अनुभवमूलकता क्या है | अनुभववाद की परिभाषा किसे कहते है empiricism in hindi meaning sociology

By   November 22, 2020

empiricism in hindi meaning sociology अनुभवमूलकता क्या है | अनुभववाद की परिभाषा किसे कहते है समाजशास्त्र में मतलब अर्थ बताइए ?

शब्दावली
प्रसारवाद : एक समूह से दूसरे समूह तक संस्कृति के तत्वों के प्रसार का सिद्धांत
अनुभवमूलकता (empiricism) : प्रेक्षण तथा अनुभव पर निर्भर करने की क्रिया अथवा यह सिद्धांत कि अनुभव सभी प्रकार के ज्ञान का स्त्रोत है
एस्किमो उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड, अलास्का तथा पूर्वी साइबेरिया में बसा जन-समूह
नजातिविवरण (ethnography) :  यह समाज विशेष के जन-जीवन का वर्णनात्मक ब्यौरा होता है।
नृजातिशास्त्र (ethnology) : इसमें अनेक समाजों में संस्कृति के तत्वों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है।
विकास (evolution) : यह अवधारणा परिवर्तन तथा प्रगति पर आधारित है। किसी प्राणी के शरीर के संदर्भ में इसका अर्थ है निर्धारित समूह के जीन्स में वर्तन तथा प्राकृतिक चयन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से होने वाले परिवर्तन । मानव समाज के विकास के संदर्भ में इस अवधारणा का अर्थ है विकास के चरण, क्रमिक चरण जिनसे समाजों को गुजरना पड़ता है।
क्षेत्रीय शोधकार्य (field work) जिन लोगों का नृशास्त्रीय अध्ययन किया जाना हो, उनके क्षेत्र में जाकर अनुसंधान करने तथा समाज के सुव्यवस्थित सिद्धांत के आधार पर तथ्य एकत्र करने का कार्य
इरोक्वा इंडियन्स न्यूयॉर्क के अमरीकन इंडियन लोगों का परिसंघ, जिसमें कयूगा, मोहाक, ओनीडा, ओनानडागा और सेनेगा शामिल थे तथा बाद में टुसकरोरा जनजातीय लोग भी सम्मिलित हो गए
नैतिक दार्शनिक मानव आचरण तथा मूल्यों का अध्ययन करने वाले विद्वान
पिजिन इंगलिश विभिन्न भाषा-भाषी लोगों के बीच संपर्क के लिए अंग्रेजी-आधारित एक बोली जिसमें स्थानीय शब्दावली तथा व्याकरण का भी खूब प्रयोग किया जाता है
पितृवंश परंपरा जहाँ वंश परंपरा को पिता के माध्यम से जाना जाता है, उसे पितृवंश परंपरा वाला समाज कहते हैं
पितृसत्तात्मक व्यवस्था जहाँ वंश परंपरा के अतिरिक्त राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एव धार्मिक सत्ता पुरुषों के हाथ में हो
मातृवंश परंपरा जहाँ वंश परंपरा माँ के माध्यम से निर्धारित हो उसे मातृवंश परंपरा वाला समाज कहा जाता है
मातृसत्तात्मक व्यवस्था जहाँ वंश परंपरा के अतिरिक्त राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं धार्मिक सत्ता महिलाओं के हाथ में हो
बहुपति प्रथा एक महिला द्वारा दो अथवा दो से अधिक पुरुषों से विवाह की प्रथा
टोरेस स्ट्रेट्स अस्सी मीटर चैड़ी स्ट्रेट जो न्यूगिनी द्वीप समूहों तथा आस्ट्रेलिया के केपयॉर्क द्वीप के उत्तरी सिरे के बीच स्थित है

कुछ उपयोगी पुस्तकें
कूपर, एडम, 1975. एंथ्रोपोलिजिस्ट्स एण्ड एंथ्रोपोलोजीः दि ब्रिटिश स्कूल 1922-72. पेंगुइन बुक्सः लंदन

सारांश
मलिनॉस्की की संस्कृति, आवश्यकताओं तथा प्रकार्य की अवधारणाओं के विस्तृत अध्ययन के बाद यह आसानी से समझ में आ जाता है कि वह प्रकार्य की अवधारणा पूरी तरह विकसित नहीं कर पाया। जहां तक संस्कृति की उसकी अवधारणा का संबंध है, वह एक व्यापक अवधारणा विकसित करना चाहता था। इस प्रक्रिया में उसने अपना काम अत्यंत कठिन तथा दुरूसाध्य बना लिया। इस सबके बावजूद वह एक शक्तिशाली योद्धा माना जाता है, जिसने अपने समय के बहु-स्वीकृत सिद्धांतों को चुनौती दी। यही नहीं, उसने एक नृजातिविवरण करने तथा एक सिद्धांतकार की भूमिकाओं को मिलाकर समाजशास्त्रीय चिंतन में उल्लेखनीय योगदान किया। उसने यह दर्शाया कि नृजातिविवरण की सामग्री सैद्धांतिक व्याख्या के अभाव में किस प्रकार अर्थहीन है। पंद्रह वर्षों के अथक प्रयासों से उसने ऐसा सैद्धांतिक-तंत्र तैयार किया, जिसकी जड़ें अनुभवमूलक वास्तविकता में जमी रहने के कारण उसके परवर्ती विद्वानों द्वारा खूब इस्तेमाल में लायी गयीं। इस प्रकार, नृशास्त्र के इतिहास में उसका नाम अमर हो गया।

बोध प्रश्न 3
प) मलिनॉस्की प्रकार्यवाद को एक विचार पद्धति की अवधारणा की भांति विकसित करने में विफल रहा। परंतु समाजशास्त्रीय शोधकार्य को उसकी क्या विशिष्ट देन रही? तीन पंक्तियों में अपना उत्तर लिखिए।
पप) एक प्रकार्यात्मक साधन की तरह संस्कृति की व्याख्या करने में मलिनॉस्की को किस सिद्धांत से मदद मिली? तीन पंक्तियों में अपना उत्तर लिखिए।

बोध प्रश्न 3 उत्तर
प) मलिनॉस्की की समाजशास्त्रीय शोधकार्य को सबसे विशिष्ट देन है कि वह अपने आप एकत्रित सामग्री को क्षेत्रीय शोधकार्य द्वारा इकट्ठा करने पर विशेष जोर देता है।
पप) संस्कृति की एक प्रकार्यात्मक साधन की तरह व्याख्या की जा सके, इस उद्देश्य से मलिनॉस्की ने आवश्यकताओं के सिद्धांत का विकास किया।