DATA TYPES PART -2 in c computer language in hindi डाटा टाइप्स इन c कंप्यूटर भाषा

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डाटा टाइप्स इन c कंप्यूटर भाषा DATA TYPES PART -2 in c computer language in hindi :-

DATA TYPE article मे हमने C LANGUAGE के 4 BASIC data TYPE को पढ़ा|और इसके अलावा हमने ये भी देखा की प्रोग्रामर खुद भी अपना DATATYPE बना सकता है |आज इस article मे हम data type के बारे मे कुछ एडवांस TOPIC पड़ेगे |

ENUMERATION : TYPEDEF से प्रोग्रामर अपना data type खुद बनाता है|ठीक उसी प्रकार ENUM KEYWORD से PROGRAMMER अपना data type खुद बनाता है|लेकिन उस data type की SELECTED ENTRY होती जो प्रोग्रामर उसके DECLARTION मे SEPECIFIC कर देता है| इसका syntax है =: enum indentifier (value1,value2,……..valuen); इसमें indentifier user define data type जिन्हें बाद मे प्रोग्राम मे use किया जा सकता है|

उदहारण : #include enum day (Monday,Thursday,Wednesday,Friday,Saturday,Sunday); // Enum declaration void main () { enum day d1,d2; // Enum data type variable declaration d1=Monday; // Assign Monday into d1 d2=Friday; // Assign Friday into d2 if (d1==Monday) // Check condition { printf(“d1 is Ok .\n “); // Printing Command } If (d2==Wednesday) { printf(“d2 is not ok .”); } }

इस प्रोग्राम का आउटपुट : d1 is ok . d2 is not ok . C compiler enum के value को integer start begin from 0 assign करता है |जैसे उदहारण मे Monday को 0 ,Thursday को 1 ,Wednesday को 2 ………………. assign करता है |

Storage Class : C language केवल data type नहीं storage class की फैसिलिटी भी देती है |storage class data की location और visibility को define करता है|storage class की पहचान variable के declartion की position पर निर्भर करता है|

उदहारण के लिए: int a; main() { int b; float decimal; decimal=function(); } function() { int f=56; float f2=23.56; float sum ; sum=f+f2; return sum; }

इस प्रोग्राम मे variable a जो की main function से बहार declare है,उसे global variable कहते है |इस variable को पुरे programe मे किसी function मे use कर सकते है | variable b , decimal को local variable कहते है|इसे केवेल main function मै use कर सकते है| C language variable के life टाइम के अनुसार भी class को define कर सकता है|lifetime के अनुसार,class चार प्रकार की होती है |

1.Auto : सभी local variable का default class ऑटो होते है |इसकी life time केवल प्रोग्राम के execution period के समय तक होती है |

2.Static : local variable की lifetime प्रोग्राम के execution time के बाद tab तक होती है जब तक दूसरा function को call नहीं होता है |

3.Extern : Global variable इस class मे आते है,जिनकी life time प्रोग्राम के सभी functions के execution तक रहती है |

4.Register : local variable जो Register मे store होते है उसे Register variableकहते है | Variable As Constant : C language मे खुद के constant के आलावा user define constant की सुविधा भी देता है |

इन constant की value पुरे प्रोग्राम के execution मे same रहती है|प्रोग्रामर यूजर define constant को declare करने के लिए const identifier का यूज़ करता है |इसका syntax है | const int size = 58 ; इस उदहारण मे size एक constant है जिसके datatype integer है |इसके value पूरे प्रोग्राम मे 58 रहेगी |

Varibale As Volatile : जब प्रोग्रामर किसी variable को volatile declare करता है तो उसका मतलब होता है की उस variable की value किसी भी समय बदल सकती है |इसका syntax है | volatile int date ; यह पर date की value किसी बाहरी source से बदलती रहेगी |जब तक कोई fixed value इसमें assign नहीं कर दी जाती है|जब जब कोई value किसी variable मे assign होती है tab tab complier इस variable की value चेक करता है|