क्रांतिक वेग और रेनाल्ड संख्या (critical velocity and Reynolds Number in hindi)

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तरल  पदार्थ का क्रांतिक वेग (critical velocity of fluid in hindi) : किसी द्रव या तरल का वह वेग निश्चित वेग जिससे कम वेग पर तरल का प्रवाह धारा रेखीय प्रवाह होता है और इससे अधिक वेग पर तरल का प्रवाह विक्षुब्ध प्रवाह हो जाता है , तरल के उस निश्चित वेग को ही तरल का क्रान्तिक वेग कहते है।
किसी तरल पदार्थ का क्रांतिक वेग कई चीजो पर निर्भर करता है और इन विभिन्न प्रकार के कारको पर निर्भर करता है और इन सब कारकों में से रेनाल्ड संख्या होता है , अब हम रेनाल्ड संख्या के बारे में विस्तार से अध्ययन करते है और देखते है कि इसकी सहायता से क्रांतिक वेग इत्यादि कैसे ज्ञात किया जाता है।

रेनाल्ड संख्या (Reynolds Number)

किसी भी द्रव या तरल की प्रकृति को रेनाल्ड संख्या के आधार पर बताया जाता है अर्थात किसी पाइप से होने वाले द्रव का प्रवाह धारा रेखीय है या विक्षुब्ध प्रवाह है , इस प्रकृति को रेनाल्ड संख्या द्वारा बताया जाता है।
रेनाल्ड संख्या एक विमाहीन और मात्रकहीन राशि होती है।
परिभाषा : प्रति एकांक क्षेत्रफल जडत्वीय बल और प्रति एकांक क्षेत्रफल श्यान बल के अनुपात को उस तरल का रेनाल्ड संख्या कहते है। इसे NR से प्रदर्शित किया जाता है।
NR = प्रति एकांक क्षेत्रफल जडत्वीय बल / प्रति एकांक क्षेत्रफल श्यान बल
माना किसी पाइप की त्रिज्या r है तथा इसका अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A है , इस पाइप से p घनत्व वाला कोई तरल प्रवाहित हो रहा है तो उस तरल के लिए रेनाल्ड संख्या निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किये जाते है।
यहाँ v = तरल का वेग , p = घनत्व , r = पाइप की त्रिज्या , n = द्रव की चिपचिपापन
रेनाल्ड संख्या के आधार पर निम्न प्रकार तरल की प्रकृति को बताया जाता है –
1. यदि रेनाल्ड की संख्या 0 से 2000 के मध्य है तो तरल का प्रवाह धारा रेखीय प्रवाह होगा।
2. 2000 से 3000 के मध्य NR का होने पर द्रव का प्रवाह धारा रेखीय प्रवाह से विक्षुब्द में परिवर्तित हो जाता है।
3. 3000 से अधिक NR का मान होने पर द्रव का प्रवाह विक्षुब्द प्रकृति का होता है।