परावैद्युतांक की परिभाषा क्या है dielectric constant in hindi

dielectric constant in hindi परावैद्युतांक  : जब दो समान परिमाण वाले आवेशों को एक समान दूरी पर रखकर विभिन्न माध्यमों में कार्यरत विद्युत बल का मान ज्ञात किया तो कूलॉम ने यह पाया की भिन्न भिन्न माध्यमों में विद्युत बल का मान अलग अलग प्राप्त होता है अर्थात दोनों आवेशों के मध्य का माध्यम बदलने पर विद्युत बल का मान भी भिन्न होता है।

कूलॉम ने अपने प्रयोगों से यह पाया की निर्वात (वायु ) में विद्युत बल का मान सबसे अधिक व कुचालक माध्यम में विद्युत बल अपेक्षाकृत कम होता है तथा दोनों आवेशों के मध्य सुचालक माध्यम होने पर बल का मान शून्य प्राप्त होता है।
अतः यह कहा जा सकता है की ” किसी माध्यम की उपस्थिति में आवेशों के मध्य विद्युत बल , निर्वात (वायु ) की तुलना में जितने गुना कम प्राप्त होता है उसे उस माध्यम का  परावैद्युतांक (dielectric constant) या आपेक्षिक विद्युत शीलता (relative permittivity ) अथवा विशिष्ट परावैधुतता  कहा जाता है।
परावैद्युतांक या आपेक्षिक विद्युत शीलता अथवा विशिष्ट परावैधुतता 
εr = F/Fm
चूँकि हम जानते है की 
तथा
अतः
εr = ε/ε0
εr  की विमा :
εr (परावैद्युतांक) एक विमाहीन राशि है अर्थात इसकी कोई विमा नहीं है।

कुछ माध्यम व उनके आपेक्षिक विद्युत शीलता के मान दिए गए है।

 माध्यम
 परावैद्युतांक
 हवा
 1.00059
 काँच
 5 – 10
 अभ्रक
 3 – 6
 पैराफीन मोम
 2 – 2.5
 आसुत जल
 80
 निर्वात
 1
 ग्लिसरीन
 42.5
 रबर
 7
 ऑक्सीजन
 1.00053
 सुचालक
 अनंत

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