी भी द्रव्य का गमन
कोशिका के अंदर होता है। अर्थात् यह एक विसरण भी है। और कोशिका क्रिया भी है।
926. किसमें रखे जाने पर कोशिका का आयतन बढ़ जाता है?
(अ) अतिपरासरणदाबी घोल (ब) अल्पपरासरणदाबी घोल
(स) समपरासरणदाबी घोल (द) इनमें से कोई नहीं
Ans- (ब) अल्पपरासरणदाबी घोल में कोशिका का आयतन बढ़ जाता है।

ऽ अतिपरासरणदाबी घोल में कोशिका का आयतन घट जाता है
ऽ समपरासरणदाबी घोल में कोशिका के आकार में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
927. CaC2 जल से उपचारित करने पर देता है
(अ) मिथेन (ब) कोशिका क्रिया
(स) एथिलीन (द) एसीटिलीन
Ans- (द)
CaC2 + 2H2o~ →C2H2 + (CaOH)2
इसमें मेथेन बनता है।
C2H6→ऐथेन, C2H4→ऐथिलिन, C2H2→एसीटिलिन
928. रबड़ किसका उत्पाद है ।
(अ) रेशा (ब) लैटेक्स
(स) राल (द) गोंद
Ans- (ब)
929. स्याही किससे बनाई जाती है ?
(अ) रंजक (ब) टेनिन
(स) स्टार्च (द) रबड़क्षीर (लैटेक्स)
Ans- (अ)
930. फॉर्मिक अम्ल किसके द्वारा उत्पादित किया जाता है ?
(अ) दीमक (ब) कॉकरोच (तिलचट्टा)
(स) लाल चींटी (द) मच्छर
Ans- (स) फार्मिक अम्ल चीटी के डंक में रहता है जिसके काटने के बाद जलन उत्पन्न होता है।
फार्मिक अम्ल-HCOOH